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चुदक्कड़ भाभी ने पति से बदला लिया

… : विक्की … , में विक्की एक बार फिर से आप सभी डॉट कॉम के चाहने वालों की सेवा में हाजिर हूँ। में लुधियाना पंजाब का रहने वाला हूँ। अब में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। मैंने हरलीन को ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले खूब चोदा और वो मेरे लिए एक बहुत अच्छा काम कर गयी थी। वो मुझे अपनी एक बहुत अच्छी सहेली से मिलवाकर उससे मेरी बात करवाकर यह देश छोड़कर जा चुकी थी। उसकी वो दोस्त भी उसी की तरह एक हाई सोसाइटी की औरत थी। उसकी उम्र करीब 34 साल के करीब थी और उसका नाम सिम्मी था। उसके बूब्स का आकार 38-34-36 था और उसकी लम्बाई करीब 5.6 इंच होगी। वो आसपास की किसी कोलोनी के बी-ब्लॉक में ही रहती थी और यह सभी मुझे कुछ दिनों बाद ही पता चला। अच्छे हंसमुख स्वभाव खुले विचारों की वजह से सिम्मी से मेरा बहुत ही कम समय में बहुत अच्छा रिश्ता बन गया था, इसलिए वो भी मेरी एक बहुत अच्छी दोस्त बन चुकी थी। वो मुझसे बहुत हंसी मजाक किया करती थी। फिर एक दिन सिम्मी का मेरे पास फोन आया और वो उस समय बहुत रो रही थी, जब मैंने उससे इस तरह से रोने की वजह के बारे में पूछा तो उसने मुझसे कहा कि वो बहुत उदास है और उसने उसी समय मुझे कहीं मिलने के लिए कहा।फिर मैंने उससे कुछ देर बातें करके शांत कर दिया और उसके बाद हम दोनों उसी शाम को एक माल में कॉफी की दुकान पर मिले, उस समय भी वो अपने चेहरे से मुझे बहुत ही उदास लग रही थी। फिर मैंने उससे उसकी उदासी की वजह के बारे में पूछा और तब उसने मुझे बताया कि उसके पति का एक तलाकशुदा औरत के साथ कुछ महीनों से चक्कर चल रहा है और उसके बारे में शक तो उसको बहुत पहले ही था, लेकिन उसको ठीक तरह से पता आज ही लगा है, क्योंकि उसने आज चोरी छिपे अपने पति के मोबाईल पर उसके कुछ गंदे मैसेज पढ़ लिए है, लेकिन उसने इस बारे में अपने पति से कुछ नहीं कहा और इस बात की वजह से वो अब अंदर ही अंदर घुटने लगी है, क्योंकि अब उसके पति ने उसके ऊपर ध्यान देना और उसके साथ सेक्स करना भी बहुत कम कर दिया है और इसलिए उसका पूरा बदन अब उस आग में जल रहा है, जिसके बारे में वो किसी को बता भी नहीं सकती। यह बात कहते हुए वो रोए जा रही थी और में उसको चुप करा रहा था।फिर उसने कुछ देर शांत होने के बाद दोबारा मुझसे कहा कि उसने अपनी शादी से लेकर आज तक किसी और लड़के के बारे में कुछ भी गलत नहीं सोचा, क्योंकि वो अपने पति को कभी भी धोखा नहीं देना चाहती है, लेकिन जब उसको अपने पति के बारे में यह सब पता चला तो उसके दिल को बहुत गहरा धक्का लगा और उसका दिल टूट चुका है और इसलिए अब उसने भी अपने इस बचे हुए जीवन को अपनी मर्ज़ी से जीने का फ़ैसला ले लिया है और इसलिए तुम्हारे इलावा मेरा कोई अच्छा दोस्त भी नहीं है जो मेरी इस परेशानी को ठीक तरह से समझ सके। तुम ही अब मेरी मदद करो और मुझे बताओ कि में क्या करूं विक्की और वो इतना कहते हुए मेरे गले लगकर दोबारा ज़ोर ज़ोर से रोने लगी। फिर मैंने उसको बहुत मुश्किल से चुप करवाया और फिर मैंने उसको कहा कि में हमेशा उसके साथ ही हूँ तुम्हे इतना सोचने की जरूरत नहीं है, में हमेशा तुम्हारा हर जगह साथ दूंगा, में हूँ ना तुम्हारे साथ, क्यों तुम इतना सोचकर परेशान होती हो और यह सभी बातें उससे कहकर मैंने उसको बिल्कुल शांत किया और उसके बाद हम दोनों ने साथ में बैठकर कॉफी के मज़े लिए और फिर उसके बाद हम दोनों अपने अपने घर आ गये। में पूरी रात बस उसी के बारे में सोचता रहा और पता नहीं कब मुझे नींद आई। फिर अगले दिन दोबारा उसका मेरे पास फोन आया और तब उसने मुझे बताया कि आज उसने अपने पति को बोल दिया है कि वो अपनी किसी सहेली की सगाई की वजह से दो दिनों के लिए दिल्ली जा रही है और उसके पति ने उसको वहां पर जाने की आज्ञा भी दे दी है। आप लोगो के सच्ची बात कहूँ तो वो एक दिन और एक पूरी रात मेरे साथ अकेले में बिताना चाहती थी और में भी उसकी मर्जी से उस काम को करने के लिए मान गया और फिर उसने मुझसे कहा कि उसने पहले से ही एक अच्छी होटल में हम दोनों के लिए कमरा बुक करवा दिया है और उसने मुझे उस होटल का पता और कमरे का नंबर भी बता दिया। फिर अगले दिन मैंने भी अपने घर पर एक झूठा बहाना बनाकर कहा कि में अपने ऑफिस के किसी जरूरी काम की वजह से दो दिन के लिए दिल्ली जा रहा हूँ और में यह बात अपने घर बताकर मन ही मन बहुत खुश होता हुआ सीधा उसी होटल में अपने ठीक समय पर पहुँच गया। मैंने देखा कि सिम्मी वहां पर मुझसे पहले ही पहुँच चुकी थी और वो उस रूम में भी पहुंच चुकी थी, क्योंकि वो मुझसे भी ज्यादा व्याकुल थी। फिर मैंने कमरे की घंटी को बजाया और उसने आकर दरवाजा खोल दिया। वो उस समय मेरे सामने एक सफेद रंग का गाउन पहना हुआ था और उसको देखकर मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे वो कोई परी थी, जो दूसरी दुनिया से आकर मेरे सामने खड़ी थी। फिर मुझे उसने अंदर बुलाया और दरवाजा वापस बंद कर दिया। फिर उसने मुझे बताया कि वो घर से बड़ी जल्दबाजी में निकलकर यहाँ पर आई है और इस वजह से वो आज नहाई भी नहीं है और वो नहाने के लिए ही जा रही थी कि मैंने दरवाजे की घंटी को बजा दिया और इसलिए वो बस गाउन ही पहनकर दरवाज़ा खोलने चली आई थी।…अब उसने मुझसे कहा कि चलो आओ पहले हम दोनों नहा लेते है और फिर उसने इतना कहते हुए अपने गाउन को उतार दिया। में चकित होता हुआ देखने लगा वाह क्या मस्त सेक्सी थी, वो इतनी गोरी कि में क्या बताऊँ और उसने अपने गाउन के नीचे हल्के लाल रंग की ब्रा और उसी रंग की पेंटी पहनी हुई थी। अब मैंने उसका एक हाथ पकड़कर झटके के साथ उसको अपनी तरफ खींच लिया, जिसकी वजह से उसका वो गोरा चिकना जिस्म पूरा मेरी बाहों में आकर मुझसे लिपटा हुआ था और फिर उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह चूमने चाटने लगे थे और साथ ही साथ वो अब मेरे भी कपड़े उतारने लगी थी, जिसकी वजह से अब में सिर्फ़ अंडरवियर में था और वो मेरी बाहों में ब्रा और पेंटी में थी। फिर हम दोनों बाथरूम की तरफ चले गये। वहां उसने नहाने वाले टब में पहले से ही झाग को तैयार करके रखा हुआ था और उसने उस टब के पास में मोमबत्ती भी जलाई हुई थी, वाह क्या रोमॅंटिक माहौल था। अब हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह स्मूच करने लगे थे और उसको स्मूच करते हुए मैंने उसकी लाल रंग की ब्रा और पेंटी को धीरे धीरे एक एक करके उतार दिया और उसने भी मेरा अंडरवियर को भी उतार दिया और अब हम दोनों उस टब में एक दूसरे के साथ लिपटकर बैठ गए और आधे घंटे तक एक दूसरे को वैसे ही चूमते रहे।फिर उसके बाद हम दोनों मज़े मस्ती करने और नहाने के बाद बाहर आ गए। फिर उसने केफ्री सूट पहन लिया और मैंने अंडरवियर बनियान पहन लिया। उसके बाद हमने खाने का ऑर्डर किया जो कुछ देर बाद हमारे कमरे में पहुंच गया। हम दोनों साथ में बैठकर खाना खाने लगे और खाना खाने के बाद हमने आईसक्रीम भी मंगवाई और जब आईसक्रीम आई तो मैंने उससे कहा कि मुझे तुम यह आईसक्रीम अपने तरीके से खाने दो। फिर उसने कहा कि जैसा तुम चाहो वैसे ही खा लो तो मैंने अब उसका वो सूट उतार दिया। मैंने देखा कि उसने नहाने के बाद अपनी ब्रा नहीं पहनी थी, अंदर सिर्फ़ पेंटी ही पहनी हुई थी। अब मैंने उसको बेड पर एकदम सीधा लेटा दिया और वो फिर से गरम होने लगी और मैंने उस आईसक्रीम को उसके बूब्स पर लगा दिया और अब में उसके निप्पल को अपने मुहं में लेकर चूसने लगा और बूब्स के साथ साथ आईसक्रीम का भी मज़ा लेने लगा। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर यह सब करने की वजह से मेरा लंड पूरी तरह से तनकर टाइट हो चुका था और अपने चेहरे उन सिसकियों की आवाजों से वो भी मुझे बहुत जोश में लग रही थी। में लगातार उसका जोश बढ़ता ही चला गया और में एक बूब्स को चूसते हुए उसके पूरे बदन को अपने दोनों हाथों से सहलाते हुए निप्पल को निचोड़ रहा था। फिर कुछ देर बाद उसका जोश इतना बढ़ गया कि उससे रुका ही नहीं गया और उसने कुछ देर बाद तुरंत ही उठकर मुझे बेड पर लेटा दिया और उसके बाद मेरी अंडरवियर को उतारकर उसने मेरे लंड को भी अब पूरी तरह से उस अपनी आईसक्रीम से ढक दिया। फिर वो मेरे लंड को अपने एक हाथ में पकड़कर अपनी जीभ से चाट चाटकर आईसक्रीम को खाने के साथ ही साथ मेरे लंड को चूसने चाटने के मज़े लेने लगी थी वो बिल्कुल इस तरह से मेरे लंड को ऊपर नीचे सभी जगह से चाट रही थी जैसे वो सच में कोई आईसक्रीम से भरा हुआ कोन खा रही हो उसके यह सब करने से में मस्ती के सातवे असमान पर जा पहुंचा।फिर मैंने भी बिना देर किए तुरंत ही उसकी पेंटी को उतारकर उसकी बहुत जमकर अपनी जीभ से चुदाई करना शुरू किया, जिसकी वजह से वो जोश में आकर गरम होकर अपनी गांड को उठा उठाकर मेरे सर को अपनी चूत के मुहं पर दबाकर मज़े लेने लगी थी और कुछ देर उसकी अपनी जीभ से चुदाई करने के बाद जब मुझे महसूस हुआ कि अब उसकी चूत का पानी निकलने लगा है, तो उसी समय मैंने अपने लंड को उसकी गीली कामुक चूत में डाल दिया। पहली बार तो उसको बहुत दर्द तेज हुआ, लेकिन फिर धीरे धीरे जब मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर पहुँच गया तो उसको बहुत मज़ा आने लगा और वो भी अब अपनी कमर को ऊपर उठा उठाकर मेरा साथ देने लगी थी और करीब दस मिनट तक लगातार वैसे ही धक्के मारने के बाद में उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया, जिसके बाद धीरे धीरे हम दोनों का जोश भी ठंडा होता चला गया, क्योंकि उस चुदाई के दौरान वो भी दो बार झड़ चुकी थी।अब हम दोनों उस चुदाई की वजह से बहुत थक चुके थे और हम वैसे ही पूरे नंगे एक दूसरे की बाहों में लेटे हुए ना जाने कब गहरी नींद में सो गये। उसके बाद हम शाम को उठे और फिर दोबारा हम दोनों ने बहुत जमकर मस्ती के मज़े लिए और उसी रात को मैंने खाने पीने का काम खत्म हो जाने के बाद उसको तीन बार चोदा और मेरी हर एक चुदाई में उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया और वो मेरी मस्त दमदार चुदाई की वजह से पूरी तरह से संतुष्ट मुझे अपने चेहरे से नजर आ रही थी। फिर दूसरे दिन सुबह जब हम दोनों वापस आने लगे तो उसने मुझे 5000/- मेरे हाथ में दे दिए और वो मुझसे कहने लगी कि तुम मेरी तरफ से कोई अच्छा सा उपहार ज़रूर खरीद लेना, क्योंकि में यहाँ पर जल्दी जल्दी आते समय तुम्हारे लिए कुछ नहीं खरीद सकी और जब मैंने उससे वो पैसे लेने से मना किया तो वो मुझे हमारी दोस्ती की कसम देने लगी, जिसकी वजह से में अब मान गया और फिर उसके बाद हम दोनों ने उस होटल के कमरे को खाली कर दिया, जिसके बाद हम दोनों वापस अपने अपने घर आ गये। अब जब भी उसका मेरे साथ चुदाई करने का दोबारा मन करता है तो वो किसी ना किसी अच्छी होटल में हम दोनों के लिए पहले से ही कमरा बुक करवा देती है, जिसके बाद हम दोनों खुश होकर वहां पर पहुंचकर पूरे चार पांच घंटे एक दूसरे के साथ वैसे ही मस्त जमकर सेक्स के पूरे पूरे मज़े लेते है। मैंने उसको अब तक हमेशा उसकी बताई हुई जगह पर जाकर उसकी जमकर चुदाई करके ना जाने कितनी बार वो सुख मज़ा दिया है, जिसके लिए वो तरसती रहती है, क्योंकि उसका पति तो किसी दूसरी चूत के पीछे उसका भूत बना हुआ है, इसलिए उसको हमेशा अब अपनी चूत की प्यास को बुझाने उस खुजली को मिटाने के लिए मेरे लंड की जरूरत होती है और में उसके कहने पर जाकर उसको वो काम पूरी मेहनत और लगन से करके उसको खुश करके वापस अपने घर चला आता हूँ। फिर मैंने उसको हर बार पूरी तरह से संतुष्ट किया है और यह बात वो मुझे खुद अपने मुहं से कहती है। उसने मुझसे यह भी कहा है कि चुदाई के काम में बहुत अनुभवी हूँ और मुझे बड़ी अच्छी खुश करने वाली चुदाई करना आती है ।।धन्यवाद ……