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दोस्त की बीवी को हॉस्पिटल में चोदा Antarvasna | Hindi Sex Stories

… : दीपक … , कैसे है आप लोग? मेरा नाम दीपक है, मेरी उम्र 28 साल है, में जोधपुर का रहने वाला हूँ। में एक बार फिर से आप लोगों को अपनी अगली story बताने आया हूँ। आप तो जानते ही है कि में आजकल प्राइवेट प्ले-बॉय का काम करता हूँ, इससे औरत को अपनी चूत की गर्मी मिटाने का, अपनी गांड की खुजली मिटाने का, चूची मसलवाने और चुसवाने का, मेरे लंड को चूस-चूसकर वीर्य पीने का और बहुत कुछ भरपूर मज़ा भी मिलता है, जो आज तक नहीं मिला था और हमें कुछ पैसे और मज़े भी मिलते है। में बहुत ही चुदक्कड हूँ, औरतें मुझे कामदेव के नाम से जानती है, में औरत की चूत और गांड से लेकर उसके पूरे शरीर का हर सपना पूरा कर देता हूँ मगर बड़े ही प्यार से। में अपने 7 इंच लम्बे और 4 मोटे लंड से लेडी को फुल संतुष्ट कर देता हूँ।ये घटना मेरे और मेरे दोस्त की बीवी के साथ घटी थी, जो फ्री था, जिससे आज भी मेरे दोस्त की बीवी मेरी दिवानी है और मुझसे भरपूर चुदवाती ही नहीं गांड मरवाने से लेकर सब कुछ करती है, वो मेरे लंड के जूस को तो अमृत रस मानती है जिसे अब में आप सबको बता रहा हूँ। मेरा दोस्त अशोक दिखने में ठीकठाक है मगर सेक्स के मामले में कमजोर है, ये मुझे उसकी बीवी अंजलि ने बताया था। फिर एक दिन अशोक बीमार पड़ा तो में और अंजलि उसे हॉस्पिटल ले गये, तो वहाँ उसे एड्मिट कर दिया। अब रात को दोस्त बेड पर उसके बाजू में उसकी बीवी और में पास में टेबल पर सो रहे थे। फिर रात को मैंने धीरे से दोस्त की बीवी के पैर पर अपना एक हाथ रख दिया और धीरे-धीरे सहलाने लगा, तो वो कुछ नहीं बोली, तो में समझ गया कि उसे मज़ा आ रहा है।फिर मैंने धीरे-धीरे अपना हाथ आगे बढ़ाया और उसकी चूत पर रख दिया, उसने साड़ी पहन रखी थी। फिर मैंने अपने हाथ को उसकी साड़ी और पेटीकोट के अंदर से डालकर उसकी पेंटी पर रखा और ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा, अब वो गर्म हो गयी थी। फिर मैंने उसकी पेंटी के अंदर से अपनी एक उंगली उसकी चूत में घुसा दी, तो उसने अपनी दोनों टाँगे कसकर दबा ली। अब मेरी उंगली उसकी चूत में फंस गयी थी। फिर मैंने धीरे-धीरे उसकी दोनों टांगो को फैलाया और फिर से उसकी चूत में अपनी उंगली अंदर बाहर करने लगा और फिर 10-15 मिनट तक यही चलता रहा। अब मेरा दोस्त अशोक मेडिसिन की वजह से गहरी नींद में सोया था। अब वो मेरा हाथ पकड़कर अपनी चूत में अंदर बाहर करने लगी थी। ये हॉस्पिटल का प्राइवेट ए.सी रूम था और अटेच बाथरूम भी था, तो मैंने उसे बाथरूम में चलने का इशारा किया, तो वो उठकर बाथरूम में चली गयी।फिर में भी उठकर उसके पीछे बाथरूम में आ गया और अंदर आकर मैंने दरवाज़ा बंद कर दिया और उसे पीछे से ज़ोर से पकड़कर उसके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा, उसके बूब्स बहुत कड़क थे। अब उसने अपनी आँखे बंद कर दी थी। अब में उसके बूब्स को उसके ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपने एक हाथ से उसकी साड़ी ऊपर उठाकर उसकी चूत में अपनी उंगली डाल दी और अपनी उंगली से उसकी चुदाई करने लगा और फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसके सारे कपड़े निकालकर बिल्कुल नंगी कर दिया। अब अंजलि मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी। फिर मैंने अपनी पेंट की चैन खोलकर अपना लंड बाहर निकाला। तो वो मेरा लंड देखकर पागल हो गयी और अपने एक हाथ से ज़ोर से मेरे लंड को पकड़ लिया और अपने कोमल हाथों से मेरे लंड को सहलाने लगी और बाद में नीचे बैठ गयी और मेरे लंड को कुत्तिया की तरह चूसने लगी। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब वो अपनी जीभ से मेरे लंड को चाट रही थी और अब उसने धीरे-धीरे मेरे लंड को अपने मुँह में लेना शुरू कर दिया था। मेरा लंड बहुत सक्त और बड़ा था, जिस वजह से मेरा लंड उसके मुँह में पूरा नहीं आ रहा था। फिर मैंने उसके बाल पकड़कर एक जोर का धक्का लगाया तो मेरा आधा लंड उसके मुँह में चला गया। अब उसकी आँखों से पानी निकल आया था। फिर धीरे-धीरे ज्यादा से ज्यादा मेरा लंड वो अपने मुँह में रखकर चूसने लगी। फिर 15-20 मिनट तक खूब लंड चुसवाने के बाद मैंने उसे घोड़ी बनने के लिए कहा तो वो अपनी दोनों टाँगे मोड़कर घोड़ी हो गयी, इस स्टाइल में औरत को बहुत मज़ा आता है। अब में भी अपने घुटनों के बल बैठ गया था और पीछे से अपना लंड उसकी चूत पर लगाया और अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स पकड़कर एक ज़ोर का शॉट लगाया, तो उसके मुँह से चीख निकल गयी।फिर में अपना लंड उसकी चूत में ऐसे ही डालकर उसके बूब्स दबाता रहा और जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो में धीरे-धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने लगा। फिर वो धीरे से बोली कि आज मेरी सारी प्यास बुझा दो। फिर मैंने कहा कि आज तो तुझे ऐसे चोदूंगा कि तू सारी उम्र मेरा लंड याद रखेंगी। अब उसे मेरे हार्ड लंड का बहुत मज़ा आ रहा था। अब में उसे चोदे जा रहा था। फिर वो बोली कि क्या तुम मेरी दोनों बहनों को एक साथ भी चोद सकते हो? तो मैंने उससे कहा कि में तेरी सारी बहनों को एक साथ चोद सकता हूँ। अब वो अपने पति को गलियाँ देने लगी थी यानी मेरे दोस्त के लंड में दम नहीं है और फिर उसने कहा कि तुम मुझे मेरे पति के सामने चोदो, कम से कम चुदाई कैसे करते है ये तो उसे पता चल जाएँगा? और इस तरह से में उसे बहुत तेज रफ़्तार से चोदे जा रहा था और वो बड़बड़ा रही थी। सही में उसकी चूत का मज़ा मेरे लंड को जो आया ना, वो किसी में नहीं था। फिर 35 मिनट तक उसकी चूत का कचुंबर निकालने के बाद मैंने मेरा सारा पानी फव्वारे की तरह उसकी गर्म-गर्म चूत में उडेल दिया और अपने लंड को बाहर निकालकर उसके मुँह में दे दिया, जिस पर मेरा और उसका जो पानी चिपका हुआ था, वो उसे आइस्क्रीम की तरह चाटने लगी। फिर उस रात मैंने उसे 3 बार अलग-अलग तरीके से चोदा ।।धन्यवाद …