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मम्मी के पेटीकोट का नाड़ा खोला

… : राजीव … , यह मेरी बिलकुल सच्ची कहानी है। में नियमित पाठक हूँ और मुझे इसकी सभी कहानियां बहुत अच्छी लगती है, लेकिन सबसे ज़्यादा अच्छी story मुझे बहन भाई और माँ बेटे वाली लगती है, क्योंकि आई लव माई माँ और में भी अपनी माँ को चोद चुका हूँ इसलिए आज मैंने भी सोचा कि क्यों ना में भी अपनी दिल की बात आप सब पाठक को बताऊँ? क्योंकि ये आप भी जानते है कि ये सब बातें हमारे भारतीय समाज में गलत मानी जाती है और में अपने आपको गलत मानता हूँ, लेकिन में भी क्या करूँ? अब मुझे अपनी माँ से ही प्यार हो गया है तो में क्या कर सकता हूँ? वो कहावत तो आपने सुनी होगी की जब दिल लगे गधी से तो परी क्या चीज है? यही मेरे साथ हुआ है, शायद आप मेरी फिलिंग को समझ पाए, ओके। अब मैंने आप लोगों को काफ़ी बोर कर दिया होगा, अब में सीधा अपनी story सुनाता हूँ।मेरा नाम राजीव है, में अभी दिल्ली में रह रहा हूँ। अब में आपको मेरे और मेरी माँ के सेक्स की कहानी सुना रहा हूँ। अब में आपको मेरी माँ के बारे में बता देता हूँ, मेरी माँ दिखने में बहुत सेक्सी है और उनके बूब्स बड़े-बड़े और कूल्हें भारी-भारी है। फिर अचानक से एक दिन मेरे पापा को बिजनेस के सिलसिले में दूसरे शहर जाना पड़ा। अब में रात होने का इन्तजार कर रहा था। अब माँ अपने सारे काम खत्म करके अपने कमरे में कपडे चेंज कर रही थी। फिर में उसी समय उनके रूम के अंदर चला गया, उन्होंने अपनी साड़ी उतार दी थी और ब्लाउज भी खोल दिया था। अब में उनके पीछे की तरफ खड़ा था और उन्होंने अपना ब्लाउज भी उतार दिया था। फिर तभी वो घूमी तो में खड़ा था, तो वो झट से अपनी साड़ी उठाने लगी और बोली कि क्या चाहिए? यहाँ क्यों खड़े हो? तो तब में बोला कि दूध पीना है।फिर वो बोली कि किचन में जाकर ले लो। तो तब मैंने कहा कि लेकिन मुझे तुमसे लेना है। तो तब वो बोली कि में चेंज करके आती हूँ। फिर तब मैंने कहा कि क्या जरूरत है, यहीं पी लूँगा ना। तो तब वो बोली कि क्या मतलब? तो तब में बोला कि माँ क्यों बनती हो? और फिर मैंने तुरंत ही उनके बूब्स को दबाकर कहा कि यहाँ भरा है ना। तो तब वो बोली कि चल हट, बाहर जा यहाँ से। तो तब मैंने कहा कि मुझे तो पीना है बहुत दिनों के बाद मौका मिला है ना और फिर मैंने उन्हें अपनी बाहों में लेकर उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और उनकी ब्रा को अलग कर दी और फिर उन्हें बेड पर धक्का दे दिया और उन पर चढ़ गया और बोला कि माँ आज मस्ती लेने दो और तुम भी आनंद लो और उनके बूब्स को दबा दिया और बोला कि मान जा। अब में उनके के बड़े-बड़े मस्त बूब्स को बारी-बारी चूस रहा था।अब माँ को भी मज़ा आ रहा था इसलिए अब माँ भी चुप रहकर अपने बड़े-बड़े गोलाई लिए हुए बूब्स को मज़े से चुसवा रही थी। अब मैंने भी मेरी माँ के दोनों निपल्स को चूस-चूसकर बहुत कड़क बना दिया था और दबा-दबाकर उनको ज़ोर-ज़ोर से चूस रहा था। अब धीरे-धीरे उनका पेटीकोट ऊपर होकर उनकी जाँघो तक आ गया था और फिर मैंने माँ के बूब्स को चूसते-चूसते उनके पेटीकोट के नाड़े को खोल दिया और उनके बूब्स दबा रहा था और उनके होंठो पर किस कर रहा था। फिर तभी वो बोलने लगी कि आह अब और मतकर। तब में बोला कि अब तो शुरू हो गया है तो सब कुछ होगा ही ना। अब में अपने हाथों से उनके बूब्स दबा रहा था और अपने होंठो से उनकी नाभि को चूम रहा था। फिर में थोड़ा और नीचे गया और माँ की चूत के पास किस करने लगा था।…फिर मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और माँ के बूब्स पर फैरने लगा और फिर माँ के मुँह पर रख दिया और उनके होंठो पर फैरने लगा था। तब वो बोली कि हटो ना। तो मैंने कहा कि अब इसे चूसो, तो वो मना करने लगी। फिर मैंने उनके मुँह में अपना लंड घुसेड़ दिया और बोला कि बड़ा नाटक करती है, उस दिन तो पापा का ज़ोर-जोर से चूस रही थी और फिर में बोला कि ठीक है मत चूस, फिर तेरी चुदाई करूँगा। अब मेरा लंड खड़ा तो था ही तो मैंने झट से अपना लंड उसके मुँह से बाहर निकाला और माँ की चूत में अपना लंड सरका दिया और अंदर बाहर करने लगा था और ज़ोर-ज़ोर से े लगा था। अब माँ को भी मज़ा आ रहा था। अब वो भी उछल-उछलकर जवाब देने लगी थी। अब में उसके निप्पलों को अपनी उंगलियों से मसलते हुए अपने लंड को उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा था। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब माँ मेरे हर धक्के पर धीरे-धीरे सिसकारियाँ भर रही थी और साथ ही साथ धीरे-धीरे ओहह, आह, आअहह भी कर रही थी। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने माँ से पूछा कि बोल मेरी रानी अब कैसा लग रहा है? तो तब माँ बोली कि बहुत मज़ा आ रहा है, कई महीनों के बाद आज मेरी चूत को प्यार मिला है। तो तब में बोला कि फिर साली नखरे क्यों कर रही थी? सीधी तरह हाँ भर लेती। फिर तब माँ बोली कि बोलो मत सिर्फ़ मेरी चुदाई करो, आज मेरी चूत को फाड़ डालो, क्या शानदार लंड है तुम्हारा? तो तब में बोला कि देर से अक्ल आई है, बोलो कैसे चोदूं? तो तब 2 मिनट के बाद माँ ने मुझसे कहा कि मेरे राजा तेज-तेज करो और तेज और तेज कहते हुए अब वो भी अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी थी और फिर अगले ही पल वो झड़ गई, जिसका अहसास मुझे उसकी बॉडी के काँपने से हुआ था जैसे उसकी बॉडी में मेरे लंड ने करंट सा फैला दिया हो। फिर माँ झड़ने के बाद बोली कि 3 महीने के बाद लंड का स्वाद मिला है और फिर वो शांत होकर लेट गयी और बोली कि में बाथरूम होकर आती हूँ और फिर जब वो आई तो उसके हाथ में गीला टावल भी था। फिर उसने मेरा लंड साफ किया और उसे चूसने लगी थी।अब में हैरान था और अब उसने चूस-चूसकर मेरा लंड खड़ा कर दिया था और बोली कि आह मेरे राजा, आज मेरी चूचीयों को पूरी तरह से मसलकर रख दो, मेरा सारा दूध पी जाओ, आह कहाँ थे अब तक तुम? आज मेरी ऐसी चुदाई करो कि मुझे जिंदगीभर याद रहे। अब में दुगुने जोश से उसकी चूचीयाँ चूसने लगा था। अब तो माँ भी पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और सब बातें भूलकर मस्ती में पूरे ज़ोर से मेरा साथ दे रही थी और चीखने लगी अरे अब आ भी जा यार, प्लीज अब मत तड़पा, जालिम जल्दी से मेरे ऊपर आ जा। अब तक माँ बहुत बेकाबू हो चुकी थी और बार-बार मेरे लंड पर अपना हाथ डाल रही थी। फिर माँ ने अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत के मुँह पर लगाया और बोली कि अब मारो धक्का। फिर मैंने जैसे ही आगे की तरफ एक धक्का दिया तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया। तभी माँ धीरे से चीखी सस्स्स्स और अब दूसरे ही धक्के में मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर था और अब में धक्के मारने लगा था। अब वो भी पूरी मस्ती में आहह, उहह और ज़ोर से, ऑश, ज़ोर से, ज़ोर से, चोद ना, अंदर तक हिला दे, आज पूरा मज़ा ले ले और और करता जा, आह करने लगी थी और बोली कि अपना लंड अंदर तक घुमा दे।अब में भी ज़ोर-जोर से अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा था। फिर तभी माँ बोली कि तुझे भी मस्ती आ रही है, मज़ा आ गया, आज बहुत दिनों के बाद जवानी का मज़ा पाया है, कसम से आज तूने मुझे अपनी जवानी के दिन याद दिला दिए, हाईईईई, हाईई, इसस्स। अब में भी बहुत जोश के साथ चुदाई कर रहा था और बोला कि में आज तेरी चूत की धज्जियाँ उड़ा दूँगा, अब तू पापा से चुदवाना भूल जाएगी, हर वक़्त मना करती थी, अब मेरा ही लंड अपनी चूत में डलवाने को तड़पा करेगी, आआहह, माँ हाईईईईईईई क्या मज़ा आ रहा है? और फिर में बोला कि ओके डार्लिंग ये ले, मजा आ रहा है ना, आज में भी अपने लंड से तेरी चूत को फाड़कर रख देता हूँ। अब माँ चिल्ला रही थी अया, गुड, एमम, आअहह, उहह। फिर में पूरी रात माँ को चोदता रहा, मेरी माँ मेरा शायद पहला प्यार बन गई थी ।।धन्यवाद ……