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मैडम के साथ फ़ोन सेक्स-9

नून मैं three:30 आंशिका ने मेसेज करा.

आंशिका: हाय , आई एम् फ्री नाउ, गोयिंग टू होम .

मैने उसका मेसेज पढ़ कर उसे कॉल करी.

मे: हाय , हो गयी फ्री मेम ?
आंशिका: हाँ हो गयी, तुमने इस वक़्त कॉल क्यूँ करी?

मे: क्यूँ नहीं कर सकता क्या?
आंशिका: नहीं कर सकते हो, बस पूछा मैने.
मे: कहाँ पर हो?
आंशिका: बस स्टॅंड पर हूँ.

मे: क्यूँ? तुम तो कह रही थी अपनी सीनियर के साथ जाओगी पार्लर उसकी कार मैं.

आंशिका: हाँ जाने वाले थे, बट उसे अपने हब्बी के पास जाना पढ़ गया, उसके हब्बी की कार खराब हो गयी है और उसे जाना है ज़रूरी, सो वो कह रही थी की वो वहाँ से डोरेक्ट आ जाएगी. तो मैने भी सोचा की घर जाकर आराम से आउंगी .

मे: ओक. मैं आ जाऊ ड्रॉप करने?
आंशिका: नो, कोई ज़रूरत नहीं है, ज़्यादा मत उछलो तुम, रात को आ रहे हो ना बस बहुत है.

मे: कैसी दोस्त हो तुम, मिलने भी नहीं देती.
आंशिका: मिलने के कोई मनाही नहीं, पर आपकी हरकतों पर मनाही है.

मे: बोल तो ऐसी रही हो जैसे मैं ये सब सिर्फ़ अपने लिए करता हूँ.
आंशिका: नहीं नहीं, तुम तो सोशियल सर्विस करते हो, सबको खुश करने के लिए रेडी रहते हो.

मे: हहेहेहेः, वेल सबको नहीं बस तुम्हे.
आंशिका: और क्या कर रहे हो?

मे: यार मैं सोच रहता की आज तुमसे मिले बगैर मूठ नहीं मारूँगा, अपना लंड तक नहीं छुउंगा , बट तुम्हारा जादू ऐसा है की रुका नहीं जा रहा. प्लीज़ हेल्प मी नाउ.
आंशिका: मैं क्या हेल्प करूँ?

मे: मेरा झड्वाओ ना, जैसे मैने तुम्हारा लास्ट टाइम झडाया था, प्लीज़
आंशिका: फॉर युवर इन्फोर्मेथन मिस्टर, आई एम् ओं बस स्टॅंड वेटिंग फॉर बस, अपने घर या रूम मैं नहीं हूँ, जो तुम्हारे साथ इस वक़्त ये सब बातें करूँ.

मे: अरे यार, तुम्हे बस बोलना है, कौनसा मैं कह रहः हूँ की बस मैं नंगी होकर अपनी चूत मस्लो.
आंशिका: सेक्स ने तुम्हारे दिमाग़ पर क़ब्ज़ा कर लिया है, इसका कुछ करो.

मे: फिलहाल तो तुम कुछ करो अभी, प्लीज़
आंशिका: वेट बस आ गयी, बस मैं चड़ने दो.

आंशिका: हा अब बोलो.
मे: क्या पहना है तुमने.?

आंशिका: यार इतनी बार समझा लिया है तुमने, तुम भी ना मानते नहीं हो.
मे: क्यूँ कोई बैठा है साथ वाली सीट पर.

आंशिका: हाँ एक लेडी है, विलेजर
मे: यार तो उसे कहाँ पता चलेगा हुमारी बातों का. प्लीज़ टेल मी

आंशिका: सूट पहना है.
मे: एक मिनट मैं लंड बाहर निकल लूँ.

आंशिका: निकालो जल्दी, और हाँ सब जल्दी जल्दी करना.
मे: ओक, अच्छा ब्रा पेंटी पहनी है?

आंशिका; तो नहीं पहनुँगी क्या?
मे: कैसी ब्रा है? और पेंटी का कलर?

आंशिका: ब्रा क्लॉत वाली है और पेंटी ब्लॅक कलर की है.
मे: नेट वाली ब्रा नहीं पहनी तुमने?

आंशिका: तुमने ही तो कहा की रात को पहन के जाना नेट वाली ब्रा, सो मैने दिन मैं क्लोथ वाली पहन ली.
मे: तुम कितनी अच्छी दोस्त हो.

आंशिका: पर तुम नहीं हो, गंदे कहीं के.
मे: प्लीज़ यार, अंडरस्टॅंड.

आंशिका: समझती हूँ, तभी सब कर रही हूँ.
मे: अगर मैं तुम्हारे साथ बस मैं होता तो तुम्हारे बूब्स वहीं पकड़ लेता और तुम्हारे सूट के अंदर हाथ डाल कर दबाता.

आंशिका: आई नो
मे: अछा कंडक्टर टिकेट माँगे तो उसका हाथ पकड़ कर अपने बूब्स पर रख देना फिर कभी टिकेट नहीं मानेगा.

आंशिका: तुमने मुझे समझ क्या रखा है?
मे: मेरी सेक्स गॉडेस.

आंशिका: तुम्हारी हूँ ना, तो औरों को क्यूँ इन्वॉल्व कर रहे हो?

मे: अब मैं तो हूँ नहीं तुम्हारे साथ वहाँ अब और क्या करूँ. अछा सोचो की तुम बस मैं बैठी हो और मैं साइड से तुम्हारी निपल को बाहर निकाल के चूस रहा हूँ, तुम ज़ोर से मोन करना चाहती हो पर डर के मारे नहीं कर रही हो.

आंशिका: तुमने ना मेरी चूत गीली करवा दी है ये सब बोलकर.
मे: क्या? ज़ोर से कहो, सुनाई नहीं दे रहा, पीछे से शोर भी आ रहा है.

आंशिका: मैं कह रही हूँ की तुमने मेरी चूत गीली करवा दी है
मे: यार कुछ सुनाई नहीं दे रहा.

आंशिका: ओहो , मैं ज़ोर से नहीं बोल सकती यहाँ.
मे: एक बार बोलो जल्दी से ज़ोर से.

आंशिका: तुम मरवाओगे. मैं कह रही हूँ की – यु हॅव मेड मी वेट.
मे: यार हिन्दी मैं बोलो प्लीज़.

आंशिका: तुमने मेरी चूत गीली करवा दी है ये सब बोल कर.
मे: देखा मेरा कमाल. तो फिर चूत मैं उंगली डाल लो सोच क्या रही हो.

आंशिका: हाँ तुम तो अब ये बोलॉगे की कंडक्टर के साथ सो भी जाऊ .
मे: नो, अभी नहीं. पहले मेरे साथ फिर किसी और का ध्यान रखना.

आंशिका: तुम ना चुप रहो, बस मैं हालत मत खराब करो प्लीज़.
मे: यार बस मैं सब तुम्हारे बूब्स को ही देख रहे होंगे, सोच रहे होंगे की तुम्हारे मोटे मोटे बूब्स के निपल्स कैसे होंगे, काश की हम छू पाते. बस मैं इधर उधर देखो, अगर सबके लंड खड़े नहीं हुए तो देख लेना.

आंशिका: तुम ना मेरी पेंटी गीली करवाकर ही मानोगे, और अगर मेरे सूट पर कोई निशान आया गीला तो देख लेना.
मे: तुम अपनी बॉडी से भी खेलो ना धीरे धीरे, मज़ा आएगा सच मैं.

आंशिका: क्या कर सकती हूँ मैं बस मैं.
मे: ब्रेस्ट दबा सकती हो?

आंशिका: नो.
मे: तो किसी से दबवा लो ना.

आंशिका: चुप रहो.
मे: तुम किस साइड बैठी हो बस मैं?

आंशिका: लॅडीस साइड.
मे: आई मीन की बाहर की तरफ या विंडो की तारफ़.

आंशिका: अन्दर , विंडो की तरफ.
मे: गुड, तुम्हार पास चुन्नी है ना.

आंशिका: हाँ है क्यू?
मे: उसे अपने बूब्स पर रख लो की कवर हो जायें, आई नो की वो बड़े हैं, पूरे कवर नहीं होंगे अपने बेग से भी छुपा लो और लेफ्ट हेंड से धीरे से दबा लो, किसी को नहीं पता चलेगा.

आंशिका: तौबा तुम्हारा कितना दिमाग़ चलता है,
मे: करो ना.

आंशिका: पागल हो क्या?
मे: अरे करो ना यार प्लीज़ एक बार.

आंशिका: हहेहहे, ठरकी विशाल.
मे: ठरकी आंशिका.

आंशिका: यार डर लग रहा है.
मे: डर गया मा चुदाने , तुम करो बस.
अंशिका : कर रही हूँ बाबा, गाली मत दो.

मे: मज़ा आ रहा है.
आंशिका: आई एम् फीलिंग वेरी शाइ यार, मेरे निपल्स टाइट हो गये हैं और सूट के उपर दिख रहे हैं, सब तुम्हारी वजह से, अब मैं कैसे चलूंगी रोड पर.
ओह्ह्हह्ह अंशिका……काश मैं वहां होता, तुम्हारे ये बड़े-२ निप्प्लेस चूसता, तुम्हारे वाईट बूब्स पर अपने दांतों के निशाँ बनाता, उन्हें जीभ से चाटता …ओह्ह्ह्ह अंशिका….आई एम् कमिंग….अह्ह्ह .

अंशिका : चलो…अब तो झड गए न…मजा आया तुम्हे..पर मेरा क्या, पूरी चूत गीली है, चलूंगी कैसे…?

मे: अरे अब तो और मज़ा आएगा, पूरी चुड़क्कड़ लगोगी तुम.
आंशिका: हाँ यही तो चाहते हो ना तुम, अब मैं रख रही हूँ फोन, नेक्स्ट स्टॅंड मेरा है, बाइ.

मे: ओक बाइ जान. थॅंक्स फॉर हेल्पिंग मी.