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किस्सा सुहागरात का

किस्सा सुहागरात का
मैं बिस्तर मैं घूँघट करे बैठी थी इनके इन्तजार में 
ये आये कमरे में घुसते ही दरवाजा बंद किआ और मेरे पास आकर बैठ गए 
मेरा हाथ अपने हाथों में लेकर प्यार से किस किआ और फिर प्यार से मेरा घूँघट हटाते हुए एक सुन्दर सी चैन मेरे गले में डाली जिसके लॉकेट में हम दोनों का फोटो था
फिर हाथों मैं हाथ लिए कुछ पल हम एक दूसरे की आँखों में देखते हुए कहीं खो गए फिर अचानक इनका हाथ मैंने अपने बालो में महसूस किआ
कुछ देर इसी तरह रोमांटिक मूड में एक दूसरे को प्यार करते रहे और ढेर सारी बातचीत कीं
फिर बातचीत करते करते ही प्यार से धीरे धीरे इन्होने मेरे सारे गहने उतार दिए एक भी नहीं छोड़ा और अपना सूट उतारते हुए मुझसे बोले चलो हाथ मुह धो के थोड़ा फ्रेश हो लो जान आज हमारे मिलन की पवित्र रात है
मैं उनका इशारा समझ गयी और बाथरूम में जाके मैंने साड़ी उठा के अपनी चूत एक बार फिर साफ़ कर ली और वापस आ गयी
ये क्या इन्होने तो तब तक अपने सारे कपड़े उतार लिए थे सिर्फ अंडरवियर पहने थे जिसमे सीधे मेरी नज़र इनके तने लंड पे पड़ी तो उसे देखके मेरी नज़र शर्म से झुक गयी और पूरे जिस्म में एक सनसनी सी दौड़ गयी वह आज क्या मिलन होने वाला है मैं बहुत ख़ुशी ख़ुशी बिस्तर पर शर्मा के सर झुका के बैठ गयी
ये मेरे पास आये और मेरे चेहरे को अपने हाथों में भरके मेरे माथे पर मेरा पहला चुम्बन लिया फिर मेरे गालो पे वाह मैं बहुत खुश हो रही थी और धीरे धीरे अपना जिस्म उनकी बाहों में सोंप रही थी अहा मेरे राजा आज जी भर के मेरा जिस्म अपने रंग में रंग दो पूरा समां जाना मेरे अंदर ऐसा सोच ही रही थी की
इन्होने मेरी साड़ी पूरी मेरे जिस्म से अलग कर दी और मेरे ब्लाउज के ऊपर से मेरे उरोज को महसूस करने लगे
फिर इन्होने मेरी बहुत सारी चुम्मी लीं पूरे जिस्म की और जगह जगह पर चाटा उफ़ कितना अच्छा लग रहा था मुझे खासकर मेरी गर्दन पर जब ये जीभ से चाट रहे थे
फिर इन्होने धीरे धीरे मेरे ब्लाउज के सारे हुक खोल दिए और ब्रा के ऊपर से मेरे उभारो को दबाने लगे वाह कितना अच्छा लग रहा था अपना दूसरा हाथ कभी मेरी पीठ तो कभी मेरी गर्दन मेरे पेट पे चलाते चलाते पेटीकोट उठा के मेरी जांघो तक ले गए
उई मेरे मुह से निकल गया जैसे ही इनका हाथ मेरी चूत के पास से गुजरा इन्होने अपना हाथ वही रोक लिया और तुरंत झुककर मेरी चूत की खुसबू सूंघने लगे और बोले वाह कितनी मदहोश कर देने वाली सुगंध है ये जी करता है इसमें समां जाऊ जान परमिशन है
मैंने शर्म से सर और झुका दिया तो इन्होने मेरे पेटीकोट के अंदर ही अपना पूरा मुह सीधे मेरी जांघो से होते हुए मेरी चूत के पास तक लगा दिया साथ ही साथ अपने हाथो से मेरे उरोजो को ब्रा हटा के दबाने की कोशिस करने लगे
उनके इस चूत के दीवानेपन को देखकर मैं बहुत खुश हुई और मैंने तुरंत अपना ब्लाउज और ब्रा जिस्म से अलग कर दिए साथ ही पेटीकोट का नारा भी पूरा खोल दिया क्योंकि मैं भी पागल हो रही थी और चाह रही थी की अब वो मेरी चूत चाटे और उन्होंने भी मेरी रजामंदी देखके मुझे तुरंत लिटा के चूत पर अपने होतो से मीठा मीठा सा हमला बोल दिया उफ़
उफ़ ये क्या मेरा पेटीकोट कब मेरे जिस्म से अलग हुआ मुझे तो पता ही नहीं चला ये पूरा मुह लेके मेरी चूत में घुस गए थे और बुरी तरह से चूस तो कभी चाट रहे थे
इनके दोनों हाथ ऊपर मेरे उरोजो का बड़े प्यार से मान मर्दन कर रहे थे और मैं पागल होने लगी थी
मैंने अपना पूरा जिस्म उनके हवाले कर दिया था जिसे वो अच्छी तरह से निचोड़ रहे थे मेरा सारा जूस पिए जा रहे थे और क्या मस्त उरोज दबा रहे थे मैं पूरी तरह गरम हो चुकी थी और अब चुदने को बेताब हो रही थी मुझसे और रुका नहीं जा रहा था तो मैंने भी इनका अंडरवियर खिसका के लौड़ा आखिरकार अपने हाथो में ले ही लिया
मेरा इशारा समझकर इन्होने एक पल की भी देरी नहीं की और तुरंत मेरी टांगो को चोडा करके अपने कंधे पे रख लिया
अब इनका लिंग मेरे योनि द्वार पे था और हम दोनों के मिलन का समय आ पहुंचा था
मैंने खुद ही इनका लंड अपने योनि द्वार पे रखा और जैसे अंदर डालने की विनती कर रही थी
इन्होने भी एक पल की भी देरी किये बिना आहिस्ता से लंड का धक्का मेरी चूत में डाल दिया
मगर ये क्या सारा मजा एकदम दर्द में बदल गया और मेरे मुह से एक जोर की चीख सी निकली जिसे इन्होने मुह पे हाथ रखके दबा दिया और एक और तेज झटके से बहुत संभल के लंड पूरा मेरी चूत में डॉल दिया
आई मैं दर्द से थोड़ा छटपटाने लगी थी लेकिन इन्होने रूककर मुझे बड़े प्यार से समझाया और फिर धीरे धीर लंड को आगे पीछे किआ
ओह थोड़ी देर में ही ये मुझे फिर से अच्छा लगने लगा
वाह अब मन और जोर से अंदर बाहर करके चुदने का होने लगा तो मैंने भी नीचे से सपोर्ट देना शुरू कर दिया
मेरे मुह से अब हलकी हलकी आवाजे अपनेआप ही आने लगी थी आह ऊ उफ़ ……
और ये धीरे धीरे अपनी स्पीड बढ़ाने लगे
उफ़ ऊई आए आई मा आह्ह ओह्ह aauchh उफ़ मेरी आवाजे और जोर जोर से बढ़ने लगी थी और इनकी स्पीड भी और साथ ही साथ निचे चूत से आवाजे आ रही थी फक्क पट्ट पच्चपच्च
ओह कितना सुन्दर नजारा था आज जैसे पहली बार धरती पर जन्नत मिली हो मेरा पूरा जिस्म एक अलग ही एहसास से भर गया था और मेरी साँसे बढ़ती जा रही थीं
मैंने इन्हे अपने ऊपर कास के दबा लिया और में भी निचे से धक्के मरने की कोशिश करने लगी उफ़ कैसी जन्नत में आ गयी थी मैं
इन्होने भी पुरे जोर जोर से फक्क फक्क पट्ट पट्ट की आवाजो के साथ मुझे बहुत बुरी तरह से अब ा शुरू कर दिए था हमारी आवाजें पर कमरे में गूंज रही थी
पडोसी भी जान गए होंगे की मैं चुद रही थी
वह क्या असीम आनंद आ रहा था मन रुकने का कर ही नहीं रहा था
तभी अचानक मुझे चूत में इनका गरम गरम लावा महसूस हुआ और साथ ही मेरी चूत से भी पानी निकल गया ..
उफ़. हम दोनों झड़ चुके थे मगर ये पहली बार की चुदाई एक यादगार बन गयी फिर मैंने इन्हे अपनी बाहों में समां लिया और ये उसी पोजीशन में चूत में लंड छोड़कर सर मेरी छाती पे रखकर लेट गए
थोड़ी देर हम दोनों एक दूसरे को सहलाते रहे और चुम्मी करते रहे फिर ना जाने कब आँख लग गयी और वैसे ही सो गए …

पर ये क्या कुछ मिनट्स के बाद ही मेरी आँख खुल गयी क्योंकि मुझे चूत में कुछ खुजली सी महसूस हुई
उफ़ ये क्या ये तो फिर से इनका लंड खड़ा हुआ मेरी चूत फाड़ने को बेताब हो रहा था और ये शायद मेरे जागने की ही वेट कर रहे थे
बड़े प्यार से मेरे बालो को सहलाते हुए इन्होने पूछा कैसा लग रहा है जान
तो मैंने प्यार से सर हिला दिया और इनका मुह प्यार से अपनी बाहों में ले लिया
ये बेकरार थे तो इस बार ये रुके नही और आहिस्ता आहिस्ता मेरी चूत में लंड रगड़ना शुरू कर दिया
मैंने भी इनको पूरा सपोर्ट दिया तो इन्होंने अपना एक हाथ मेरे बूब्स पे मसला और मुह में दूसरा बूब्स भरके चाटने लगे जिससे मैं बहुत गरम हो गयी
अब इन्होने मुझे फिर से जोर जोर से ा शुरू कर दिया और एक बार फिर
फक्क फक्क पक्क पच्च के साथ साथ उउउ आए आई अहा आ आ आ आऐइइइइइइइइइइइइइ की आवाजो के साथ पूरा कमरा गूंजने लगा
उफ़ क्या मस्त चुदाई हो रही थी मेरी शादी की पहली ही रात है अब आगे तो जाने कितना े वाले हैं ये मुझको उफ़ आह ऐसा सोच के मन ही मन बहुत मुस्कुरा रही थी मैं
वाह पहली रात मैं ही क्या जन्नत दिखा दी इन्होंने कितना प्यारा मर्द मिला है मुझे वाह
अहा आह आह करते करते मैं फिर झड़ गयी और एक बार फिर अपना गरमागरम लावा सारा मेरे अंदर डालकर ये वैसे ही सो गए..
पर अब मेरी नींद तो गायब हो गयी थी पता नहीं ये कब जाग जाएँ और कब फिर से चोद दें मैं इसी सोच मैं कुछ देर जागती रही….
इसके आगे की कहानी मैं आपको अगली story मैं बताउंगी ….
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