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बीना लंड पर बैठकर खूब चुदी

… : अली … , मेरा नाम अली है। तो हुआ यूँ कि जैसे ही बीना मेरे हाथों पर अपने हाथ रखकर मेरे साथ लेटी तो उस वक़्त मुझे ऐसा महसूस हुआ जिसे में हरगिज लफ़्ज़ों में बयान ही नहीं कर सकता हूँ। में सोच भी नहीं सकता था कि में बीना के इतना करीब भी कभी आ सकूँगा। उसके जिस्म से बहुत ही प्यारी खुशबू आ रही थी, जो मुझे और भी पागल कर रही थी। उसका भरा हुआ जिस्म मेरे जिस्म से बिल्कुल टच था और उसने इतनी टाईट शर्ट पहनी हुई थी कि लेटे हुए उसके बूब्स आधे से ज्यादा बाहर उभर गये थे, जिन पर जब भी मेरी नजर जाती तो मेरा उसके अलावा कुछ और देखने का दिल ही नहीं करता था।फिर मेरे साथ लेटते ही बीना ने अपना मुँह मेरी तरफ किया और मेरी आँखों में आँखें डालकर मेरे बिल्कुल करीब आ गई, इतनी करीब की जब वो साँसे लेती थी तो उसकी गर्म-गर्म साँसें मेरी गर्दन पर टकराती थी। फिर उसने हल्के से मुझसे पूछा कि जान तुम मुझसे कितना प्यार करते हो? तो तब मैंने कहा कि अपनी जान से भी ज्यादा। तो यह सुनते ही बीना ने मुझे ज़ोर से गले लगा लिया और मुझे पागलों की तरह किस करने लगी, मेरे होंठो पर, मेरी गर्दन पर, मेरे कंधो पर और उसकी किस में इस कदर शिद्दत थी कि में होश में होकर भी मदहोश था। फिर उसने मेरी गर्दन पर बेतहाशा किस कर डाले। फिर वो मेरे ऊपर आकर मेरी जांघो पर बैठ गई और मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी।अब में उस वक़्त चाहकर भी उसे मना नहीं कर पा रहा था कि बीना प्लीज मुझे प्यार करने दो, क्योंकि उसका फिगर इतना मस्त था कि में उससे प्यार करने के लिए कुछ भी करने को तैयार था। अब उसके प्यार करने के अंदाज़ ने मुझे बिल्कुल सुन्न कर दिया था और मुझे इस हद तक मज़ा आ रहा था। मेरी शर्ट के बटन खोलते ही बीना ने मेरी शर्ट खींचकर पूरी साईड में कर दी थी, जिससे मेरी छाती उसके सामने आ गई थी। फिर वो बैठे-बैठे झुकी और मेरी पूरी छाती पर पहले किस करने लगी। अब वो उसकी जीभ मेरी छाती पर चारों तरफ घुमा रही थी। अब मेरे पूरे जिस्म में करंट सा लग रहा था, अब मेरी बॉडी पूरी हिल रही थी। फिर तभी उसने अपनी जीभ मेरी नाभि में डालकर घुमाई, तो मुझे ऐसा झटका लगा कि वो मुझ पर बैठी हुई थी और गिरते-गिरते बची थी।अब उसे भी अंदाजा हो गया था और फिर उसने मेरी नाभि को खूब चाटा। अब मेरी तो जान ही निकल रही थी और नीचे जीन्स में मेरा 7 इंच का लंड पूरा तना हुआ था और सख़्त हो रहा था, जो बीना के कूल्हों के बिल्कुल नीचे था। अब वो मुझे सक करते-करते अपने कूल्हों को मेरे लंड पर रगड़ती जा रही थी, जिससे मेरा लंड और भी सख़्त होता जा रहा था। फिर बीना ने अपने होंठ मेरे होंठो पर रख दिए और मेरे होंठो को चूसना शुरू कर दिया। अब मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि मेरा दिल चाह रहा था कि बस वो मेरे होंठो को चूसती रही, मेरे होंठ किस के दौरान बंद थे। फिर उसने मेरे होंठो को सक करते-करते अपनी जीभ मेरे होंठो के बीच में मारी। फिर मैंने अपने होंठो को खोल दिया और उसने अपनी मीठी जीभ मेरे मुँह में डाल दी, उफफफफफफफ्फ क्या बताऊँ ? मुझे तो उस वक़्त यह समझ में नहीं आ रहा था कि यह कैसा नशा है? जिसका मज़ा नॉन स्टॉप बढ़ता ही जा रहा है। उसकी जीभ मेरे मुँह में कभी मेरी जीभ के ऊपर होती, तो कभी नीचे और फिर उसने इस शिद्दत से मेरे होंठो को चूसा कि मेरे होंठ बुरी तरह सूज गये थे, लेकिन मुझे उस वक़्त मामूली सा भी दर्द नहीं हो रहा था और फिर उसके बाद तो मेरे अंदर आग सी लग गई थी और शायद वो भी यही चाहती थी।फिर मैंने उसे अचानक से उसके दोनों आर्म्स से पकड़कर बेड पर गिरा दिया और खुद उठकर उसके ऊपर आ गया और उसे ऐसे किस करने लगा था, जैसे 1 सेकेंड के लिए भी मेरे होंठ उसके चेहरे से अलग होंगे तो वो गायब हो ज़ाएगी। अब में उसके पूरे चेहरे को पागलों की तरह चूम रहा था और चाट रहा था और मेरे दोनों हाथ उसके बड़े-बड़े गोरे-गोरे बूब्स पर थे। उसके बूब्स इस कदर सख़्त थे कि उनको दबाने में बहुत मज़ा आ रहा था और जितना मज़ा आता था में उतना ही पागलों की तरह उसे किस करता था। फिर मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए और उसके होंठो को ज़ोर-ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया। मुझे फ्रेंच किस करनी बिल्कुल नहीं आती थी, क्योंकि यह मेरा फर्स्ट टाईम था, लेकिन बीना की किस से मुझे बहुत अंदाज़ा हो गया था और फर्स्ट टाईम में ही में बहुत अच्छी तरह से किस कर रहा था।फिर मैंने उसका लिप्स अपने मुँह में लिया और उसे चूसने लगा और खूब चूसा तो उसने इस बार फिर से अपनी जीभ को मेरे मुँह में डाल दिया, तो मैंने उसकी जीभ को चूसना शुरू कर दिया। अब तो हम दोनों इतने पागल हो गये थे कि हमें कुछ समझ में नहीं आ रहा था। फिर में उसके बूब्स दबाते- दबाते अपना एक हाथ ऊपर से उसकी शर्ट के अंदर ले गया और उसके एक बूब्स को अपने हाथ से पकड़कर ज़बरदस्ती बाहर निकालने लगा, जो कि बाहर नहीं आ पा रहा था, क्योंकि उसकी शर्ट बहुत टाईट थी। फिर तभी बीना ने मुझे रुकने को कहा और उठकर मेरी तरफ अपनी पीठ करके बैठ गई और मुझसे कहा कि मेरी शर्ट की चैन खोल दो। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।…फिर मैंने बिना वक़्त बर्बाद किए उसकी चैन पूरी खोल दी और फिर उसने अपनी शर्ट उतार दी। अब वो सिर्फ़ पिंक कलर की ब्रा में थी और उसके सेक्सी बूब्स उसकी ब्रा से आधे बाहर थे, दूध जैसे सफेद बदन पर पिंक कलर की ब्रा क्या गजब ढा रही होगी? जरा सोचकर देखो, में तो सामने देख रहा था मेरा क्या हाल था? यह में ही जानता हूँ। फिर मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो में एकदम से उस पर झपट पड़ा और उसे बेड पर लेटाकर उसकी गर्दन को सक करने लगा था और अब मेरे हाथ उसके बूब्स पर थे। फिर में उसकी गर्दन को किस करता हुआ उसके कंधो पर आ गया और उसके कंधो को चूसने और चाटने लगा था। फिर ऐसा करते-करते मैंने उसके दोनों हाथ ऊपर कर दिए और उसके कंधो पर से अपनी जीभ फैरता-फैरता उसके अंडरआर्म्स पर आया और वहाँ से लीक करता हुआ उसके बूब्स की गोलाई पर आ गया और उसके बूब्स की गोलाई को चारों तरफ से चाटा, जो कि उसकी ब्रा से बाहर निकले हुए थे।फिर मैंने उसकी ब्रा को ऊपर कर दिया, तो उसके बड़े-बड़े बूब्स उसकी ब्रा से आज़ाद हो गये और वो इतने दिलकश और खूबसूरत थे कि में उन्हें देखकर देखता ही रह गया था, बिल्कुल सफेद, गोल-गोल और तने हुए बूब्स जिन पर लाइट पिंक नॉर्मल निपल्स तो कयामत लग रही थी। अब मेरा दिल चाह रहा था कि उसके निपल्स को अपने मुँह में ले लूँ और फिर छोडूं ही नहीं और फिर मैंने उसके बूब्स को एक बार फिर से चारों तरफ से चाटा और चाटते-चाटते अपनी जीभ उसके निपल्स के चारों तरफ घुमाने लगा था। अब वो पूरी हिल रही थी, उसका जिस्म मछली की तरह तड़प रहा था और अब उसने मेरे बालों को कसकर पकड़ा हुआ था, ताकि में अपना मुँह उसके बूब्स से ऊपर उठा ही ना पाऊँ। फिर मैंने अपनी जीभ की नोक को उसके निपल्स पर रखा और उसकी निपल्स की नोक को चाटने लगा और फिर में अपनी जीभ से बीना के निप्पल को दबाने लगा था, जिसकी वजह से बीना की सेक्सी आवाज़ें निकलने लगी थी।अब उसके हाथ मेरी पीठ पर आ गये थे और अब उसने मुझे इतनी सख्ती से जकड़े हुए था कि मेरी पीठ पर निशान आ गये थे। फिर मैंने उसके निप्पल को चाटते-चाटते अचानक से अपने मुँह में ले लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा था। फिर जब मैंने इतने सॉफ्ट तरीके से उसके निप्पल को चाटते-चाटते उसे ज़ोर से चूसना शुरू किया। फिर बीना और भी पागल होने लगी और अब उसने मेरी बेल्ट खोलनी शुरू कर दी थी, जब उसकी आँखें बंद थी और उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी और फिर आख़िर में उसने मेरी बेल्ट खोल ही दी और मेरी अंडरवेयर के अंदर अपना एक हाथ डालकर मेरे लंड को पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगी थी, जिससे मुझे और जोश चढ़ने लगा था। अब में उसके दूसरे निप्पल को भी ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा था और अपने एक हाथ से उसके बूब्स को दबाने लगा था। अब मेरा लंड तो पहले ही रोड बना हुआ था। अब उसके टच करने से तो वो और भी अकड़ने लगा था।फिर में उसके बूब्स से अपनी जीभ फैरता हुआ उसके पेट पर आ गया और उसके पूरे पेट को चाटना शुरू कर दिया और हल्का-हल्का काटना भी शुरू कर दिया था। अब मेरे होंठो को उसकी नाभि पर लगाते ही उसका जिस्म बार-बार ऊपर उठने लगा था। अब उसने अपने दोनों हाथों से बेडशीट को पकड़ रखा था और बहुत मौन कर रही थी। फिर में उसको लीक करता-करता उसकी जांघो पर आ गया और उसकी पूरी जांघो को अपनी जीभ से चाटता हुआ उसके पैरों तक आ गया। उसके पैर इतने प्यारे थे कि मैंने उसके पैरों पर किस करना शुरू कर दिया था। फिर में उसके पैरों को उठाकर अपने मुँह के सामने लाया और उसके पैरों की उंगलियों को एक-एक करके अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और बीना को तो शायद मुझसे ज्यादा मज़ा आ रहा था, क्योंकि उसकी हालत बहुत अजीब सी हो रही थी, उसकी आँखें नहीं खुल रही थी और उसने बेडशीट को सख्ती से पकड़कर रखा था।फिर मैंने ऐसा ही उसके दूसरे पैर के साथ किया, तो वो और बेकरार हो गई। में फिर से अपनी जीभ को उसके पैरों से फैरता हुआ उसकी जांघो तक आ गया और उसकी जांघो को चूसने लगा था। फिर पहली बार मुझे बीना की जोश से भरपूर आवाज सुनाई दी जान प्लीज मेरी चूत पर किस करो ना। तो मुझे उसके बोलने से बहुत जोश चढ़ा और फिर मैंने अपने होंठ एकदम से उसकी चूत पर जमा दिए और उस पर किस करने लगा था। फिर पहले तो मुझे बहुत अजीब सा लगा और सच बताऊँ तो बहुत घिन भी आ रही थी कि यह में क्या कर रहा हूँ? लेकिन जब मैंने कुछ देर तक उसकी चूत को किस किया तो मेरी झिझक और घिन दूर होती गई और अब में खूब मज़े ले-लेकर उसकी चूत को नीचे से ऊपर चाट रहा था और उसकी चूत गीली होती जा रही थी। अब उसका पानी हल्के हल्के बाहर आने लगा था, जो कि बार-बार मेरी जीभ से टच होता था और अब मुझे इतना अच्छा लग रहा था कि मैंने अपने होंठो को बीना की चूत पर सख्ती से जमा दिया था और उसकी चूत को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा था।फिर तभी बीना की फिर से लड़खड़ाती हुई आवाज आई जानू, बेबी, प्लीज अपनी जीभ अंदर दाल दो। अब मुझे तो और जुनून चढ़ गया था और फिर मैंने अपनी उँगलियों की मदद से उसकी चूत को थोड़ा सा ओपन किया और फिर अपनी जीभ अंदर डाल दी। उसकी चूत अंदर से जितनी गीली हो रही थी उतनी ही गर्म भी थी और फिर मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर चारों तरफ घुमाना शुरू कर दिया, लेकिन मेरे होंठ अब भी उसकी चूत पर ही जमे हुए थे और फिर मैंने देखते ही देखते 10 मिनट में ही उसकी चूत को चूस चूसकर सुखा दिया। अब बीना की सिसकारियां बहुत बढ़ चुकी थी और उसकी आवाज भी काफ़ी तेज हो गई थी। उसकी आँखें बहुत लाल हो रही थी और उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि वो बहुत हॉट हो चुकी है। फिर उसने मुझको मेरे बालों से पकड़ा और मेरे मुँह को ज़ोर से अपनी चूत में दबाने लगी और अब में भी और ज़ोर-ज़ोर से उसकी चूत को चाट रहा था।अब उसकी बर्दाश्त करने की शक्ति खत्म होती जा रही थी और वही हुआ। फिर उसने अचानक से मुझे बालों से ही पकड़कर ऊपर किया और मुझे बेड पर लेटा दिया और खुद उठकर मेरे ऊपर आकर मेरे खड़े लंड पर अपनी चूत रखकर बैठ गई। उसके बाद ऊपर नीचे होकर उसने अपनी चूत को खूब चोदा और मेरे लंड को झाड़कर खुद भी झड़ गई ।।धन्यवाद ……