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बुआ को गोली खिलाकर चोदा Antarvasna | Hindi Sex Stories

… : विजय … , मेरा नाम विजय है और में 24 साल का हूँ। मेरा लंड 7 इंच लंबा है। आज में आप लोगो को एक मस्त story सुनाने जा रहा हूँ, उस वक़्त मेरी उम्र 23 साल थी। उस वक़्त आप तो जानते ही होंगे कि जवानी की कितनी उमंगे होती है? और े को बहुत दिल करता है, बस वैसा ही हाल मेरा भी था। में दिन रात बस े की ही सोचता था, मगर एक दिन मुझे मौका मिल ही गया। हुआ यह कि एक दिन मेरे मम्मी पापा बाहर गये हुए थे, उन्होंने मेरी बुआ को हमारे घर पर रहने के लिए छोड़ दिया था। अब बस घर में मेरी छोटी बहन, में और बुआ ही थे। अब मेरा मन एकदम चोदसू हो गया था। फिर मैंने सोचा कि आज अच्छा मौका है, आज तो किसी को ा ही होगा। मेरी बुआ 57 साल की है और उसके बूब्स एकदम मस्त है।फिर वो रात को पापा के कमरे में सोने चली गई। अब में भी एकदम गर्म था कि आज तो किसी को चोद ही दूँगा। तो तभी मेरी छोटी बहन बोली कि मेरे सिर में दर्द हो रहा है, कोई गोली है तो देना मुझे। तो इतने में मेरी बुआ ने भी कहा कि वो भी आज थक गई है, मुझे भी एक गोली देना। तो तभी मैंने मेडिसिन बॉक्स खोला तो मेरे मन में एक शरारत सूझी। अब मुझे नींद की गोली मिल गई थी तो मैंने दो गोली बुआ को दे दी, तो उन दोनों ने मेरे सामने वो गोली खा ली और सोने के लिए चली गई। तो तभी मैंने सोचा कि आज तो अच्छे से चोदूंगा, आज अच्छा मौका भी है और फिर में प्लान बनाने लगा। फिर में भी अपने कमरे में चला गया और अपने लंड को खड़ा करके उसे तैयार करने लगा। अब रात के 12 बज चुके थे और अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था। अब में सोच रहा था कि आज एक मस्त चूत े को मिलेगी। खैर फिर में अपने कमरे से निकला, अब मैंने पजामा और बनियान पहन रखी थी, अब उसी में मेरा लंड एकदम सीधा खड़ा था।अब उस वक़्त 3 बज चुके थे और मेरा लंड था की शांत ही नहीं हो रहा था। फिर तब मैंने सोचा कि क्यों ना आज अपनी बुआ को चोदा जाए? आख़िर वो भी एकदम मस्त माल है। फिर में अपने कमरे में से निकला और पापा के रूम की तरफ गया तो मैंने देखा कि उनका रूम खुला था। अब मुझे तो बस मज़ा आ गया था और सोचा कि अब बुआ को े से मेरा लंड शांत हो जाएगा। फिर में दबे पैर उनके कमरे में घुसा तो मैंने देखा कि वो बेड पर बेहोश थी और उनकी नाइटी जाँघ तक थी, वाह क्या जांघे है? एकदम गोरी-गोरी। फिर में बेड पर चला गया, हालाँकि मैंने उन्हें दो गोली दी थी इसलिए वो एकदम बेसुध लग रही थी। लेकिन फिर भी में कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था इसलिए में उनके बगल में लेट गया और उनके बूब्स पर अपना एक हाथ रख दिया और दबाने लगा, मगर कोई हरकत नहीं हुई।मुझे यकीन हो गया कि गोली ने पूरा असर किया है और अब वो पूरी नींद में है। फिर मैंने अपना पजामा खोल दिया और अपने लंड को आज़ाद कर दिया। फिर मैंने उनकी नाइटी को ऊपर किया तो मैंने देखा कि उसने ब्रा और पेंटी पहन रखी थी। फिर मैंने उनकी पेंटी को खोल दिया, क्या चूत थी उनकी? मैंने अपनी आँखों से पहली बार इतनी नजदीक से चूत को देखा था और फिर मैंने उनकी ब्रा को भी खोल दिया, उनके बूब्स का साईज 36 था, एकदम गोल और मस्त। अब में पहले तो उनके बूब्स के निप्पल को पीने लगा था और फिर आधे घंटे तक उसे पिया। फिर मैंने उनकी चूत में अपनी एक उंगली घुसा दी तो मुझे मज़ा आ गया। मेरी बुआ की शादी हो चुकी थी और उनके पति मर्चेंट नेवी में थे और एक साल में 9 महीने बाहर ही रहते है। मेरी बुआ के 2 बेटियाँ और एक बेटा है, उनकी दोनों बेटियाँ बहुत मस्त है। अब में अपनी एक उंगली उनकी चूत में अंदर बाहर कर रहा था। तो तभी उनकी चूत से गाढ़ा पानी आने लगा, तो में समझ गया कि वो झड़ गई है। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर में अपने मुँह से उनका सारा माला पी गया और उनकी चूत को चाटने लगा और अपनी जीभ अंदर डालने लगा, वाउ एकदम मज़ा गया था, एकदम नमकीन सा टेस्ट था। अब मुझे एकदम नशा छा गया था और अब मेरा लंड एकदम बर्दाश्त के बाहर हो गया था। फिर मैंने उनकी दोनों टाँगों को फैला दिया और फिर मैंने अपना लंड पकड़कर उनकी चूत के मुँह पर लगाया और एक शॉट मारा तो मेरा आधा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया और फिर बाहर निकालकर एक जोरदार शॉट लगाया तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया। फिर इस बार बुआ को कुछ अहसास हुआ और उन्होंने अपना बदन थोड़ा हिलाया और फिर सो गई। में फिर से लगातार शॉट देने लगा, उनकी चूत बहुत टाईट थी और अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने आधे घंटे तक उन्हें चोदा और उस दौरान मैंने उनके बूब्स को खूब पिया और उनको लिप किस भी की।फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपने माल को उनके पेट पर निकाल दिया। अब वो थोड़ी सी नींद से बाहर आ रही थी। फिर मैंने टावल से अपना माल साफ किया और उनके बदन पर गिरे मेरे लंड के माल को भी साफ किया और फिर में बाथरूम में चला गया और अपने लंड को भी साफ किया और वापस आकर बुआ के बगल में लेट गया। अब मेरी आँखों से नींद गायब थी, मगर मेरा लंड अभी तक शांत नहीं हुआ था। फिर मैंने अपने लंड को खड़ा किया और उनकी चूत के पास ले गया और फिर से उन्हें े लगा था। फिर आधे घंटे तक े के बाद में उनके बूब्स दबाने लगा और पीने लगा। अब वक़्त सुबह के 6 बज चुके थे। अब मुझे टाईम का अंदाज़ा नहीं था और में फिर से उन्हें े लगा था और फिर में बुआ को लगातार चोदता रहा। अब बुआ भी नींद से बाहर आ रही थी, तो में रिस्क नहीं लेना चाहता था। अब उसे अहसास हो रहा था कि कोई उनके ऊपर है।फिर उन्हें चोदते-चोदते मैंने उनकी चूत में ही अपना माल निकाल दिया और टावल से अपने लंड और बुआ की चूत को साफ किया और फिर उनको पेंटी और ब्रा पहनाकर उनकी नाइटी को नीचे कर दिया ।।धन्यवाद …