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दीदी की चूत का विज्ञान

… : गुमनाम … , जैसा कि आप सभी लोग जानते ही है कि मेरी उम्र 26 साल है और मुझे सेक्स करना और डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है, लेकिन यह मेरा आज पहला सेक्स अनुभव है। तब मेरी उम्र सिर्फ़ 18 साल थी और में स्कूल में पढ़ाई कर रहा था, मेरी एक टीचर जो कि उस वक़्त करीब 25 साल की थी और वो मेरी ही कॉलोनी में रहती थी। में उसको हमेशा दीदी ही बोलता था। वो हमारे स्कूल में विज्ञान की टीचर थी और जब वो पहले दिन स्कूल आई तो वो सबको अपना परिचय देते हुए बोली बच्चो मेरा नाम निशा और अब आप लोग अपना भी परिचय दीजिए। फिर हम सभी ने अपना अपना परिचय दे दिया, तो वो मुझसे कहने लगी कि अरे में तुमको को तो जानती हूँ और फिर वो मुड़कर हमारे पढ़ाने लगी करीब 25 दिन के बाद उन्होंने एक दिन मुझसे कहा कि तुम मुझे घर जाने से पहले मिलकर जाना। फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या बात है दीदी? तो वो बोली कि तुम पढ़ाई में बहुत ही कमजोर हो और तुम्हारा पास भी होना बड़ा मुश्किल है। फिर मैंने उनको कहा कि हाँ वो तो मुझे भी पता है अब आप ही मुझे बताओ कि में क्या करूं? उसी समय उन्होंने मुझसे बोला कि तुम आज से मेरे पास शाम को पढ़ने आ जाया करो, मैंने कहा कि हाँ ठीक है में आज से ही आ आ जाऊंगा और फिर मैंने खुश होकर उस दिन से ही उनके पास उनके घर जाकर पढ़ना शुरू कर दिया था और करीब बीस दिन के बाद में जब पढ़ने के लिए उनके घर गया और मैंने दरवाजे पर लगी घंटी को बजाई तो कुछ देर तक भी किसी ने आकर दरवाजा नहीं खोला।फिर कुछ देर खड़े रहने के बाद मैंने दरवाजे को धक्का दे दिया तो वो खुला हुआ था में अंदर चला गया उसके बाद मैंने अंदर जाकर बाथरूम से पानी के गिरने की आवाज़ सुनी, उस समय कोई और उनके घर में नहीं था। तभी मेरे मन में आया कि चलकर मुझे देखना चाहिए कि इस समय बाथरूम में कौन नहा रहा है? और यह बात सोचकर में उस तरफ चल पड़ा, लेकिन मुझे कुछ भी दिखाई नहीं दिया और जैसे ही में वापस आने के लिए पीछे मुड़ने लगा तभी उसी समय दरवाजा खुला और उस समय बाथरूम से मेरी दीदी बाहर निकली वो उस समय सिर्फ़ पेंटी पहनी हुई थी अचानक से मुझे अपने सामने देखते ही वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी और मुझसे कहने लगी कि तू यहाँ पर क्या कर रहा है और जब उनको अपने नंगे बदन का ध्यान आया तब वो अपने एक हाथ को अपनी पेंटी पर और दूसरे हाथ को अपने बूब्स पर रखकर वापस बाथरूम में उलटे पैर अंदर चली गयी। अब तक मेरा लंड यह सब देखकर तनकर खड़ा हो चुका था। मेरी आखों में पहली बार वो सेक्सी द्रश्य देखकर एक चमक आ चुकी थी और में अपनी चकित नजरो से उसको देखता ही रहा। गोरे रंग पर उसकी काले रंग की पेंटी और बड़े आकार के लटकते झूलते हुए बूब्स को देखकर मेरी आखें फटी कि फटी रह गई और में अपनी दीदी के अंदर चले जाने के कुछ देर बाद होश में आकर वापस बाहर वाले रूम में आकर बैठ गया।फिर थोड़ी देर के बाद वो कपड़े पहनकर मेरे पास आ गई और अब वो थोड़ा गुस्से से मुझसे बोली कि क्या तू दरवाजे पर लगी घंटी नहीं बजा सकता था? बिना बजाए ऐसे कैसे अंदर घुस आया? अब मैंने उनसे कहा कि दीदी आप मुझे माफ़ करना, लेकिन इसमे मेरी बिल्कुल भी गलती नहीं है क्योंकि मैंने तो पहले बाहर खड़े रहकर बहुत देर तक घंटी को बजाया था, लेकिन जब इतनी देर तक मुझे कोई जवाब नहीं मिला तो में अंदर आ गया और उसके बाद मैंने गलती से आपको नहाते हुए देख लिया, मुझे क्या पता था कि आप उस हालत में मुझे नजर आओगी? तो वो मुझसे पूछने लगी क्या देखा तूने? मैंने कहा कि दीदी मैंने आपके सिर्फ़ बूब्स देखे है नीचे का हिस्सा पेंटी के पीछे छुपा हुआ था इसलिए में वो नहीं देख सका। तो वो मुझसे बोली कि तुम यह बात किसी को मत बताना कि तुमने इस तरह से यह सब कुछ देखा है, मैंने उनसे कहा कि हाँ दीदी वो सब तो ठीक है, लेकिन एक बार और दिखा दो ना वैसे भी मैंने देख तो लिया ही है। अब वो बोली कि नहीं तू अभी बहुत छोटा है तू अभी अपनी पढ़ाई पर ध्यान ज्यादा दे और इसके बारे में इतना मत सोच, जब तेरी उम्र होगी तो तू यह सब अपने आप देख लेगा और फिर में उनके मुहं से यह बात सुनकर कुछ देर बाद चुपचाप वापस अपने घर आ गया। मेरे मन में बहुत सारी बातें थी।फिर दूसरे दिन स्कूल में उन्होंने मुझसे कहा कि आज तू दो बजे मेरे घर पढ़ने आ जाना, तो मैंने उनको कहा कि हाँ ठीक है और स्कूल का समय पूरा होते ही में अपने घर आकार दोपहर का खाना खाकर सीधा उनके घर चला गया और तब मैंने जाकर देखा कि वो उस समय खाना खा रही थी, मैंने उनसे पूछा कि सभी लोग कहाँ गये? तो वो बोली कि आज सभी लोग बाहर गये है, लेकिन तू घर से नहाकर क्यों नहीं आया? मैंने उनको कहा कि में तो शाम के समय नहाता हूँ। तो वो मुझसे बोली कि आज तेरे बदन से पसीने की बदबू आ रही है तू एक काम कर यही बाथरूम में जाकर जल्दी से नहा ले। अब मैंने उनको कहा कि में यहाँ कैसे नहा लूँ? मेरे पास तो कोई कपड़े भी नहीं है। तो वो कहने लगी कि नहाने के लिए क्या किसी कपड़ो की ज़रूरत है? तब तक में उनकी वो बातें सुनकर तुरंत समझ गया कि मेरी लाइन इनकी तरफ से साफ हो रही है, मुझे अब हरी झंडी मिल रही है। तो मैंने उनको कहा कि पसीने की बदबू आपको आ रही है मुझे नहीं तो इस बदबू को दूर भी आप ही कर दो। अब वो हल्का सा मुस्कुराते हुए मुझे बोली कि हाँ ठीक है, लेकिन तू किसी को यह सब बोलना मत, मैंने उनसे कहा कि में क्यों बोलूँगा? फिर हम दोनों यह बात खत्म करते ही बाथरूम में आ गये, जिसके बाद उन्होंने तुरंत ही मुझसे मेरी टी-शर्ट को उतारने को कहा, तब मैंने उनको कहा कि आप ही उतार दो। अब उन्होंने खुश होकर आगे बढ़कर मेरी टीशर्ट को उतार दिया और उसी समय मैंने उनको कहा कि दीदी आप आपके भी कपड़े उतार दो वरना यह पानी से गीले हो जायेंगे।…फिर वो मुस्कुराती हुई मुझसे बोली कि तू जब इतना सब कुछ जानता है तो तू खुद ही उतार दे। मैंने उनके मुहं से यह बात सुनकर खुश होते हुए तुरंत ही उनका कुर्ता पड़ते हुए झट से उतार दिया जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा में थी बहुत हॉट सेक्सी नजर आ रही थी। मेरी नजर उसके गोरे गदराए हुए जिस्म से हटने को तैयार ही नहीं थी और में अपनी ललचाई हुई नजरों से देखता ही रहा। फिर कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे कहा कि तू आज एक पहला आदमी है जो मुझे इस हालत में देख रहा रहा है, तेरी किस्मत बहुत अच्छी है, क्योंकि आज घर में भी कोई नहीं है क्योंकि मेरे घरवाले मेरी शादी के लिए आज लड़का देखने गये है। अब मैंने उनको कहा कि दीदी आप भी आज वो पहली लड़की हो जो मुझे इस तरह देख रही हो, उसके बाद हम दोनों ने कसम खाई कि हम इस बारे में किसी को कुछ नहीं कहेंगे और हम दोनों के अलावा यह बातें किसी को पता नहीं चलेगी। फिर वो मुझसे बोली कि अब तू जो भी मेरे साथ करना चाहता है कर ले। अब मैंने उससे कहा कि दीदी मुझे तो कुछ भी नहीं आता आप ही मुझे बताओ ना, तो वो बोली कि हमारे पास पूरे तीन घंटे है इसलिए जो तू मेरे साथ करना चाहता है वो सब तू कर ले और जो में तेरे साथ करना चाहती हूँ वो सब में अब करूँगी। फिर मैंने बिना देर किए ब्रा को ऊपर उठाकर बूब्स को बाहर निकालकर उनके एक बूब्स को अपने मुहं में ले लिए और में बड़े मज़े से छोटे बच्चे की तरह बूब्स की निप्पल को चूसने लगा उस समय वो मेरी पीठ पर अपने एक हाथ को घुमा रही थी जिसकी वजह से मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था में दोनों बूब्स का बारी बारी से दबाकर चूसकर मज़ा ले रहा था। फिर कुछ देर बाद उन्होंने मेरा जोश देखकर मेरी पेंट को खोल दिया और अब वो मुझसे कहने लगी कि अब में करूँगी और उसी समय उन्होंने मेरी अंडरवियर और पेंट दोनों को ही एक साथ उतारकर बाथरूम के बाहर फेंक दिया। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब हम दोनों गरम बदन एक दूसरे के सामने नंगे खड़े थे। फिर करीब 25 मिनट तक हम दोनों एक दूसरे तो किस करते रहे और वो मुझे पागलों की तरह चूम रही थी। फिर वो कुछ देर बाद मुझसे बोली कि चल अब हम पलंग पर चलते है और वो मुझे पलंग पर ले गई और उसके बाद वो एकदम सीधी लेट गयी और वो मुझसे बोली कि अब तू मेरी चूत को चाट तो मैंने उससे कहा कि दीदी में नहीं चाटूँगा वो गंदी जगह होती है उसको में कैसा अपना मुहं लगा सकता हूँ? तो वो मुझसे बोली कि तू एक बार मुहं तो लगा, फिर में भी तो तेरा लंड चाटूँगी वो भी तो गंदा होता है, लेकिन इस काम में कुछ भी गंदा अच्छा नहीं होता बस एक दूसरे की प्यास बुझाना सबसे पहला काम होता है, देखना कुछ देर बाद तुझे भी इस काम को करने में मज़ा आने लगेगा। अब मैंने उनको कहा कि पहले आप करो उसके बाद में शुरू करूंगा तो वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर तुरंत ही शुरू हो गयी और उन्होंने मेरा पूरा लंड अपने मुहं में भरकर उसको लोलीपोप की तरह चूसना चाटना शुरू कर दिया। यह काम वो बहुत जोश से किसी अनुभवी रंडी की तरह कर रही थी करीब 15 मिनट के बाद वो मुझसे बोली कि अब तू मेरी चूत को चाट।फिर मैंने भी उनके कहने पर उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया तो वो आहह ओफफ्फ़ हाँ ऐसे ही अच्छी तरह चाट सिसकियों की आवाज़ निकालने लगी। कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे कहा कि अब तू मेरे ऊपर आ जा और काम पूरा कर, क्योंकि अब किसी भी समय मेरे घर वाले आ सकते है। फिर मैंने तुरंत ही उनके दोनों पैरों के बीच में आकर लंड को निशाने पर रखते हुए अपना लंड उनकी चूत में डालने की कोशिश की, लेकिन वो बहुत टाइट थी इसलिए मेरा मोटा लंड उसके अंदर जा ही नहीं सका और वो अपने निशाने से फिसलता हुए बाहर रह गया। फिर वो उठी और मुझसे बोली कि तू बच्चा तो बनता है, लेकिन है नहीं और वो जाकर तेल लेकर आ गई और मेरे लंड और अपनी चूत पर बहुत सारा तेल लगा चिकना कर दिया। अब वो बिल्कुल सीधी लेट गई और वो मुझसे बोली कि अब तू जल्दी कर वरना कुछ नहीं होगा और कोई आ जाएगा, मैंने तुरंत अपना लंड चूत के मुहं पर रखा और एक जोरदार धक्का दिया तो वो दर्द की वजह से चीख पड़ी। फिर मैंने नीचे की तरफ झांककर देखा तो उनकी चूत से खून भी निकल रहा था और उनकी आखों से आंसू भी आ गये थे। फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि बेवकूफ क्या इतनी ज़ोर से डालते है क्या? मेरी जान निकल गई, देख मुझे कितना दर्द हो रहा है, तेरा क्या इरादा था? तूने एक ही धक्के में मेरा पूरा बदन हिला दिया. क्या ऐसे भी कोई करता है? तो मैंने उनको कहा कि आप मुझे माफ़ करना, पता नहीं था कि कैसे करना होता है? तो वो बोली कि मुझे भी कहाँ पता था, में भी तो पहली बार करवा रही हूँ और फिर मैंने धीरे धीरे अपना लंड उनकी चूत में डालाना शुरू किया, वो अब आअहहा ऊफ्फ्फ्फ़ करते हुए मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी और करीब बीस मिनट के बाद वो मुझसे बोली कि मेरा तो पानी निकल गया अब तू भी जल्दी से कर ले।फिर मैंने उनको कहा कि हाँ बस अब मेरा भी निकलने ही वाला है और करीब दस मिनट वैसे ही धक्के देने के बाद मैंने भी उनकी चूत में अपना वीर्य निकाल दिया और उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से वैसे ही चिपक गये। फिर थोड़ी देर बाद हम नहाकर जैसे ही बाथरूम से बाहर निकले तो दरवाजे की घंटी बजी हम दोनों ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और टेबल पर पहुंच गये। फिर दीदी ने जाकर दरवाजा खोला तो देखा कि उस समय उनकी नौकरानी दरवाजे पर खड़ी हुई थी, वो पूछने लगी कि मेडम दरवाजा खोलने में इतना समय कैसे लगा दिया? तो दीदी बोली कि में इसको पढ़ा रही थी, इस बीच हम दोनों से एक बहुत बड़ी ग़लती हो गयी कि हमने बेड की चादर नहीं बदला था, जिस पर चुदाई की वजह से दीदी की चूत का खून लगा हुआ था। फिर वो नौकरानी जिसका नाम सविता था वो उस चादर को अपने साथ लेकर बाहर आ गयी और वो बोली कि मेडम आपको क्या कहीं चोट लगी है क्या जो यह खून निकल गया? यह बात कहते हुए वो मुस्कुराती भी जा रही थी और अब दीदी की हालत उसके मुहं से यह बात सुनकर खराब हो गयी। फिर मैंने उससे कहा कि तुमको क्या मतलब है? तो वो बोली कि मुझे सब पता लग गया है, लेकिन आप दोनों घबराओ मत, में किसी को नहीं बताउंगी और उसने अपना वादा निभाया भी। फिर कुछ दिन बाद मैंने उसको अपने घर पर काम दे दिया और वो मेरे घर भी आने लगी। उसके बाद हम दोनों के बीच भी चुदाई का वो खेल चलने लगा। मैंने अपनी दीदी के अलावा उनकी नौकरानी को भी जमकर ा शुरू किया, जिसकी वजह से वो दोनों हमेशा पूरी तरह से संतुष्ट खुश रहने लगी। फिर कुछ दिन बाद उनकी शादी हो गई, लेकिन हम दोनों फिर भी अपना वो काम वैसे ही करते रहे और आज उनके पास मेरी चुदाई की वजह से एक बच्चा भी है जो की मेरी वजह से ही पैदा हुआ है उसका नाम भी उन्होंने मुझसे पूछकर ही रखा है, अब वो 34 साल की है और में 26 साल का, लेकिन हमारा यह खेल अभी भी चालू है और कुछ दिन बाद ही वो मेरे दूसरे बच्चे को भी जन्म देने वाली है ।।धन्यवाद ……