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मौसी के साथ सुहानी रात

… : गुमनाम … , में गुजरात का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 20 साल है। मुझे शुरू से ही चुदाई का बहुत मन करता था इसलिए मुझे इस काम में बहुत रूचि रही और ऐसा करके मेरे मन को बहुत शांति मिलती है और आज में आप सभी डॉट कॉम के चाहने वालो को जो अपनी एक सच्ची चुदाई की बात बताने जा रहा हूँ। इस चुदाई के बाद मुझे बहुत शांति मिली और मेरा मन ख़ुशी से झूम उठा। वैसे में बताना चाहता हूँ कि मैंने यह चुदाई अपनी हॉट सेक्सी मौसी के साथ पूरी की और मैंने उनको जमकर चोदा वैसे। मेरी उन पर नजर पिछले कुछ समय से थी, लेकिन मुझे कोई अच्छा मौका नहीं मिला और जब मिला तब मैंने अपने इस काम को पूरा किया और मैंने उनको बहुत देर तक लगातार धक्के देकर चोदा, क्योंकि में बहुत देर तक बिना रुके चुदाई करने में बड़ा अनुभवी हूँ और अब आप सभी को अपने परिवार से परिचय करवाकर में कहानी को शुरू करता हूँ। यह चुदाई की कहानी एक सप्ताह पहले की एक सच्ची घटना है, जब मेरी पढ़ाई की छुट्टियाँ चल रही थी इसलिए में कुछ दिनों के लिए अपनी मौसी के घर गया हुआ था और मुझे देखकर मेरी मौसी के सभी परिवार के लोग बड़े खुश थे और मुझे भी अपनी मौसी से मिलकर मन ही मन बड़ी खुशी थी। वैसे तो में हर कभी उनके घर चला जाता था, लेकिन इस बार मेरे साथ वो घटना हुई जिसने हम दोनों का जीवन बिल्कुल ही बदल दिया। मेरे मौसाजी एक प्राइवेट कंपनी में बस में कंडक्टर का काम करते है और वो हर एक रात को छोड़कर दूसरी रात को अपने घर आते है क्योंकि उनको बहुत दूरी तक जाना पड़ता है, मेरी अच्छी किस्मत से उस रात को भी वो अपनी नौकरी पर गए हुए थे और घर में सिर्फ़ में मेरी मौसी और उनके देवर की दो लड़की ही घर पर थे। वो दोनों लड़कियाँ उम्र में छोटी थी और वो भी मेरी तरह कुछ दिन रुकने वहां पर आई थी। मेरी मौसी उम्र में 28 साल की है, लेकिन वो उनके बदन को देखकर बिल्कुल भी नहीं लगती थी कि वो शादीशुदा भी है, वो बहुत चुस्त तंदरुस्त दिखने में बहुत सुंदर थी और उनके बूब्स का आकार 28-25-30 के करीब था और उनकी त्वचा एकदम गोरी और चिकनी थी। जिसको देखते ही किसी का भी लंड खड़ा हो जाता है और उनको अपनी बाहों में लेकर चूमने चाटने का मन करता है।फिर रात को हम सभी ने साथ में बैठकर खाना खाया और उसके बाद हम टीवी देखने लगे। तब तक मौसी रसोई का काम खत्म करके आई और करीब 10:30 बजे वो दोनों लड़कियाँ उसी कमरे में टीवी देखते हुए ही ना जाने कब सो गयी जिसके बाद में और मेरी मौसी बैठे हुए टीवी पर एक फिल्म देख रहे थे, तभी थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि अब मेरी मौसी भी दिन भर के काम की वजह से थककर वहीं पर सो गयी। वो हर रात के समय मेक्सी या ब्लाउज और पेटीकोट पहनकर सोती है, लेकिन उस दिन उन्होंने ब्लाउज और पेटीकोट पहना हुआ था और कुछ देर बाद गहरी नींद में सो जाने के बाद उन्होंने करवट बदली, जिसकी वजह से उनका पेटीकोट ऊपर जांघो के पास पहुंच गया। अब वो एकदम चित होकर लेटी हुई थी, जिसकी वजह से उनकी हर सांस के साथ उनके बूब्स नीचे ऊपर उठकर मुझे चकित करके अपने पास बुला रही थी। में कुछ देर उनके बूब्स को दूर से ही देखता रहा और एक बार उनका गोरा मुलायम पेट ब्लाउज से बाहर निकलते हुए बूब्स पर जब मेरी नजर पड़ी। फिर उसके बाद मेरा मन टीवी देखने में बिल्कुल भी नहीं लगा और में उनको घूर घूरकर देखने लगा था और फिर जब में टीवी को बंद करने गया तो मेरी नज़र उनके गोरे चिकने पैरों पर पड़ी। दोनों पैर ऊपर उठे हुए होने की वजह से उनका पेटीकोट इतना ऊपर आ गया था कि में बड़ी आसानी से उनकी पेंटी को देख सकता था। गोरी गोरी जांघो पर काले रंग की पेंटी को देखकर में मन ही मन ललचाने लगा यह सब देखकर में अब कुछ ज़्यादा ही गरम हो गया और अब मैंने तुरंत ही अपनी शर्ट को उतार दिया और में सिर्फ़ बरमूडा पहनकर उनके पास जाकर लेट गया। अब मैंने अपना हाथ उनकी गर्दन के नीचे डाला और अपने दूसरे हाथ से उनका एक हाथ मैंने अपनी कमर पर रखा। फिर उसके बाद मैंने अपना एक पैर उनके पैरों के ऊपर रख दिया और फिर में उनसे लिपट गया। अब मेरी इन हरकतों की वजह से वो जाग गयी, लेकिन मैंने तुरंत ही अपना हाथ उनके मुहं पर रख दिया और फिर मैंने उनसे कहा कि आज मुझे आपके साथ सोना है यह बात कहकर मैंने उनके मुहं से अपने हाथ को हटाया और उनकी कमर पर हाथ रखकर तुरंत उनको अपनी बाहों में भर लिया और उनके कंधे पर अपना सर रख दिया, लेकिन उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा और वो भी मुझसे लिपट गयी। फिर उसके बाद में उनके कान को अपने मुहं में लेकर चूसने लगा और थोड़ी थोड़ी देर के बाद में उनके कान को अपने दाँत को दबा भी देता। फिर मेरे यह सब करने की वजह वो अब धीरे धीरे गरम होती जा रही थी और वो मुझे अपनी छाती पर दबा रही थी। उनका जोश हरकतों को देखकर में झट से समझ गया कि अब में अपने काम को आगे बढ़ा सकता हूँ मुझे लगने लगा था कि मेरा रास्ता अब पूरी तरह से साफ है और मेरी हिम्मत पहले से ज्यादा बढ़ चुकी थी। फिर मैंने यह बात सोचकर अपना हाथ उनकी कमर से हटाकर उनके बूब्स की तरफ बढ़ा दिया और झट से उनके एक बूब्स को अपने हाथ में ले लिया और में उसको दबाने लगा। वो अहसास बड़ा ही हटकर था, क्योंकि उनके बूब्स बड़े आकार के होने के साथ साथ बहुत मुलायम भी थे, इसलिए में मज़े लेता रहा। फिर थोड़ी देर के बाद में अब उनके ऊपर चढ़ गया और उनके नरम रसभरे होंठो को चूमने लगा और फिर मैंने महसूस किया कि कुछ देर बाद वो भी इस काम में मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।…फिर कुछ देर बाद मैंने अपने होंठो को उनके होंठो से हटाकर उनकी गर्दन पर रख दिया और अब में उनकी गर्दन को चूमने और चूसने लगा था। उसके बाद मैंने उनके ब्लाउज को उनके कंधो से सरका दिया और अब में उनके गोरे कंधो को चूमने, चाटने लगा, में ब्लाउज के ऊपर से ही उनके बूब्स को चूमने लगा। अब मैंने महसूस किया कि उन्होंने अपने ब्लाउज के अंदर ब्रा भी नहीं पहनी थी इसलिए बूब्स के निप्पल जोश में आकर खड़े होकर अब मेरे मुहं में थे और में उनकी निप्पल को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा। अब मौसी भी जोश में आकर मेरे सर को अपने बूब्स पर दबा रही थी। उस काम को करते हुए मैंने एक एक करके ब्लाउज के सारे हुक खोल दिए और उसके बाद का द्रश्य देखकर में अपने होश बिल्कुल खो बैठा। फिर कुछ देर तक में एकदम चकित होकर बस देखता ही रहा, क्योंकि अब उनके बड़े आकार के तने हुए बूब्स उछलकर मेरे मुहं के एकदम सामने आ गए थे और में उन पर भूखे कुत्ते की तरह झपट पड़ा और अब में उनके बूब्स को पहले से भी ज़्यादा से ज़्यादा ज़ोर लगाकर अपने मुहं में लेकर चूसने लगा। मौसी अब तक बहुत ज्यादा गरम हो गयी थी और वो अब ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी। फिर तभी मुझे लगा कि शायद उनकी सिसकियों की आवाज़ से उसी कमरे में सो रही दोनों लड़कियाँ उठ जाएगी, इसलिए मैंने उनके होंठो पर अपने होंठो को रखकर उनकी आवाज़ को बंद कर दिया। वो इतनी ज्यादा गरम हो गयी थी कि कुछ देर बाद जोश में आकर उन्होंने मुझे धकेल दिया और अब वो मेरे ऊपर आ गयी। फिर उन्होंने मेरे मुहं में अपनी जीभ को डाल दिया और वो मेरे होंठो को ज़ोर ज़ोर से चूमने लगी। फिर उसी समय मैंने उनके ब्लाउज को उनके गोरे सेक्सी बदन से अलग कर दिया और उनको वापस अपने नीचे कर लिया और उनको चूमते हुए मैंने कहा कि चलो दूसरे कमरे में चलते है। फिर वो तुरंत तैयार हो गई, जिसके बाद हम दोनों वहाँ से उठे और पास वाले दूसरे कमरे में चले गये।वहाँ जाते ही मैंने तुरंत पंखा चालू किया और दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया उसके बाद हम वहीं पर खड़े खड़े एक दूसरे से लिपट गये और एक दूसरे को चूमने लगे। में उनकी नंगी पीठ को सहला रहा था। तभी मेरा एक हाथ उनके कूल्हों पर पहुंच गया और में उनके दोनों कूल्हों को अपने हाथ में लेकर दबा दबाकर सहलाने लगा और उसी समय मेरे हाथ में उनके पेटीकोट का नाड़ा आ गया, जिसको पाकर में खुश था। बिना देर किए मैंने उसको पकड़कर खींच दिया और नाड़ा ढीला होते ही पेटीकोट अपने आप ही खुलकर नीचे जा पड़ा। फिर उन्होंने अपने दोनों पैरों को उठाकर उसके एक तरफ कोने में सरका दिया। अब वो मेरे सामने मुझसे सिर्फ़ पेंटी में लिपटी हुई खड़ी थी। में उनको अपनी बाहों में लेकर चूमते हुए ही धकेलते हुए बेड पर ले गया और मैंने उनको बेड पर सीधा लेटाकर दोबारा चूमना शुरू किया। तभी कुछ देर बाद उन्होंने मेरे लंड को कपड़ो के ऊपर से ही पकड़ लिया। मैंने भी अब अपने सारे कपड़े उतारकर में भी उनके सामने पूरा नंगा हो गया और अब मैंने उनकी पेंटी को भी उतार दिया तब छूकर महसूस किया कि वो पहले से ही चूत रस में भीगी हुई थी। अब मैंने देखा कि उनकी चूत एकदम साफ बहुत चकनी थी, जिसको देखकर में बड़ा ही आश्चर्यचकित था, उन्होंने मेरा तनकर खड़ा हुआ लंड अपने कोमल हाथों में ले लिया और वो उसको सहलाने हिलाने लगी थी। मेरा लंड खड़ा होकर सात इंच लंबा हो गया था। अब उन्होंने उठकर मेरे लंड को चूमना अपनी जीभ से चाटना शुरू किया और फिर मैंने सही मौका देखकर उनके मुहं में लंड को अंदर धकेल दिया। वो मेरे लंड को चूसने लगी और अंदर बाहर करके चाटने लगी और अपनी जीभ को टोपे के ऊपर घुमाकर मेरे जोश को बढ़ाने लगी और फिर में भी लेटकर उनकी चूत में अपनी जीभ को डालकर चाटने चूसने लगा, लेकिन थोड़ी ही देर के बाद मैंने उनके मुहं में अपने लंड का वीर्य निकाल दिया।फिर उन्होंने वो सारा रस अपने मुहं से बाहर निकालकर नीचे थूक दिया अब में झड़ जाने की वजह से थोड़ा सा नरम पड़ गया और थककर बेड पर लेट गया, लेकिन वो अभी भी उतनी ही गरम थी और अब दोबारा से वो मेरे ऊपर आ गयी और मेरे मुहं के पास उन्होंने अपनी चूत को रख दिया और वो मेरा लंड चूसने लगी। मैंने भी उनके बूब्स को अपने हाथ में ले लिया और में उनको मसलते हुए उनकी रसभरी कामुक चूत को अपनी जीभ से चाटने े लगा, ऐसा करने की वजह से थोड़ी ही देर के बाद मेरा लंड एक बार फिर से तन गया और वो उनकी चुदाई करने के लिए तैयार हो गया। अब मैंने उनको बेड पर लेटने के लिए कहा और में उनके दोनों पैरों के बीच में आ गया। उसके बाद मैंने अपने लंड को उनकी चूत के दरवाजे पर रखा और थोड़ा सा अंदर की तरफ दबाया, लेकिन चूत पहले से ही बिल्कुल चिकनी होने की वजह से पूरा का पूरा लंड एक ही बार में फिसलता हुआ अंदर चला गया और जैसे ही मेरा लंड मौसी की चूत के अंदर गया तो उनके मुहं से दर्द की वजह से एक हल्की सी चीख निकल गयी। फिर मैंने उनको खींचकर अपनी जांघो के ऊपर कर लिया और अब में धक्के देकर उनकी चुदाई करने लगा और थोड़ी देर के बाद में उनके ऊपर आ गया और उन्हे तेज तेज धक्के देकर े लगा और वो भी जोश में आकर मुझे अपनी बाहों में कसकर जकड़कर मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैंने उनको वैसे ही दमदार तेज धक्के देकर करीब बीस मिनट तक चोदा और उसके बाद मैंने अपना पूरा वीर्य उनकी चूत के अंदर भर दिया। उस रात को मैंने उन्हे रुक रुककर तीन बार चोदा और करीब दस अलग अलग तरह के चुदाई के तरीको से चोदा और उस रात की चुदाई के बाद मैंने अपनी मौसी को करीब एक सप्ताह तक जब भी मुझे मौका मिलता तब उनको जमकर चोदा और कभी कभी में दूसरो की नज़र बचाकर उनके होंठो को चूम भी लेता या उनके बूब्स को दबा भी देता। यह थी मेरी मौसी के साथ मेरी वो चुदाई की सच्ची घटना में उम्मीद करता हूँ कि यह आप सभी को जरुर पसंद आई होगी ।।धन्यवाद ……