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अंकल और आंटी को एक साथ चोदा

… : राजू … , आज में आपको जो story सुनाने जा रहा हूँ, वो आज से करीब 6 महीने पहले की है। में बिहार से हूँ और मेरी उम्र 26 साल है। मेरी छाती 38 इंच, कमर 30 है, मेरा लंड 8 इंच लम्बा है। आज में आपको जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ, वो एक अंकल आंटी और मेरी है। ये मेरी सच्ची कहानी है, आज से करीब 6 महीने पहले में छबड़ा मेरे एक काम से गया हुआ था। में वहाँ पर मेरे एक दोस्त के फ्लेट में रुका हुआ था। छबड़ा में बहुत गर्मी पड़ती है तो रात को खाना खाने के बाद मैंने अपने दोस्त की बीवी से कहा कि मेरा बिस्तर छत पर लगाना, मुझे यहाँ पर बहुत गर्मी लग रही है। तो भाभी ने मेरा बिस्तर छत पर लगा दिया। अब छत पर एक अंकल शायद 45 साल और आंटी शायद 40 साल की सोए हुए थे, उनका बिस्तर मेरे पास ही था। अब अंकल बीच में सोए हुए थे और उनके एक तरफ आंटी और दूसरी तरफ में था।फिर रात के करीब 1 बजे मेरी नींद उड़ी, तो अंकल मेरे पैरो पर अपना पैर रगड़ रहे थे। मैंने नीचे बरमूडा पहने हुआ था और ऊपर कुछ नहीं पहने था और अंकल ने लुंगी पहनी हुई थी। अब अंकल अपना पैर मेरे पैर पर घुटनों के नीचे रगड़ रहे थे। उनको शायद ऐसा लगा था कि में सो रहा हूँ, लेकिन मेरी नींद उड़ चुकी थी। अब अंकल धीरे-धीरे अपना पैर ऊपर की तरफ ले जा रहे थे। अब वो मेरी जाँघो तक पहुँच गये थे। अब मेरा तो लंड एकदम टाईट हो गया था। फिर उन्होंने अपने हाथों से मेरी जाँघ पर  अपना हाथ फैरना शुरू किया। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अब वो अपने एक हाथ से अपने लंड को पकड़कर मुठ मार रहे थे और दूसरे हाथ से मेरी जाँघो को सहला रहे थे।फिर उन्होंने मेरी छाती पर अपना एक हाथ रखा और मेरे बूब्स पर अपना अपना हाथ फैरने लगे थे।  फिर वो मेरी निप्पल पर अपनी उंगलियाँ फैरने लगे और थोड़ी देर के बाद उन्होंने मेरे बरमूडे के नीचे से अपना एक हाथ डाला और मेरे चड्डी के ऊपर से अपना हाथ फैरने लगे थे। फिर अंकल ने मेरे चड्डी के नीचे से मेरा 8 इंच का लंड बाहर निकाला और उसको सहलाने लगे और अपने दूसरे हाथ में अपना लंड पकड़कर मुठ मारने लगे थे। फिर थोड़ी देर के बाद वो नीचे आ गये और मेरा लंड अपने मुँह में डालकर चूसने लगे थे। अब उन्होंने मेरा पूरा लंड अपने मुँह में डाल दिया था। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, अब में उनके मुँह में धक्के देने लगा था। अब वो दूसरी तरफ मुँह करके सो गये थे और अपनी लुंगी पूरी उठाकर उनकी गांड मेरी तरफ कर दी, लेकिन मुझे उसमें कोई रूचि नहीं थी। उनकी गांड बहुत गोरी थी और उनके बदन पर एक भी बाल नहीं था, पूरा क्लीन था।फिर मैंने उनको मना कर दिया कि मुझे उसमें रूचि नहीं है, मुझे सिर्फ़ औरतों में रूचि है। तब वो बोले कि में तुम्हें बहुत मज़ा कराऊंगा, लेकिन में नहीं माना, तो तभी मेरे दिमाग में एक बात आई उसके पास जो आंटी सोई हुई थी, वो बहुत खूबसूरत और गोरी थी, उसके बूब्स बहुत बड़े-बड़े और गोल- गोल थे। फिर मैंने कहा कि अगर आंटी मुझे चुदाई करने दे तो में करूँगा। तो वो बोले कि ठीक है, लेकिन पहले तुम्हें मेरी गांड मारनी होगी। फिर मैंने कहा कि मुझे शर्त मंजूर है। फिर दूसरे दिन दोपहर को में खाना खाने के बाद उसके घर गया। अब मुझे तो आंटी के साथ चुदाई के ही विचार आ रहे थे। फिर मैंने डोरबेल बजाई, तो आंटी ने दरवाजा खोला और मेरे सामने मुस्कुराई तो में समझ गया कि अंकल ने सब बता दिया होगा। उस घर में आंटी और अंकल ही रहेते थे, उनके दोनों बेटे अमेरिका में थे। अब आंटी ने दो गद्दे नीचे लगाए थे। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।…फिर थोड़ी देर के बाद अंकल स्नान करके बाहर आए, उन्होंने सिर्फ टावल लपेटा हुआ था, उनके बदन पर एक भी बाल नहीं था और उनके बूब्स बिल्कुल लड़कियों जैसे थे। फिर में नीचे गद्दे पर लेट गया और फिर आंटी मेरे पास में सो गयी और धीरे-धीरे बिल्कुल मेरे पास आ गयी थी। फिर उन्होंने कहा कि तुम बहुत ही हैंडसम हो और तुम्हारी बॉडी बहुत अच्छी है। फिर आंटी ने कहा कि तुम्हारे अंकल को तो मुझमें रूचि ही नहीं है, उनको तो लड़के ही पसंद है, वो कई महीने से मेरे साथ सोए नहीं है, मुझे तो चुदाई करने की बहुत इच्छा होती है, लेकिन क्या करूँ? आज तो तुम मेरे साथ जी भरकर चुदाई करना मेरे राजा और मुझे ज़ोर से किस कर दिया। अब में भी उनके बूब्स दबाने लगा था। तभी इतने में अंकल भी आ गये और फिर उन्होंने अपना टावल निकाल दिया। उनका लंड बिल्कुल छोटा था, करीब 4 इंच का होगा। अब अंकल भी मुझे किस करने लगे थे। अब मेरे एक तरफ आंटी थी और दूसरी तरफ अंकल थे।  अब वो दोनों मेरे बदन से खेल रहे थे।फिर आंटी ने मेरे कपड़े निकाल दिए और फिर वो भी पूरी नंगी हो गयी, उसका बदन स्लिम नहीं था उसकी कमर मोटी थी। अब वो दोनों मेरे लंड को बाहर निकालकर चूसने लगे थे। फिर आंटी ने कहा कि तुम्हारा लंड तो काफ़ी बड़ा है। फिर अंकल ने मेरे लंड पर तेल लगाया और मुठ मारने लगे थे। अब उन्होंने मेरा लंड पूरा चिकना कर दिया था। फिर उन्होंने अपनी गांड पर तेल लगाया और कुत्ते की तरह घुटनों पर हो गये और मुझसे कहा कि पूरा लंड डाल दे। फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड पर रखकर एक धक्का दिया, लेकिन मेरा लंड घुस ही नहीं रहा था। फिर मैंने उनके दोनों कूल्हों को अपने दोनों हाथों से फाड़ दिया और अपने लंड से एक धक्का दिया तो पहले तो मेरा सिर्फ़ सुपाड़ा ही अंदर गया और फिर मैंने ज़ोर से एक धक्का लगाया तो मेरा पूरा लंड अंदर चला गया था। अब में धक्के लगाने लगा था और आंटी अंकल के लंड को अपने हाथ में रखकर मुठ मारने लगी थी। फिर थोड़ी देर के बाद अंकल ने अपना सफेद पानी निकाल दिया और अंकल दूसरे कमरे में चले गये।फिर आंटी तो मुझ पर टूट पड़ी, वो कई महिनों से प्यासी जो थी। फिर उसने मेरे पूरे बदन पर किस किया और मेरे लंड को तो पूरा अपने मुँह में डाल दिया और लॉलीपोप की तरह मेरे लंड का सुपाड़ा चूसने लगी थी। अब में तो पूरा मदहोश हो गया था। फिर उसने अपने बूब्स मेरे पूरे बदन पर रगड़े। फिर उसने कहा कि तुम्हारे बदन पर तो कितने बाल है? तुम तो पूरे मर्द हो। तब मैंने कहा कि अभी तो मर्दानगी दिखानी बाकि है। फिर उसने अपना एक बूब्स मेरे मुँह में रख दिया, तो में उसके बूब्स की बड़ी- बड़ी निप्पल को चूसने लगा और उसके बूब्स को अपने दांत मारने लगा था। उसके बूब्स बिल्कुल ढीले और लचीले थे। फिर में उसके दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथों में रखकर ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा, उसके बूब्स मेरे हाथो में भी नहीं समा रहे थे। फिर वो उल्टी सो गयी और मुझे गांड मारने को कहा। फिर मैंने उसकी भी गांड मारी। फिर करीब 15 मिनट तक उसकी गांड मारी, उसकी गांड बहुत बड़ी थी। अब उसको दर्द भी नहीं हो रहा था।फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गयी और मेरे लंड को उसकी अपनी चूत पर रगड़ने लगी थी। उसकी चूत गीली और चिकनी हो चुकी थी। फिर मैंने उसको चाटना शुरू किया और उसकी पूरी चूत अपने मुँह में डाल दी।  उसके मुँह से आवाज निकल गयी उईईईईईई माँ कितना मज़ा आ रहा है? और चाटो मेरी पूरी चूत, फाड़ दो। फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा था। फिर में खड़ा हो गया और आंटी को टेबल पर सुलाया और फिर मैंने खड़े-खड़े उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया। मेरा पूरा लंड फट से अंदर घुस गया और उनकी चूत बहुत बड़ी थी। फिर में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा और अपने दोनों हाथों से उनके बूब्स दबा रहा था। फिर करीब आधे घंटे के बाद हम दोनों एक झड़ गये। फिर हम लोगों ने एक बार और मजे लिए और फिर में वहां से निकल आया ।।धन्यवाद ……