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बस का यादगार सफर | Antarvasna Antarvasna | Hindi Sex Stories

… : रीना … , मेरी उम्र 25 साल है और फिगर 34-26-36 का है। में अपने चाचा-चाची के साथ दिल्ली में रहती हूँ। में एक स्कूल में टीचर हूँ। यह story अभी 2 हफ्ते पहले की ही है। मुझे एक काम से अहमदाबाद जाना था और ट्रेन में रिज़र्वेशन नहीं मिल रहा था तो मैंने एक ट्रेवल बस में जाने का फ़ैसला किया, क्योंकि में अकेली थी इसलिए ट्रेवल वालों ने मुझे दूसरी महिला के साथ सीट दी, जो कि लास्ट से पहले थी। फिर में ठीक टाईम पर बस में पहुँच गई तो मैंने देखा कि मेरी साइड वाली सीट पर कोई 40 साल की महिला थी। फिर उसने बताया कि वो अपनी बेटी से मिलने अहमदाबाद जा रही है। फिर हम दोनों में थोड़ी बातचीत हुई और फिर हमने साईड का पर्दा खींच दिया और थोड़ी नींद लेने की सोची। तो तभी मुझे मेरे कूल्हों पर कुछ महसूस हुआ तो में थोड़ी आगे सरक गई, लेकिन मेरे कूल्हों पर फिर कुछ टच हुआ तो तब में समझ गई कि यह पीछे वाली सीट पर बैठे यात्री की शरारत है। फिर मैंने कुछ नहीं कहा और चुपचाप फिर से पीछे होकर बैठ गई थी।अब मेरी पास वाली औरत कुछ पढ़ रही थी, जब शाम के 4 बजे का टाईम था। फिर मैंने सोने का नाटक किया और पीछे वाले के पैर का आनंद लेने लगी। अब मुझे कुछ ना कहते देख उसका हौसला बढ़ गया था। अब वो बार-बार मेरे चूतडों को टच कर रहा था, मगर इससे आगे कुछ नहीं हो रहा था, क्योंकि बैक सीट और नीचे की सीट में ज़्यादा जगह नहीं थी। फिर कोई 2-3 घंटे के बाद बस हाईवे पर चाय नाश्ते के लिए रुकी, तो में और मेरी पास वाली आंटी भी नीचे उतर आए। फिर हमने चाय पी और फिर पेशाब करने टॉयलेट चली गई। मैंने साड़ी पहनी हुई थी। फिर पेशाब करने के बाद मैंने जानबूझकर अपनी पेंटी निकाल दी, ताकि पीछे वाले की हरकतों का पूरा मज़ा ले सकूँ।फिर हम बस में आ गये, हमारे पीछे की सीट पर अब भी पर्दा लगा था इसलिए में नहीं देख पाई वहाँ कौन है? लेकिन जब में सीट पर बैठने लगी तो मैंने देखा कि बैठने वाली सीट कुछ आगे खिसकी हुई है और अब उसमें और बैक वाली सीट में काफ़ी जगह हो गई थी। तो तब में समझ गई कि यह सब पीछे बैठे मर्द ने किया है। अब में चुपचाप बैठ गई थी और सोचने लगी कि देखते है आगे क्या होता है? फिर आधे घंटे के बाद बस चल पड़ी और फिर मैंने पास की महिला से अहमदाबाद के बारे में पूछना शुरू किया। तो वो मुझे बताने लगी, तो तभी मुझे अपने कूल्हों पर फिर से पीछे वाले के पैर का अहसास हुआ, इस बार उसका पैर काफ़ी अंदर तक आ गया था।अब वो मेरी साईड से कूल्हों को रगड़ रहा था। तो तब में जानबूझकर थोड़ी उस महिला की तरफ झुक गई, जिससे मेरी गांडी साईड से थोड़ी ऊँची हो गई थी। अब वो अपना पैर मेरी गांड के नीचे ले जाने लगा था और अपने अंगूठे से मेरी साड़ी के ऊपर से ही मेरी गांड छेड़ने लगा था। अब मुझे काफ़ी मज़ा आ रहा था और में साथ में उस महिला से बात भी कर रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद अंधेरा हो गया, तो मैंने लाईट ऑन कर दी। तभी मेरी पास वाली महिला ने कहा कि प्लीज इसे बंद कर दो, उसको नींद आ रही है, तो मैंने लाईट ऑफ कर दी। फिर अचानक से पीछे वाले ने अपना पैर हटा दिया और उसकी जगह अपने एक हाथ को घुसा दिया था। फिर मुझे उसके इतना बोल्ड होने पर काफ़ी हैरानी हुई। अब उसका हाथ मेरी गांड के नीचे दबा था और उंगलियाँ मेरी गांड के छेद को कुरेद रही थी। अब मेरी पास वाली महिला ने अपना सिर मेरे कंधे पर टिका दिया था और अपनी आँखें बंद करके लेटी थी, जैसे सो गई हो। अब बस में अंधेरा था, कभी-कभी दूसरी गाड़ियों की वजह से थोड़ी रोशनी हो जाती थी।…अब पीछे वाले का हौसला और बढ़ गया था। अब वो मेरी साड़ी को खींचने लगा था, तो तब मैंने अपने हाथ से उसका हाथ हटाया और थोड़ा ऊपर उठकर अपनी साड़ी पीछे से कूल्हों तक कर दी, इस तरह की पास वाली महिला जागे तो उसको पता ना चले कि में पीछे से नंगी हूँ। फिर में आराम से बैठ गई। फिर थोड़ी देर के बाद उसका हाथ फिर से मेरे कूल्हों पर आ गया और उनको नंगा पाकर मेरे चूतडों को सहलाने लगा था और अपनी एक उंगली मेरी गांड पर ले गया और उसे छेड़ने लगा था। तो तब में थोड़ी आगे की तरफ झुक गई, ताकि वो आराम से अपनी उंगली कर सके। फिर तभी उसने अपना हाथ हटाया और उसके बाद फिर से डाल दिया, शायद उसने अपनी उंगली पर थूक लगाया था, क्योंकि इस बार उसने मेरी गांड में अपनी एक उंगली डाल दी थी। फिर तभी मुझे पास वाली महिला की थोड़ी कसमसाहट सुनाई दी, वो अब भी मेरे कंधे पर अपना सिर रखे थी और अब उसका एक हाथ मेरे पेट पर था। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब पीछे वाला लगातार मेरी गांड में उंगली अंदर बाहर कर रहा था। अब में बहुत मुश्किल से अपनी आवाज दबा पा रही थी। फिर तभी उसने अपना अंगूठा मेरी चूत तक पहुँचा दिया और मेरी झांटो को छेड़ने लगा था। अब मुझे उसकी उंगलियों की हरकत से बहुत मज़ा आ रहा था और मेरी चूत से पानी लगातार बह रहा था। फिर मैंने पास वाली महिला का सिर हटा दिया और उकड़ू होकर बैठ गई, ताकि पीछे वाला मेरी चूत को भी अपनी उंगलियों से अच्छी तरह चोद सके। फिर तभी उसने सच में अपना अंगूठा मेरी चूत में डाल दिया और हिलाने लगा था। अब में लगभग काँप रही थी और सोच रही थी कि अगर बाजू वाली महिला उठ गई, तो वो तुरंत समझ जाएगी कि क्या हो रहा है? अब पीछे वाला लगातार कभी मेरी चूत में तो कभी मेरी गांड में उंगली डाले जा रहा था। फिर तभी मुझे बाजू वाली की आह की आवाज सुनाई दी। तो मैंने अंधेरे में उसका चेहरा देखा, तो मुझे ऐसा लगा कि वो बिल्कुल लाल था, तो मुझे कुछ शक हुआ।फिर मैंने पीछे वाले की हरकत को जारी रहने दिया, लेकिन पास वाली महिला पर मेरी निगाह रखी थी। तो तभी मैंने देखा कि उसने भी पीछे से अपनी साड़ी उठा रखी है। तो में यह देखकर पागल सी हो गई और सोचने लगी कि पीछे वाला एक ही है या दो है। खैर फिर में मज़े लेती रही, अब मेरी चूत के पानी से सीट भीग चुकी थी। फिर तभी पास वाली महिला ने मुझे कसकर पकड़ लिया। तो मैंने पूछा कि क्या हुआ? तो वो काँपते हुए बोली कि शायद उसने कोई डरावना सपना देखा है। मुझे पता था कि उसका डरावना सपना, अब वो झड़ चुकी थी। फिर मैंने उसको कसकर पकड़ लिया और बोली कि कोई बात नहीं। अब धीरे-धीरे वो मेरी गोदी में अपना सिर करके लेट गई थी, बड़ी मुश्किल से तो इस कारण मुझे सीट पर वापस बैठना पड़ा। अब में पीछे वाले के हाथ पर ही बैठ गई थी और उसकी पूरी उंगली मेरी चूत में घुसी रही और बाजू वाली इस तरह लेटी थी की उसकी गांड पीछे की तरफ चिपकी रहे और मुझे पता ना चले कि वो नंगी है, मगर थोड़ी देर के बाद मैंने जानबूझकर अपना एक हाथ उसके कूल्हों पर रख दिया और थपकी देते हुए उसको सुलाने लगी थी।अब धीरे-धीरे में अपना एक हाथ और नीचे ले गई थी, जब तक मेरा हाथ उसकी नंगी गांड को टच ना कर गया और साथ में मेरा हाथ पीछे वाले के हाथ से भी टकराया। अब वो अभी भी पास वाली आंटी की चूत में उंगली कर रहा था। फिर तभी मैंने भी आंटी की चूत और गांड को छुआ, वो बिल्कुल गीली थी। फिर मैंने थोड़ा झुककर आंटी के कान में कहा कि क्या आपको मज़ा आ रहा है? तो वो बोली की हाँ बहुत और साथ में पूछने लगी कि तुम करवाओगी। तो मैंने ना बोला और अपने हाथ से उनकी गांड को छेड़ती रही और अपने दूसरे हाथ से उनका ब्लाउज खोल दिया और उनकी ब्रा के ऊपर से उनकी चूचीयों को सहलाने लगी थी। तो तभी आंटी ने भी अपना एक हाथ मेरी साड़ी में डाल दिया। इस तरह हमने खूब मजा किया था ।।धन्यवाद ……