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दीदी की नाज़ुक चूत फाड़ी


: रॉबिन …
, मेरा नाम रॉबिन है, मेरी उम्र 19 साल है और में स्टूडेंट हूँ और जॉब करता हूँ। हम 4 फेमिली मेंबर है। मेरी दीदी जो कि मुझसे 3 साल बड़ी है, मुझे बहुत अच्छी लगती है, उनकी चूचीयाँ क्या कमाल की है? और में अक्सर उनको जब वो नहाती है, तो हमारे बाथरूम में दरवाजे के नीचे दीमक लग जाने के कारण दरवाजे के नीचे से नज़ारा साफ दिखता है और में उन्हें अक्सर नहाता हुआ देखता भी हूँ और कभी-कभी जब वो सो जाती है, तो में उनके पास जाकर उनकी मस्त चूचीयों को निहार लेता हूँ। यह कुछ दिनों पहले की बात है, हमारे गाँव में शादी थी और हमारे पेपर भी नजदीक थे इस कारण से में और मेरे दीदी गाँव नहीं गये थे और घर पर रहने का प्लान था। फिर 2 दिन बीत जाने के बाद में और मेरी दीदी टी.वी देख रहे थे कि तभी अचानक से किसिंग सीन आ गया। तभी मैंने दीदी से कहा कि किस करने में कितना मज़ा आता है? है ना और फिर मैंने दीदी के हाथ पर अपना हाथ रखा और बोला कि दीदी आपके होंठ कितने अच्छे है? तो तब दीदी बोली कि चुपकर और टी.वी देख। तब में टी.वी देखता रहा और चुपचाप बैठ गया। अब उस दिन से मुझे दीदी की चूत में अपना लंड देने का मन करने लगा था।
यह उस रात की बात है दीदी और में अलग-अलग कमरे में सोते है। अब हम सोने चल दिए थे। अब रात के 12 बजे थे। मुझे नींद नहीं आ रही थी। अब मेरा मन दीदी की चूत में अपना लंड देने को कर रहा था। अब में अपने बेड से उठकर दीदी के कमरे में जाकर उनके बेड के पास जाकर उनके रसीले होंठो को अपने हाथों से सहलाने लगा था और फिर में उनके साईड में जाकर लेट गया, दीदी ने ब्लेक पेंट और टॉप पहन रखा था। फिर मैंने धीरे से उनके टॉप का बटन खोला और नीचे कर दिया। अब मुझे दीदी की सफ़ेद रंग की ब्रा दिखने लगी थी और फिर मैंने उसे भी खोल दिया। अब मेरी दीदी के बूब्स चमकने लगे थे। तो तब मैंने झट से लाईट ऑन कर दी और उनके बूब्स को अपने हाथों से दबाने लगा था और उनके होंठो पर किस करने लगा था और जिस तरह मूवी में किस थे वैसे करने लगा था।फिर मैंने दीदी की पेंट की चैन खोली और उसका बटन खोलकर उनकी पेंट को पूरा उतार दिया था। अब उनकी पेंट को उतारने के बाद मैंने उनकी पेंटी जो कि सफ़ेद रंग की थी, वो कुछ गीली हो गई थी। अब मैंने उसे भी उतार दिया था। अब उनकी चूत साफ-साफ चमकने लगी थी। अब में उनके बूब्स को दबाते हुए उनकी चूत में अपनी एक उंगली डालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उनकी चूत इतनी टाईट थी कि मेरी उंगली अंदर जा ही नहीं रही थी। फिर मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन तभी अचानक से दीदी की नींद खुल गई और वो मुझे देखकर बोली कि ये क्या कर रहा है तू?


तब में बोला कि दीदी नींद नहीं आ रही थी, मेरे दिमाग में वही मूवी का सीन आ रहा था। फिर दीदी ने मेरी पेंट में मेरे खड़े लंड को देखा, तब दीदी का मन भी करने लगा था। फिर दीदी ने अपने एक हाथ से मेरा मोटा लंड पेंट से बाहर निकाल दिया और हिलाने लगी थी। फिर क्या था? मैंने झट से अपने कपड़े उतार दिए और दीदी के साथ लेट गया। अब में दीदी की कोमल चूत और चूतड़ को साफ देख रहा था। फिर मैंने दीदी को उठाकर अपने ऊपर लेटा लिया, उनके चूतड़ बिल्कुल रुई जैसे थे, एकदम चिकने। फिर मैंने उनकी गांड को थोड़ा सा ऊपर करके उस पर अपनी जीभ लगाई। तो तब दीदी के मुँह से आआहह निकल गई। फिर मैंने झट से चाटना स्टार्ट कर दिया और फिर मैंने दीदी की गांड खूब चाटी। अब इसके बाद दीदी बिल्कुल गर्म हो चुकी थी। अब उनकी चूत फड़क रही थी। तब मैंने उनकी चूत को देखा और फिर दीदी के दोनों पैरो को चौड़ा कर दिया, जिससे उनकी चूत का मुँह खुल गया था। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब मैंने उनकी चूत में अपनी जीभ लगाकर चाटना स्टार्ट कर दिया था। अब दीदी भी मेरा साथ दे रही थी और फिर वो बोली कि तेरा लंड तो बहुत बड़ा है। मेरा लंड 7 इंच लंबा था। अब दीदी उसे अपने मुँह में डालकर चाटने लगी थी। फिर मैंने उनकी चूत में अपनी 3 उंगलियाँ डाल दी और अंदर बाहर करने लगा था। अब देखते-देखते ही में दीदी के बूब्स को दबाने लगा था। अब दीदी का कंट्रोल ख़त्म होता जा रहा था, लेकिन में उनकी चूत चाटता रहा। फिर में दीदी की चूत के पास अपने लंड को सहलाने लगा। अब दीदी लंबी-लंबी सिसकारियाँ भर रही थी और आह, ऊहहहह कर रही थी। अब मैंने दीदी की चूत में अपना खंभे जैसा लंड थोड़ा सा ही डाला था कि दीदी की चीख निकल गई और फिर दीदी बोली कि क्यों? आज मेरी चूत फाड़ ही डालेगा क्या? तो तब मैंने जोर से धक्का देते हुए कहा कि दीदी तेरी चूत में क्या नशा है? साली इतनी मुलायम है कि हाथ लगने से ही फट जाएगी।
फिर दीदी सिसकियाँ भरते हुए बोली कि आई ी लाइक यू ब्रदर। अब में दीदी की चूत कसकर मारने लगा था। अब खचाखच की आवाज़ पूरे कमरे में आने लगी थी। अब मैंने दीदी की गांड में अपनी दो उंगलियां डाल दी थी और े लगा था। अब दीदी की टाईट चूत फाड़ने में बहुत मज़ा आ रहा था। तभी चूत के फट जाने से खून निकलना स्टार्ट हो गया था और फिर धीरे-धीरे अचानक से मेरा लंड झड़ गया। अब मैंने अपना सारा वीर्य अपनी दीदी की चूत में डाल दिया था। अब दीदी को बहुत दर्द हो रहा था। फिर मैंने बेरहम की तरह उनकी झांटो को कसकर पकड़कर खींच दिया। तब दीदी आहहहहह, आहह करने लगी। फिर कुछ देर तक रुकने के बाद में दीदी की गांड चौड़ी करके उसमें अपना लंड डालने लगा और उनकी गांड इतनी मुलायम थी कि उसे मारने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। तब दीदी बोली कि फाड़ दे आज मेरी गांड। फिर में झटके देता रहा और दीदी की गांड को कसकर ऊपर नीचे करने लगा था। अब दीदी हाईईईईईई, आहहहहहह करने लगी थी।
अब में दीदी की चूत में फिर से झड़ गया था और दीदी के ऊपर सो गया था। अब दीदी भी झड़ गई थी और फिर हम दोनों एक साथ नहाने चले गये ।।
धन्यवाद …