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आंटी का काम तमाम कर डाला

… : अभिषेक … , में नियमित पाठक हूँ। मेरा नाम अभिषेक है, अब में आपका ज्यादा समय ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी story पर आता हूँ। यह कहानी उन दिनों की है, जब में कॉलेज में पढ़ता था। वैसे में आपको अपने बारे में बता दूँ। मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच है, में दिखने में बहुत ही हैंडसम हूँ और वजन 60 किलोग्राम है। में आज जिस आंटी की कहानी आपको बताने जा रहा हूँ उनकी उम्र उस वक़्त 48 साल की होगी और मेरी 18 साल थी। आज में 28 साल का हूँ, तो इस कहानी को 19 साल हो गये है। फिर एक दिन रात को में जूनागढ़ गुजरात से बोरीवली जा रहा था। फिर जब में महासागर ट्रेवल के ऑफिस पर पहुँचा तो मैंने देखा कि मेरी एक आंटी भी वहाँ है। वैसे वो मेरे मम्मी की दूर की रिश्तेदार है तो तब मैंने उनके पास जाकर हाए किया और उनसे पूछा कि आप भी बोरीवली जा रही हो? तो तब उन्होंने कहा कि हाँ और मेरे साथ मेरी सास भी है।फिर जब हम लोग बस में चढ़े तो वहाँ पहले से ही भीड़ थी। फिर आंटी ने उसकी सास को आगे सीट दिला दी और अब वो आगे खड़ी थी और में उनके पीछे खड़ा था। फिर जब अगला स्टेशन आया तो बस की एक सीट खाली हुई और फिर हम दोनों पास-पास बैठ गये। अब मेरे मन में कोई गलत ख्याल नहीं था, लेकिन थोड़ी देर के बाद लगा कि कोई मेरे पैर को उनके पैर से बार-बार टकरा रहा है। फिर कई बार मैंने पीछे मुड़कर भी देखा, लेकिन पिछली सीट पर एक बुजुर्ग आदमी था। अब रात का अंधेरा था, अब मुझे थोड़ी बहुत नींद भी आ रही थी। फिर कुछ देर के बाद मैंने देखा कि आंटी सो गयी है, अब उसका सिर मेरे कंधे पर था, अब उसकी उंगली मेरे हाथ को टच कर रही थी। अब जब भी टर्न आता था, तो वो मुझे पकड़ लेती थी। अब पता नहीं क्यों मुझे कुछ-कुछ हो रहा था? तो तभी इतने में ड्राइवर ने जोरदार ब्रेक मारी और उसने मेरे लंड पर अपना एक हाथ रख दिया और मेरे पैर पर अपना पैर रख दिया था।अब में समझ गया था कि आंटी मूड में है, लेकिन यह मेरा पहला अनुभव था और वो भी एक आंटी के साथ, जो कि मेरी मम्मी की उम्र की थी। अब में बहुत डर रहा था, लेकिन आहिस्ता- आहिस्ता मैंने भी उसके हाथ पर अपनी उंगलियाँ घुमानी शुरू की तो उसने कोई विरोध नहीं किया। फिर मेरी हिम्मत बढ़ गयी। अब इसी दौरान उसने अपने पल्लू से अपने पेट को और बूब्स को कवर कर लिया था। अब में आसानी से उसके पैर की तरफ आगे बढ़ सकता था। फिर धीरे-धीरे मैंने अपना हाथ उसके पेट की तरफ आगे बढ़ाया और उसकी नाभि को आहिस्ता से सहलाया, तो वो मचल उठी। अब में डर गया था। अब हर 5 मिनट के बाद स्टेशन आ जाता और बस रुक जाती थी और मुझे अपना हाथ हटाना पड़ता था।फिर कुछ देर के बाद मैंने हिम्मत करके अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रख दिया, तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। अब में इतना डर गया था कि यू समझ लो कि ऐसा लगा कि अब तो काम से गया। लेकिन उसने मेरा हाथ पकड़कर अपने बूब्स पर घुमाना शुरू कर दिया और आहिस्ता से मेरा हाथ अपनी चूत पर ले गयी और में अपने एक हाथ से उसकी साड़ी के ऊपर से ही सहलाता रहा, तो तभी इतने में बोरीवली आ गया। फिर मैंने आंटी से पूछा कि आपको आपके घर पर छोड़ दूँ? तो तब उन्होंने कहा कि नहीं मुझे मेरी सास के साथ उसके घर जाना है और फिर वो चली गयी। फिर कुछ दिन के बाद हम एक शादी में मिले तो में उसे देखता ही रहा, वो बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर जब मैंने पल्टी ली, तो वो मेरे पीछे ही थी। वैसे हम आपसी रिश्तेदार थे और वो मेरी मम्मी की उम्र की थी इसलिए कोई शक भी नहीं कर सकता था।…फिर उसने खाना लेते वक़्त मुझसे कहा कि यह पेपर नेपकिन ठीक नहीं है, तुम इसे प्लीज डस्टबिन में डाल दो और मेरे लिए दूसरा लाओ प्लीज। उस पेपर नेपकिन में कोई प्रोब्लम नहीं था, लेकिन सिर्फ़ इतना लिखा था कि 2 बजे मेरे घर पर कल फोन करो। अब मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था। फिर जब में दूसरा नेपकिन देने गया, तो मैंने उसे आँख मारी। अब वो लाल हो गयी थी। फिर दूसरे दिन फोन करने की बजाए में उसके घर पहुँच गया। उसके घर में वो सिर्फ़ उसके बेटे और बेटी के साथ रहती है, उनके पति बहुत साल पहले से ही परलोक पहुँच चुके है, जवानी का जोश जो था। फिर आंटी बोली कि रूको मुझे डर लग रहा है और शर्म भी आ रही है। तो तब मैंने कहा कि अब तक जो किया तब तक शर्म नहीं आई? और डर किस बात का? तुम औरत हो और में मर्द हूँ, हम दोनों प्यासे है इसमें गलत क्या है? तो तब वो कहने लगी कि किसी को पता चल गया तो? तो तब मैंने कहा कि कौन बताएगा? और फिर इसी दौरान मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसके ऊपर आ गया और सीधा उसके होंठो पर किस किया और उसके बूब्स दबाने लगा था। अब वो गर्म हो गयी थी। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर उसने मेरे मुँह में अपनी जीभ घुसानी चाही, लेकिन में अनाड़ी था। फिर वो मेरे होंठो पर अपनी जीभ फैरती रही। फिर मैंने उसकी साड़ी को हटाना चाहा। तो वो कहने लगी कि नहीं प्लीज ऊपर से ही कर लो, तो तब मैंने कहा कि कैसे? तो तब उसने कहा कि कपड़े पहने ही। तो तब मैंने कहा कि मुझे ऐसे नहीं चाहिए और तुम सुन लो अगर आज नहीं तो कभी नहीं। फिर उसने कहा कि प्लीज समझने की कोशिश करो। तब मैंने कहा कि अगर लेना है तो पूरा चाहिए वरना आज के बाद भूल जाओ। तब उसने कहा कि मैंने विसपर रखा है। तो तब मैंने कहा कि जो भी है मुझे आज और अभी चाहिए। तो तब उसने कहा कि रूको में अभी आती हूँ और फिर वो बाथरूम में चली गयी और विसपर हटाकर आ गयी। फिर जब मैंने उसके ब्लाउज को खोला तो पागल हो गया, क्या मस्त और टाईट बूब्स थे उसके? अब में ज़ोर-ज़ोर से उसके बूब्स को दबाने लगा था।फिर तब उसने कहा कि प्लीज अभी आहिस्ता से करो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है। फिर जब मैंने उसकी पूरी साड़ी हटानी चाही, तो उसने कहा कि नहीं प्लीज अगर तुम पूरे कपड़े उतारने को कहोगे तो में तुम्हारे साथ नहीं करूँगी। तब मैंने कहा कि ठीक है। फिर मैंने उनकी साड़ी को जांघो तक उठाया और अपने पैरो को उसके पैरो से रगड़ता रहा, किस करता रहा, बूब्स दबाता रहा। फिर उसने पूछा कि आज तक कितनी बार किया है? तो तब मैंने कहा कि आज आपके साथ पहली बार कर रहा हूँ। फिर मैंने उनसे पूछा कि और आपने? तो वो हँसने लगी, लेकिन जवाब नहीं दिया। फिर कुछ देर तक हम लोग ऊपर नीचे होते रहे तो तब उसने कहा कि तुम बहुत देर लगाते हो। तब मैंने कहा कि आप तैयार हो? तो उसने अपनी नजरे झुका ली।फिर मैंने उनकी साड़ी में अपना एक हाथ डालकर उसकी पेंटी निकाल दी और उसके ऊपर जाने लगा तो तब उसने कहा कि रूको बिना कंडोम के नहीं। तब मैंने कहा कि कंडोम में अपने साथ में लेकर आया हूँ, लेकिन मुझे लगाना नहीं आता है। तब उसने कहा कि अच्छा बच्चू तो पहले से ही इरादा करके आए हो कि आज काम तमाम करके ही जाना है। फिर में कुछ नहीं बोला और कंडोम का पैकेट उसको थमा दिया। फिर उसने कंडोम निकालकर मेरे लंड पर जैसे ही लगाया तो मेरा लंड तनकर तंबू हो गया और अब उसकी आँखों में अजीब सी चमक आ गयी थी। अब में उनके पैरो के बीच में था और फिर उसने मेरा लंड पकड़कर उसकी चूत पर रगड़ा और कहा कि धक्का दो। फिर जैसे ही मैंने धक्का लगाया तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया और उसके मुँह से आह निकल गया।फिर मैंने एक और झटका दिया तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत में चला गया था। फिर में थोड़ी देर तक ऐसे ही पड़ा रहा। अब मेरा पहली बार होने की वजह से कुछ ही देर में मेरा पानी निकल गया था। फिर आंटी ने कहा कि अब तुम जल्दी जाओ, नहीं तो मेरा बेटा या बेटी कोई भी आ जाएगा तो प्रोब्लम हो जाएगी। फिर जब में अपने कपड़े ठीक करके जाने लगा तो तब उसने मुझसे पूछा कि तुम्हें मज़ा आया? तो तब मैंने कहा कि बहुत और आपको? तो तब उसने कहा कि बहुत मजा आया और फिर उसने अपनी पेंटी पहन ली और कंडोम लेकर बाथरूम में चली गयी और फिर में वहाँ से निकल गया। में आज भी हैडसम हूँ और उस आंटी को चाहता हूँ और उससे मिलने की कोशिश करता हूँ, लेकिन मिल नहीं पाता हूँ। में मेरी लाईफ की उस पहली चुदाई को कभी नहीं भूल सकता हूँ ।।धन्यवाद ……