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मैडम के साथ फ़ोन सेक्स-four

घर पहुँचकर मैने उसे रात को eleven बजे मेसेज करा.

मे: हाय , थॅंक यु सो मच
आंशिका’स रिप्लाइ : हाय .. थॅंक्स किस लिए?

मे: फॉर गिविंग मी टाइम एंड आ वेरी स्वीट किस आंड उसके लिए …. यु नो
आंशिका: हां , इट्स ओक नो नीड टू थॅंक्स, चलता है, पर आइन्दा से कोई ज़िद नहीं, आज तो मैने मान ली, क्यूंकी तुम्हारा उदास चेहरा नहीं देखा जेया रहा था..

मे: क्या करूँ, मैं बहुत जल्दी उदास हो जाता हूँ, लोल . अभी क्या कर रही हो तुम?
आंशिका”स रिप्लाइ : कुछ नहीं , ऐसे ही टेरेस पर घूम रही हूँ नींद नहीं आ रही.

मैने उसका मेसेज पढ़ कर उसे कॉल करी अब.

मे: हेलो डियर
आंशिका: हाय , इस समय कॉल क्यूँ करी?

मे: ऐसे ही तुम्हे भी नींद नहीं आ रही और मुझे भी.
आंशिका: तुम तो बस रहने दो, सब पता है मुझे

मे: अछा जी क्या पता है ऐसा?
आंशिका: बस पता है, सब बातें नहीं बताई जाती.

कुछ देर कुछ भी नहीं बोला.

अँहसिका: क्या हुआ? चुप क्यूँ हो?
मे: ऐसे ही यार, कुछ बोला ही नहीं जा रहा, तब से हवा मैं उड़ रहा हूँ.

आंशिका: ओहो, अब ऐसा भी कुछ नहीं हुआ, इट वाज़ नॉर्मल, तुम तो कई लड़कियों के साथ कर चुके होगे.
मे: पागल हो क्या, मैने पहले कभी किस नहीं करा, और किस तो फिर भी ठीक है बट वो तो मैं कभी सोच भी नहीं सकता था.

आंशिका: क्या वो ?
मे: यार वोही, ज ज ज ज..जो तुम्हारी ब्रेस्ट पर हाथ रखे थे. मैं पागल हो गया था.

आंशिका: उसके बारे मैं तो तुम बात ही नहीं करो तो अछा है, मैं बहुत गुस्सा हूँ.
मे:सॉरी यार, बट मैं क्या करूँ, वो हॉल मैं कपल को देख कर मेरे से रहा नहीं गया.

आंशिका: चलो वो ठीक है, समझ आता है, बट इसका मतलब खुले आम पकड़ लोगे, और दबा दी थी तुमने वहीं पर ज़ोर से, तुम्हे पता है मैं कितना डर गयी थी, वहाँ ओपन मैं तुम्हे ऐसा नहीं करना चाहिए था यार.

चलो मतलब उसे ब्रेस्ट दबाने से कोई ऐतराज़ नहीं, मेरी तो निकल पड़ी थी ये सुनकर मैने कहा..

मे: सॉरी यार, कंट्रोल नहीं हुआ मुझसे और मैने वहीं पकड़ लिए पार्किंग मैं. पर मैं क्या करूँ वो भी मुझसे कह रहे थे ऐसा करने को.
आंशिका: वो? कौन वो? और क्या कह रहे थे?

मे: तुम्हारी ब्रेस्ट खुद ही आगे बढ़ बढ़ कर कह रही थी की हूमें पकड़ लो. लोल …
अंशिका : हंसने लगी तुम ना बिल्कुल पागल हो, कुछ भी बोलते हो.

मे: अरे मेरको जो फील हुआ वो बोल दिया और क्या.
आंशिका: हाँ बहुत फील करते हो तुम, तभी पार्किंग मैं शुरू हो गये.

मे: हहेहहहे, योउ नो योउ अरे वेरी स्वीट.
आंशिका: यआ आई नो.

मे: सच मैं यार उन्हे पकड़ के मज़ा आ गया.
आंशिका: क्यूँ पहले कभी नहीं पकड़े?

मे: ना, नेवेर.
आंशिका: झूठ बोल रहे हो.

मे: अरे सच मैं यार, तुमसे क्या छुपाना.
आंशिका: चलो यकीं कर लेते हैं.

मे: यार वैसे तुम्हारे कितने बड़े हैं
आंशिका: क्या मतलब?

मे: यार दोनो मेरी हथेली मैं नहीं आ रहे थे.
आंशिका: ह्म, आई नो.

मे: मे आई नो यौर साइज़?
आंशिका: क्यूँ करना है?

मे: यार पता तो हो जो चीज़ हाथ मैं ली, वो थी कितनी बड़ी
आंशिका: हहेहेहहे, तुम सच मैं पागल हो बहुत बड़े पागल

मे: बताओ ना प्लीज़.
आंशिका: इट्स 32 dd

मे: डीडी ?
आंशिका: हाँ, नेक्स्ट तो कप डी .

मे: शॉक होते हुए और हंसते हुए इतने बड़े, वाउ, सही है यार .
आंशिका: हाँ तो इसमें हैरान होने की क्या बात है, औरों के भी होते हैं आई एम् नोट यूनीक.

मे: मैं औरों को कहाँ जानता हूँ. सिर्फ़ तुम्हे जानता हूँ. यार इतने बड़े कैसे करे.
आंशिका: मैने क्या करा, बस हो गये.

मे: फिर भी, कुछ तो करा होगा
आंशिका: कुछ नहीं, बस ऐसे ही.

मे: अरे बताओ ना यार, कैसे करे?
आंशिका: अरे जैसे तुम बाय्स को बचपन मैं शौक होता है ना की बियर्ड आए, तो तुम एरेसर उसे कर लेते हो, ऐसे ही हम गर्ल्स को शौक होता है की हमारी ब्रेस्ट कैसे जल्द से बड़ी हो, सो कभी कभी मैं आयिल मसाज कर लेती थी बचपन मैं, तो शायद उसी का फल है.

मे: ओक, तो अब नहीं करती मसाज?
आंशिका: अब? अब क्या करना है, ये क्या कम बड़े हैं?

मे: हाँ ये भी है, हर चीज़ हमारे हाथ मैं रहे तो सही है हाथों से बाहर जाते ही कुछ ग़लत हो सकता है. हहेहहहे
आंशिका: हंसते हुए तुम तो चुप रहो पागल कहीं के.

मे: यार जब से तुमने साइज़ बताया है मेरा और मन कर रहा है उन्हे पकड़ने का.
आंशिका: इसमें कौनसी नयी बात है, हू तो तुम्हारा मन हमेशा करता है.

मे: अछा तुमने अभी क्या पहना है?
आंशिका: नाइट गाउन.

मे: ब्रा भी पहनी है?
आंशिका: नहीं मैं रात को नहीं पहेनटी.

मे: यार एक बार उनको मेरे लिए बाहर निकल दो.
आंशिका: पागल हो गये हो क्या तुम.

मे: प्लीज़ यार, बस एक बार, अछा सिर्फ़ एक बाहर निकल लो.
आंशिका: मैं इस वक़्त टेरेस पर हूँ, किसी ने देख लिया ना अपनी टेरेस से तो बस हो गे आ काम.

मे: वोही तो, इस वक़्त रात के eleven.30 बजे कौन होगा?
आंशिका: क्यूँ जैसे मैं हूँ, और कोई भी हो सकता है.

मे: क्यूँ किसी और का भी 32ड्ड साइज़ है? हहेहेहेः
आंशिका: हंसते हुए हाँ, हुआ तो.
मे: प्लीज़ यार, एक बार.
आंशिका: मुझे ना यही नहीं पसंद, यु आर सो इमपेशेंट.

मे: क्या करूँ, आई एम् नोट एक्सपीरियेन्स्ड ना, इसलिए , चलो कोई बात नहीं रहने दो.

मैं कुछ नहीं बोला 5मीं फिर

आंशिका: यार, फिर चुप हो गये, मैं क्या करूँ तुम्हारा. रुको मैं टंकी के पीछे जाती हूँ, वहाँ कोई नहीं देख पाएगा
मे: खुश होते हुए थॅंक यु .

आंशिका: रहने दो बड़े आए थॅंक यु वाले .
मे: निकाल लिए?

आंशिका: रूको तो सही, पहले चेक कर लूँ की कोई है तो नहीं यहाँ वहाँ.
मे: ओक

आंशिका: हाँ, अब बोलो.
मे: निकाल लिए बाहर.

आंशिका: हाँ बाबा, टंकी के पीछे बैठी हूँ. और दोनो बाहर निकल रखे हैं, अब क्या?
मे: वाउ, तुम्हारे निपल्स का कलर क्या है?

आंशिका: लाइट ब्राउन.
मे: वाउ, नाइस फ्लेवर, लॉल

आंशिका: अब बोलॉगे भी, कर दूं वापिस अन्दर अब?
मे: अरे नहीं अनहीं अभी नहीं, अपनी ब्रेस्ट को उठा कर एक किस करो मेरे तरफ से.

उसके हिलने की आवाज़ आई और फिर पुच की आवाज़ आई

आंशिका: कर ली दोनो पर अब.
मे: अपने निपल्स को पकड़ कर मस्लो.

आंशिका: ओक.

मे: कर रही हो?
आंशिका: धीमी आवाज़ से हा..हाँ यार.अया.

तभी पीछे से आवाज़ आई – अनुउऊुुुुुुुउउ, चलो नीचे आओ, बहुत रात हो गयी, कल कॉलेज भी जाना है ना तेर्को.
अंशिका ने बोला: आ रही हूँ मम्मी.

आंशिका: सुनो मेर्को जाना है एब्ब ओक.
मे: ओक, अच्छा सुनो एक बार दोनो को प्रेस कर दो ज़ोर से.

अन्हस्का: लो दबा दिया, अब जा सकती हूँ मैं
मे: अछा ये बताओ फिर कब मूवी देखने जा रहे हैं?

आंशिका: कभी नहीं, क्यूंकी तुम फिर किसी कपल को देख लोगे और फिर मुझे परेशन करोगे.
मे: लॉल, अछा नहीं देखूँगा किसी और को, सिर्फ़ तुमहरे साथ बिज़ी रहूँगा, हहेहहे

आंशिका: बदमाश कहीं के, चलो देखते हैं, इस वीक नहीं हो पाएगा, सॅटर्डे को कॉलेज मैं फेस्ट है और मेरी स्पीच भी है, तो उसकी प्रेपरेशन मैं बिज़ी होंगे सब.
मे: यार थोडा टाइम तो निकाला जा सकताहै ना मिलने के लिए

आंशिका: देखती हूँ, कुछ पक्का नहीं कह सकती.
मे: ओक, चलो ट्राइ करना.

आंशिका: ओक, बाइ गुड नाइट.
मे: ऐसे कैसे, गिव मी किस

आंशिका: बाबा यु आर सो डिमॅंडिंग, लो, मुआः
मे: मुआः, अब नींद अच्छी आएगी, गुड नाइट, स्वीट ड्रीम्स.

आंशिका: गुड नाइट.