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मैडम के साथ फ़ोन सेक्स-5

नेक्स्ट डे , सुबह 10 बजे मैने उसे मेसेज करा ..

मे: हेलो, जानेमन क्या हाल चल है? कहाँ पर हो क्या कर रही हो?
आंशिका’स रिप्लाइ: हाय , गुड मोर्निंग , कहाँ हूँगी कॉलेज मैं हूँ, वो फेस्ट की प्रेपरेशन चल रही है, मैं तुम से बाद मैं बात करती हूँ, ी बिज़ी, सॉरी, बाय .

मेरी हॉलिडेज़ थी और कुछ करने को भी नहीं था, मैं बोर हो रहा था, तभी मेरा मन करा की इस बारे मैं अपने किसी एक फ्रेंड को तो कम से कम बताना चाहिए. देन मैं अपने सबसे ट्रस्टवर्ती फ्रेंड के पास गया और मैने उसे बताना शुरू किया पर हाँ मेरा मन फिर भी पूरी बात बताने का नहीं था, कहीं वो किसी और को बता देता या फिर खुद ही कुछ करता, सो इसीलिए मैने उसे टूटी फूटी बातों मैं ही बताया …

मे: यार एक लड़की है, उससे बात कर रहा हूँ आजकल.
फ्रेंड: नेट पर?

मे: ना फोन पर.
फ्रेंड: अछा जी, क्या बात है.कहाँ से मिल गयी? कैसी है ?

मे: हे तो मस्त, आई मीन नेचर अछा है.
फ्रेंड: हाय , क्या नाम है?

मे: मैने झूठ बोला अनु नाम है
फ्रेंड: क्या करती है? कहाँ रहती है?

मे: वो यार देल्ही से बाहर की है, हरयाणा साइड की है, वो जॉब करती है एक कंपनी मैं.
फ्रेंड: फिर क्या फ़ायदा, यहाँ की होती तो उसे पटाकर दोनो चोदते .

ठरकी साला , मैने तभी किसी को नहीं बताया था, क्यूंकी ये आग बड़ी तेज़ी से फैलती है और अभी तक तो मेरे हाथ भी गरम नहीं हुए थे तो औरों के कैसे होने देता

मे: चल बे, े वोदने का कोई प्लान नहीं है, वी आर जस्ट फ्रेंड्स, ऐसे ही बात हो जाती है.
फ्रेंड: नंबर दे उसका.

मे: हाँ उसकी गांड काटके तेरको ना दे दूं साले ठरकी , हमेशा लंड से ही सोचियो.. तेरे टाइप की नहीं है,
फ्रेंड: अरे तो कर दूँगा उसे मेरी टाइप की, हहेहेहेहहहीः

हम दोनों ऐसे बातें करके हंसते रहे, तभी उसने बताया की उसके किसी ब्रदर की शादी है कुछ दिनों मैं, मैने पूछा भाभी कैसी है? देखी है तूने?

फ्रेंड: हाँ यार मस्त है एकदम , कई बार मिल भी चूका हूँ.
मे: अछा जी, कैसे,

फ्रेंड: यार लव मॅरेज है, सो भेय्या मिलवा चुके हैं कई बार.
मे: सही है यार, कैसी है मस्त है भाभी?

फ्रेंड: साले ब्रेस्ट देखेगा तो पागल हो जाएगा.
मे : सोचते हुए- अबे मैने पकड़ भी रखी है वो भी 32 डीडी अछा जी, बड़ी होंगी.

फ्रेंड: अबे यार पूछ मत, वैसे ही भाभी डीप नेक के टॉप्स पहनेती है, यार रहा नहीं जाता, भेय्या के तो मज़े हैं यार
मे: तेरे भेय्या तो कई बार मज़े ले चुके होंगे.
फ्रेंड: कई बार? आब्बी हर दूसरे दिन चोदते थे,
मे: अछा जी, तुझे बेताके चोदते थे क्या?

फ्रेंड: अब्बे यही समझ ले, हर दूसरे दिन मिलने जाते थे, कॉंडम उनके पास वैसे ही रहते थे हमेशा और एक दो बार तो मेरे से भी मँगवाए थे.
मे: मस्त है यार, तेरे भेय्या की तो लाइफ सेट है.

फ्रेंड: यार उनकी तो लाइफ सेट है पर अप्नी तो हालत खराब हो जाती है भाभी के पास जाकर. कहीं जवानी मैं मुँह ना काला कर बैठून. हहेहहे
मे: हहेहेहहहीह. चल अगर मौका मिले तो मुझे भी याद कर लिओ.

फ्रेंड: साले अभी नंबर देते हुए तो तेरी गांड फट रही थी और मेर्को बोल रहा है शेयर करने को.
मे: अब्बे भोसड़ी के बोल तो ऐसे रहा है तू की तेरी भाभी तेरे बेड मैं लेटी हो नंगी इस वक़्त बस तेरा ही इंतेज़ार कर रही है आने का, साले तेरे भाई को पता चल गया ना, गांड तो मरेगा ही और तेरा लंड काट कर तेरे ही रूम की दीवार पर टाँग देगा निहारता रहियो अपने कटे हुए लंड को.

फ्रेंड: अब्बे यार एक बार मौका तो दे दे भाभी, बाद की कोई चिंता नहीं.
मे: सुन .. तू बस रंडियों को चोद , तेरे से वोही पट सकती है बस.

फ्रेंड: अब्बे यार क्या बोल दिया, अब तो जाना ही पड़ेगा एक दो दिन मैं.
मे: साले लंड सड़ जाएगा सड़ी हुई चूतों मैं डालकर,

फ्रेंड: अब्बे पागल है क्या, मैं कोई जी बी रोड थोड़ी ना जाता हूँ, मैं तो हाउसवाइव्स के पास जाता हूँ. लास्ट टाइम एक sixteen साल की लड़की को चोदा था, मज़ा आ गया था यार, साली जो आवाज़ें निकल रही थी.
मे: मेरी तो गांड ही जल गयी ये सुनकर अछा जी.

फ्रेंड: तेर्को पता है मेरे फ्रेंड के साथ क्या हुआ?
मे: क्या हुआ?

फ्रेंड: अब्बे मेरा फ्रेंड ना एक रंडी को घर लेकर आया, उसके घर मैं उस दिन कोई नहीं था, रात को कर रहे होंगे, वो साली इतनी ज़ोर ज़ोर की आवाज़ें निकल रही जान भुजकर – “हाय बच्चेदानी मैं घुस गया, हाय कितना मोटा है, हाय और कितना छोड़ेगा ” उसके पड़ोस मैं पता चल गया की किसी की चुदाई हो रही है, अगले दिन उसका पड़ोसी पूछता है की रात को कौन आया था, मेरे दोस्त की तो गांड फट गयी वहीं पर, कहने लगा की कोई नहीं वो ब्लू फिल्म चल रही थी. हहेहेहेहेहेहेहेहहे
मे: हहेहेहहेहेहेहीहे.फिर कुछ कहा पड़ोसिओं ने उसके पेरेंट्स को?

फ्रेंड: ना, वो तो अछा थी की लड़के रहते हैं पड़ोस मैं, तो उन्होने कुछ नहीं कहा, अब साले ये दोनो पड़ोसी और मेरा फ्रेंड एक साथ चोदते हैं रंडियों को.
मे: हहेहेहेः, सही है, एक रंडी ने दो पड़ोसिओं को करीब ला दिया.हहेहेहहेहीः.

तभी आंशिका का मेसेज आया की आई विल कॉल यु अराउंड 1 पीयेम, इन लंच टाइम. उस समय 12:30 हो रहे थे, तो मैने अपने दोस्त के पास से खिसकना ही सही समझा और मैं वहाँ से चला गया और अपने गहर आ गया और एक बजे का इंतेज़ार करने लगा.

देन उसका 1:15 पे कॉल आया .,

अंशिका .: हाय .. कैसे हो?
मे: हाय , . आई एम् फायन एंड हाउ आर यु ?

आंशिका: आई एम् ऑल्सो फाइन थॅंक्स. सो क्या चल रहा है मिस्टर.?
मे: कुछ नहीं, ऐसे ही अपने दोस्त से मिलने गया था, उससे थोड़ी बातें करी बस.

आंशिका: ओक, तुम्हारे किसी दोस्त को पता है की यु टॉक विद मी ?
मे: नहीं, किसी को नहीं पता.

आंशिका: क्यूँ?
मे: नोबडी विल अंडरस्टॅंड और रीलेशन ऑफ ट्रू फ्रेंड्स, वॉट यु थिंक सो? तुमने अपने किसी फ्रेंड को बताया?

आंशिका: नहीं, मैने भी नहीं बताया है एस सच, हाँ यहाँ कॉलेज मैं एक मेरी सीनियर टीचर है,काफ़ी अची बनती है उससे, उसे ऐसे ही बताया था की एक नया फ्रेंड बना है हु इस एज ऑफ माय स्टूडेंट.
मे: ओक, कुछ कह रही थी वो ?

आंशिका: कुछ नहीं, कह रही थी की एक छोटी सी लव story है क्या?
मे: हहेहहे, देन क्या बोला तुमने.

आंशिका: क्या बोलती? मैंने बोल दिया नहीं बस ऐसे ही बस.
मे:ओक, कब बताया था?

आंशिका: परसों.
मे: ओक, सो लंच कर लिया?

आंशिका: हाँ कर लिया और तुमने?
मे: नहीं अभी करूँगा, सो अभी क्या हो रहा है कॉलेज मैं?
आंशिका: कुछ नहीं स्टूडेंट्स प्रॅक्टीस कर रहे हैं इवेंट्स की, और गर्ल्स सेक्सी ड्रेसस पहेंकर कॅट वॉक की प्रॅक्टीस कर रही हैं फॅशन शो के लिए.
मे: अछा जी , सही है

आंशिका:हाय , किसी के कान खड़े हो गये शायद.
मे: सिर्फ़ कान ही नहीं कुछ और भी खड़ा होता है.

आंशिका: चुप बदमाश, एक दम डफर हो तुम, कुछ भी बोलते हो.
मे: यार बस सच बोला.

आंशिका : तुम हमेशा ग़लत जगह ही ग़लत बात क्यूँ करते हो?
मे: तुम कभी सही जगह मिलती ही नहीं.

आंशिका: अरे बाबा, तुमसे तो बहस करना ही बेकार है,
मे: सो तो है, तो बताओ कब सही जाग होगी तुम जिससे सही बात कर सकूँ तब.

आंशिका: शाम को ही टाइम मिलेगा यार.
मे: ओक, मतलब शाम तक ना ही कान खड़े होंगे और ना ही ……..

आंशिका: हहेहेः, ऐसा ही समझो.
मे: अछा सुनो कल रात को मज़ा आ गया यार.

आंशिका: हाँ हाँ सही है मुझे परेशान करते रहो और मज़े लेते रहो.
मे: परेशान ? तुम्हे मज़ा नहीं आया? सच सच बताना.

आंशिका: हाँ आया तो बट स्टील यु नो.
मे: वॉट यु नो, किसी पड़ोसी ने कुछ देखा छत पर? किसी ने कुछ कहा ?

आंशिका: नहीं फिर भी.
मे: फिर भी क्या, मुझे तो बड़ा माज़ा आया.

आंशिका: घर बैठे बैठे ही मज़े ले लिए तुमने?
मे: ऐसे ही हैं हम, दूर से मज़े ले लेते हैं, जब साथ होगी तो और लेंगे.

आंशिका: पूरे हॉर्नी हो तुम.
मे: अंजान बनते हुए अब ये हॉर्नी क्या होता है?

आंशिका: मुझे नहीं पता
मे: देन कहा क्यूँ? बताओ ना, क्या होता है?

आंशिका: नहीं पता, खुद पता लगा लो.
मे: मुझे तो कोई गाली लग रही आयी, यार हिन्दी मैं ही दे दो गाली.

आंशिका:आररीईईई, तुम पागल हो क्या? गाली क्यूँ दूँगी? हॉर्नी मीन्स होता है ठ …ठ …ठरकी .
मे: ओह, तो ऐसे बोलो ना, अब क्या करूँ हूँ तो हूँ, और इसमें तुम्हारा भी फ़ायदा है, बोलो है की नहीं?

आंशिका: हहेहेहेहेहेहहे, य़ेस सर , अछा मैं फोन रखती हूँ, लंच टाइम ओवर, शाम को बात करती हूँ.
मे: ओक, एक बार प्रेस करो.

आंशिका: क्या?
मे: क्या करोगी?

आंशिका: तुम पागल हो गये हो, मैं कॉलेज मैं हूँ.
मे: तो क्या कॉलेज मैं प्रेस करना माना है?

आंशिका: यार इट्स टू मच, मैं रख रही हूँ फोन अब.

और उसने बिना बाइ बोले फोन रख दिया.

शाम को करीब 7 बजे उसका मेसेज आया –

आंशिका: हे, हाउ आर यु ?
मे: जैसा भी हूँ, तुम्हे उससे क्या?

.: अरे यार सॉरी फॉर नून, वो एक टीचर आ गई थी तो रख दिया था, सॉरी.
मे: हाँ, मुझे वैसे . पता क्या चलेगा की कोई आया था या नहीं?

आंशिका: इतना भी विश्वास नहीं है दोस्त पर?
मे:विश्वास है, इसीलिए अभी तक बात कर रहा हूँ, पर एक मेसेज भी हो सकता था न बाद मैं.

आंशिका: सॉरी आई वाज़ बिज़ी, और तुम भी ऐसी बात करते हो मेर्को भी गुस्सा आ गया था. हमेशा ग़लत जगह ही करते हो बात,
मे: हाँ ग़लत इंसान हूँ, तो ग़लत जगह ही करूँगा. तुम ही बता दिया करो ना की कौनसी सही जगह है वहीं करूँगा देन.

आंशिका: यार तुम तो बहुत जल्दी बुरा मान जाते हो, सही जगह अभी थोड़ी देर मैं होगी, अभी मैं खाना बना रही हूँ देन डिन्नर करके तुमसे फोन पर बात करूँगी, तब मैं अपने रूम मैं होंगी, तब कुछ भी बोलना ओक.
मे: ह्म, देखते हैं.

आंशिका: अब तो स्माइल पास कर दो, अछा एक किस करो जल्दी से, फिर स्माइल आएगी तुम्हे,
मे: मुआआह.

आंशिका: गुड बॉय, ऐसे ही रहा करो खुश. अछा चलो मैं तुम्हे थोड़ी देर मैं कॉल करती हूँ तुम भी तब तक डिन्नर कर लो, देन आज बात करेंगे आराम से काफ़ी देर तक, ओक.
मे: क्या इरादा है आज मेम ?

आंशिका: मेरा तो कोई ख़ास इरादा नहीं है, तुम्ही अपने इरादे बता देना, मेरे शैतान दोस्त.
मे: वो तो मैं हमेशा ही बताता रहता हूँ पर यु ऑल्वेज़ अट रॉंग प्लेस.

आंशिका: ह्म चलो आज राईट प्लेस पर हूँगी, सो बी रेडी विद युवर इरादे. लॉल
मे: ओक, टिल देन बाइ टेक केयर .

मेर्को तो जैसे लगा की वो कह रही हो की आज कॉंडम तय्यार रखना मैं चूत खोले रखूँगी और आ जाना घुसा जाना.
मेरा लंड फड़फदा रहा था बुरी तरह, उसके फोन रखते ही मूठ मारी एक बार, रहा ही नहीं जा रहा था. दिमाग़ मैं बार बार उसका नंगा शारीर घूम रहा था की – “हाए उसकी चुचियाँ ऐसी होगी, उसकी चूत ऐसी होगी, वो नंगी खड़ी ऐसी होगी, उस पोज़िशन मैं होगी, उसकी चूत चिकनी भी हो सकती है या बालों से भरी हुई भी, गांड तो उसकी चुचियों से भी बड़ी होगी, वो नंगी कैसी दिखती होगी”
बस यही सोच सोच कर मूठ मार लिया .

रात को 9 बजे उसका एक मेसेज आया – अभी करती हूँ 10मीं मैं कॉल ओक, फ्री रहना

बस उसका यही मेसेज पड़कर मेरे दिल की धड़कन और लंड की तड़प बढ़ गयी, मैं अपने रूम मैं गया, लाइट्स ऑफ करी, कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म चलाई, और नंगा बैठ गया की कब उसकी काल आए, तो उससे बात करते करते मैं मूठ मार सकूँ. देन ठीक 10 मीं बाद उसकी कॉल आई…………………

मे: हेलो,
आंशिका: हाय , हाँ जी, एंग्री यंग मेन कैसे हो?

मे: एंग्री नहीं हूँ, डोंट वरी, तुम बताओ
आंशिका: थॅंक गोड , आई एम् ऑल्सो फाइन

मे: कॉलेज मैं दिन कैसा रहा?
आंशिका: सही था, ठक गयी बुरी तरह, स्टूडेंट्स के पीछे पीछे भाग कर.

मे: तुम भागी स्टूडेंट्स के पीछे, मुझे तो लगा स्टूडेंट्स तुम्हारे पीछे भागते होंगे.
आंशिका: नहीं जी हमें ही भागना पड़ता है, वो तो किसी और के पीछे भागते हैं

मे: टेस्ट सही नहीं है तुम्हारे स्टूडेंट्स का,
आंशिका: नहीं ऐसी बात नहीं है, उनका टेस्ट यंग है, सिर्फ़ अपने साथ की लड़कियाँ पसंद आती है उन्हे.

मे: वो तो पता है, बट तुम्हे कैसे छोड़ देते हैं वो .
आंशिका: अब मैं उनकी टीचर हूँ, फ्रेंड तो हूँ नहीं जो मेरे पीछे पड़े रहेंगे .

मे: अछा हुआ मैं तुम्हारा स्टूडेंट नहीं था, वरना हर वक़्त सिर्फ़ तुम्हे देखता ही रह जाता, लॉल
आंशिका: लॉल, योउ आर क्वाइट स्मार्ट मानना पड़ेगा.

मे: ओह, थॅंक यु , पर स्मार्ट किसलिए बोला?
आंशिका: वोही तुम्हारा नो. लेने का स्टाइल, एग्ज़ॅम रूम मैं क्वेस्चन पेपर, तुम्हे डर नहीं लगा था ? की मैं गुस्सा हो ., या कुछ और एक्शन ले लेती.

मे: हमने भी कच्ची गोलियाँ नहीं खेली है, तुम्हारा क्यूट सा फेस देख कर पता चल गया था की तुम औरों की तरह आटिट्यूड वाली नहीं हो, योउ अरे सच आ डार्लिंग.
आंशिका: थॅंक यु सो मच, सो स्वीट ऑफ योउ.

मे: युवर वेलकम, चलो ये तो हुई तुम्हारी तारीफ़, बट ये बताओ, तुमने तो कुछ क्यूँ नहीं कहा, आई मीन तुम शॉक तो हुई होंगी की मैने एक दमसे नो मांग लिया वो भी एग्ज़ॅमिनेशन हॉल मैं.
आंशिका: वेल तुम्हारी हरकतों से पता ही चल गया था की योउ अरे नॉटी, और तुम भी शकल से औरों के तरह नहीं दिखते सो मैने सोचा चलो रिस्क ले लेते हैं.

मे: मेरी कौनसी हरकत?
आंशिका: वो जो तुम्हारी आँखें मुझे घुरती रहती थी.

मे: तुम्हे तो मैने घूरा ही नहीं.
आंशिका: अछा जी, जैसे मेर्को पता ही नहीं.

मे: अरे सच मैं, मैं तो तुम्हारी 32ड्ड साइज़ को घूर रहा था, लॉल
आंशिका: हाँ तो बात तो वोही हुई ना, हे तो मेरा ही ना साइज़.

मे: तुम यार एग्ज़ॅम नहीं करने देती थी, और जब साइन करती थी शीट पर झुक कर मैं पागल हो जाता था और तुम्हारी स्माइल, कातिल यार.
आंशिका: आई नो, कुछ ज़्यादा ही तारीफ़ हो रही है अब. बस करो.

मे: नहीं सच मैं यार, योउ अरे सो सेक्सी.
आंशिका: मुझे तो लगा जो तुम्हारी साथ वाली सीट पर लड़की बैठ थी थी वो ज़्यादा सेक्सी लगती थी तुम्हे, जो शॉर्ट्स क्लोद्स पहनकर आती थी.

मे: नहीं यार, ये लड़कियाँ तो डाइयेटिंग करती है, शॉर्ट क्लोद्स पहेनटी है, मेकप करती है, आटिट्यूड दिखती है और बेकार के नखरे करती है, फिर भी उतनी सेक्सी नहीं लगती पर तुम तो लाजवाब हो.
आंशिका: मैं मोटी तुमको लाजवाब लगती हूँ?

मे: यार योउ अरे नोट मोटी, पहले भी बोला था
आंशिका: हाँ हाँ ई नो, वलप्चयस वूमन , युवर टाइप.

मे: या डियर. अभी क्या पहना है तुमने?
आंशिका: मे इन नाइट गाउन.

मे: क्यूँ पहना है?
आंशिका: हहहे, अरे तो पहनु नहीं?

मे: कब तक छुपाओगी अपने आप को?
आंशिका: इतराते हुए जब तक हो सके.

मे: तुम्हे पता है मैं कितना जिद्दी हूँ.
अँहसिका: वो तो है जी.

मे: ब्रा भी पहनी है अंदर?
आंशिका: नो, रात को नो अंडरगार्मेंट्स.

मे: गुड.
आंशिका: हंसते हुए वाइ गुड?

मे: ये अंदर का मामला है,हहहे
आंशिका: हहहे, नौटंकी हो तुम.

मे: चलो देन नौटंकी स्टार्ट करते हैं, और यार आज ज़्यादा भाव मत खाना.
आंशिका: मैं तुम्हे ऐसी लगती हूँ भाव खाने वाली? वो तो ग़लत जगह तुमने बोला था करने को इसीलिए मना करा था .

मे: जान, आई नो तुम भाव नहीं खाती, बट स्टिल… मतलब ज़्यादा शरमाने का नाटक मत करना ओक.
आंशिका: हंसते हुए ट्राइ करूँगी.

मे: मैं तुम्हे पास नहीं होने दूँगा इसमें.
आंशिका: देखते हैं.

मैने जानभुजकर कंप्यूटर पर चल रही बी ऍफ़ की वॉल्यूम थोड़ी सी बड़ा दी, जिससे उसको सुनाई दे जाए, और हुआ भी यही.

आंशिका: ये क्या आवाज़ है?
मे: अरे वो मूवी देख रहा था.

अँहसिका: अछा जी, ऐसा डाइलॉग पहले तो नहीं सुना किसी मूवी मैं.
मे: कोई नहीं अभी सुन लॉगी अपने आप.

आंशिका: तुम पॉर्न देख रहे हो ना?
मे: अब तुमसे क्या छिपाना, य़ेस ..आई एम् वाचिंग.

आंशिका: क्यूँ देख रहे हो? मेरे से बात नहीं करनी?
मे: करनी है.

आंशिका: तो बंद करो उसे.
मे: ओक बाबा, लो कर दी.

मैने आवाज वापस लो कर दी, जिससे उसे सुनाई ना दे, पर मोविए बंद नहीं करी, मेरा मोटो तो उसे सुनाना था जो पूरा हो गया.

मे: पर यार अनु, जो मेरे कान खड़े हुए हैं उनका क्या होगा अब?
वो समझ गई मेरा मतलब लंड से था
आंशिका: शरामते हुए पता नहीं, बाद मैं देखेंगे .

मे: ओक, ठीक है, अछा अपनी नाइटइ उपर से निकालो प्लीज़, अपनी ब्रेस्ट को फ्री कर दो.
आंशिका: तुम्हे मेरी ब्रेस्ट क्यूँ पसंद है इतनी?

मे: मुझे भी नहीं पता यार, बस खींचा चला आता हूँ उनकी तरफ, अभी तो मैने उनको विदाउट क्लोद्स देखा भी नही है, तब ये हाल है, जब देखूँगा पता नहीं मेरा क्या होगा. वैसे कब दिखा रही हो मुझे विदाउट क्लोद्स.
आंशिका: कुछ कह नहीं सकते अभी.

अब मैने उससे बात करते हुए मूठ मारना शुरू कर दिया

मे: अछा फिलहाल अभी अपनी नाइट उपर से उतरो, आई वांट टू फील युवर ब्रेस्ट
आंशिका: ओक, निकाल दी.

मे: गिव दहम किस, लंबी सी.
आंशिका: पुक्क्कककककककककककचह. ओक?

मैं उसकी आवाज़ सुनक्र और उससे ऐसी बातें करके पागल हो रहा था, पहले कभी किसी लड़की से मैने ऐसी बातें नहीं करी थी, मैं जल्दी ही झड़ने वाला था, जब मैं क्लाइमॅक्स पर था तो मैने उसे कह दिया एकद्ूम से –

मे: आंशिका, मैं तुम्हारे साथ सोना चाहता हूँ, तुम्हारे गुदगूदे शरीर से खेलना चाहता हूँ, तुम्हारी ब्रेस्ट को मुँह मैं भरकर चूसना चाहता हूँ, तुम्हारे लिप्स को काटना चाहता हूँ, तुम्हारी थाइस को चूसना चाहता हूँ, आई वांट टू डू सेक्स वित यु .
आंशिका: आई नो.

मे: वॉट यु से? यु ऑल्सो वॉंट?
आंशिका: हाँ, आई न्यू, की हम दोनो एकदुसरे से यही चाहते हैं, एंड आई डोंट हेव द प्रॉब्लम टू… आई ऑल्सो वॉंट टू शो यु हेवेन. यु आर पॅशनेट गाइ विशाल, आई वुड बी हैप्पी टू बी विद यु इन बेड.

बस मैं झड़ गया, ये सुनते ही, और अपने मोन को रोक नहीं पाया

मे: ओह, आन आन आन आन आंशिकााआआ, थॅंक यु सो मच
आंशिका: क्या हुआ?

मे: सच बताऊँ ?
आंशिका: हाँ

मे: मैं तुमसे बात करते हुए, मास्टरबेट कर रहा था और जब तुमने ये बात बोली की यु ऑल्सो वांट तो स्लीप विद मी तो मेरे से कंट्रोल नहीं हुआ और मैं झड़ गया.
आंशिका: बट विशाल मैं अभी तक नहीं झड़ी हूँ.