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मेरी पहली हनीमून ट्रिप-2

मेरी पहली हनीमून ट्रिप 
आगे की कहानी…..
अब मै जान चुकी थी की मेरा हनीमून कितना स्पेशल होने वाला है .. 
मै बस सोच ही रही थी की तभी इन्होने खाना आर्डर करके गेट बंद कर दिया और …………..

और इन्होने तुरंत अपनी टीशर्ट और बरमूडा उतार दिया और साथ ही अपने अंडरगार्मेंट्स भी ये एकदम पुरे नंगे हो गए उफ़ इनका तना लंड देखकर मेरा हाथ अपने आप अपनी चूत के ऊपर पहुंच गया हाय क्या होने वाला है अब….
ये मेरी तरफ आये और मेरे सारे कपड़े एक एक करके उतार दिए .. मै तो पहले से ही गरम हो चुकी थी और जानती थी की अब कितना मजा आने वाला है तो बिना शर्म किये जो इन्होने चाहा मैं ख़ुशी ख़ुशी इनका साथ निभा रही थी…
इन्होने मुझे पूरा नंगी कर दिया तो मैं शरमा के की कहीं कोई देख न ले चादर खोल के उसमें छिपने लगी लेकिन मेरे पति ने कहा – बोले रूपा शरमा मत इन शीशों में बाहर से अंदर का नहीं दिखता है अभी दिन का वक़्त है और ट्रैन चल भी दी है तू पूरी तरह मस्त होके मजे ले. मैं तेरा पति हूँ और मुझे तेरी इज़्ज़त अब तुझसे ज्यादा प्यारी है तू सब मेरे ऊपर छोड़ दे और बस जमके मजे ले
ये सुनके मुझमे हिम्मत आ गयी और मैंने शर्म लिहाज का गहना उतार फेंका
अब मैं इनके सामने पूरी नंगी खड़ी थी और आगे आके मैंने इनको अपनी बाहों में भर लिया और पूरी तरह इनसे चिपक गयी सब इनकी बाहों में सौप दिया और भूल गयी खुद को अब तो बस मस्त पलों का इन्तजार था मुझे….
हम लोग कुछ देर तक इसी तरह एक दूसरे के बदन से बदन लगाये चिपके बिलकुल नंगे खड़े रहे और बस एक दूसरे की आँखों में आँखे डालके देखते रहे और होठो पे होठ रखे एक दूसरे को प्यार करते रहे ….. फिर अचनक मुझे एहसास हुआ इनका हाथ मेरी पीठ सहलाते सहलाते मेरे चूतडो को सहलाने लगा हाय कितना अच्छा लगने लगा था मुझे मेरे चूतड़ो पे इनका हाथ .. मैं और जोर से इनसे चिपक गयी की ये मेरे चूतड़ों को और प्यार से सहलाये .. मेरा इशारा पाकर ये दोनों हाथों से मेरे दोनों चूतड़ों से खेलने लगे …
मैं इन्हे जोर से होठो पे किस करने लगी फिर इन्होंने अचानक मुझे उल्टा घुमा दिया और पीछे से मुझे पकड़ लिया कुछ इस तरह की इनके दोनों हाथो मैं मेरे दोनों बूब्स दब रहे थे जिन्हे ये पहले तो बड़े ही प्यार से सहला रहे थे और फिर धीरे धीरे इन्हे प्यार से मसलना शुरू कर दिया
अहा कितना मजेदार एहसास था ये मैंने आँखे खोली तो कोई स्टेशन क्रॉस हो रहा था जिसपे ये ट्रैन रुकी नहीं मगर बाहर से शायद कुछ लोगो को मैं चलती ट्रैन में नंगी दिखाई दे गयी हो पर में मदमस्त हो चुकी थी इनकी बाहों में और इस अनोखे मजे को भरपूर एन्जॉय कर रही थी
इन्होने मेरे दोनों उरोजो को जम के प्यार से मसला मेरे निपल्स से खूब खेले तो मैं बहुत गरम हो गयी ….
फिर मैंने इनका एक हाथ खुद ही ऊपर से हटा के मेरी चूत की तरफ ले गयी …. ये मेरा इशारा समझ गए की मैं अब चुदना चाहती हूँ लेकिन
बड़े ही प्यार से बोले इतनी जल्दी क्या है जान अभी मुझे अपने जिस्म से भरपूर खेल तो लेने दो अभी तो मैं तेरे पूरे जिस्म को छू के महसूस भी नहीं कर पाया हूँ
पर मैं बहुत गरम हो गयी थी तो मुझे खुद को रोकना बहुत मुश्किल लग रहा था
मैंने कहा कहीं मैं झड़ ना जाऊ जानू अब आप अंदर डाल दो न एक बार पहले अभी तो रास्ते की शुरुआत है फिर जी भर के मुझे प्यार करना जितनी बार जी चाहे जब चाहे चोद भी लेना और इस जिस्म को प्यार कर लेना ये पूरा जिस्म तो आपका ही है न जानू
देखो अभी मुझे और न तड़पाओ एक बार तो अंदर डाल दो अब प्लीज ..
ये सुनकर उनका मन भी ख़ुशी से भर गया और तुरंत इन्होने मुझे घुमाकर दरवाजे के पास सटाकर दिवार के किनारे जैसे बाथरूम मैं चोदा था उसी पोजीशन में मुझे अपनी गोदी में लेके ा शुरू कर दिया
मैं एक गुड़िआ की तरह इनकी गोदी में लंड के ऊपर नीचे हो रही थी और चुदने का असीम आनंद ले रही थी
उफ़ मेरी गर्मी जितनी बढ़ती जा रही थी इनकी स्पीड भी बढ़ती जा रही थी और मुझे सीधे बाहर का नजारा दिखाई दे रहा था की कोई मुझे चुदते हुए तो नहीं देख रहा कहीं मगर इस जिस्म की खुमारी इन्होने मुझे इतनी चढ़ा दी थी की इन पर विश्वास करके मैं बस पूरी तरह खो चुकी थी और अपनी आँखे कभी खोल के तो कभी बंद करके बस चुदने का असीम आनंद प्राप्त कर रही थी हाईईईई
उफ़
आईईइ
ओह
और इतना जोर जोर से उफ़ क्या हाल कर रहे हो हाय
ओह
और कुछ ही देर में मैं ठंडी हो गयी और अपना बदन ढीला छोड़ दिया
इस बात का एहसास होते ही इन्होने तुरंत मुझे अपनी बाहों में लिए हुए ही नीचे उतारकर सीट पर लिटा दिया और मेरे कहने के बाबजूद मुझे उस वक़्त और नहीं चोदा बोले कोई बात नहीं अभी मैं खुद को बर्दाश्त कर सकता हूँ तू चिंता मत कर अभी थोड़ी देर में तुझे फिर चोदूंगा लेकिन एक शर्त है
मैंने इनके इस प्यार को देख के खुद ही सरेंडर कर दिया था तो मैं तो इनकी हर बात के लिए तयार थी सो मैंने हाँ में सर हिला दिया
तो ये बोले की तुझे मेरा लंड अपनी चूत के अंदर ही रखना है कुछ देर जब तक तुझे फिर से अच्छा न लगने लगे और तब तक मैं तुझे बिना लंड चलाये ही प्यार करता रहूँगा बोल मंजूर है
मैं ख़ुशी से मान गयी इनकी खातिर
तो इन्होने मुझे सीधा लिटा के धीमे धीमे संभल के मेरी चूत में लंड डाल दिया जिसमें डालते वक़्त तो हल्का सा दर्द हुआ मुझे पर फिर ठीक सा लगा और इन्होंने अंदर डालके मुझे कस के जकड लिया और उल्टा घूम के खुद नीचे लेट गए और मुझे अपने ऊपर कर लिया ताकि मैं दब ना जाऊ कहीं
अब ये मुझे कस के जकड़े फिर से मेरे चूतड़ों से खेलने लगे और कभी मेरी क्लिट के पास भी अपनी ऊँगली ले जाते फिर हटा लेते कभी मेरी पीठ पर प्यार से हाथ फिराते तो कभी मेरी टाँगो पर और लंड चूत के अंदर उफ़ मुझे उनका ये सारा दीवानापन कुछ तकलीफ के बाबजूद अच्छा लग रहा था सब इनके प्रेम की खातिर आखिर प्यार जो करते हैं मुझसे इस कदर
फिर अचानक फिर से मुझे इस तरह कस के चिपका के पलट दिया की लंड मेरी चूत से बाहर नहीं निकलने दिया और एक बार फिर अब ये पूरा मेरे जिस्म के ऊपर चढ़ गए थे
इनके होठ मेरे होठो के ऊपर से कभी मेरा बाया गाल चाटते तो कभी दाया गाल चाटते फिर मेरी गर्दन और ठोड़ी तो कभी मेरे कान भी चाटते
उफ़ ये सब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मैं मजे से खुश होके करवा रही थी
मैं फिर से चूत के अंदर गीला सा और अच्छा महसूस करने लगी थी तो मैंने इनका चेहरा अपने दोनों हाथों से पकड़ के भर लिया और इन्हे देखने लगी
ये भी मेरी आँखों में बहुत प्यार से देखने लगे तो मैं भी इनके होठो पे तो कभी गालो पे कभी किस करने लगी तो कभी चाटने लगी
ये समझ गए की मैं फिर से तयार हो गयी हूँ तो इन्होंने मुझसे प्यार से पूछा मैंने भी प्यार से मुस्कुरा के सर हिला दिया
आहा इनकी तो जैसे लोटरी निकल गयी हो.. आखिर इतनी देर से इतना बर्दाश्त मेरी खातिर वो अपने इसी पल के लिए तो कर रहे थे तो इन्होंने बस एकदम स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी और मुझे जोर जोर से ा शुरू कर दिया…..
अब मुझे भी मजा आ रहा था तो मैंने भी इनका पूरा सपोर्ट किया की अब ये भी जमके मजे ले लें तो मैं भी नीचे से जोर लगाने की कोशिश करने लगी और इनको पूरा सपोर्ट करने लगी….
छप छप छपाक छपाक ना जाने किस तरह की आवाजो से डब्बा गूंज रहा था और मैं भी मस्त होके जोर जोर से चुद रही थी …
ये भी अपना कंट्रोल अब पूरी तरह से खो चुके थे और अब इनका खुद को रोक पाना संभव नहीं था
उफ़ आई उईई आह वाह और और जोर से अहा इस तरह की आवाजें मेरे मुँह से कुछ अपने आप ही जब जरा सी निकलीं तो इनकी स्पीड और बड़ गयी ये देखके मैंने भी और ज्यादा ऐसे बोलना शुरू कर दिया की इसमें इन्हे भी कितना मजा आ रहा है ..
मैं कहने लगी आहा वाह ओह जानू मेरे राजा मेरे प्यारे ओह चोद दो और जोर से वाह आहा और ओह और ये स्पीड बढ़ाते चले गए
फक्क फक्क पट्ट पट्ट की आवाजें अचानक एकदम से शांत हो गयीं ..
एकदम से गर्म लावे ने मेरी गर्म चूत को भर दिया था आहा
वाह कितनी हसीन चुदाई हुई थी मेरी एकदम एक नए अंदाज़ मैं
ये मेरे ऊपर चढ़े अब भी मुझे कभी कहीं तो कभी कहीं चूस और चाट रहे थे
कितने दीवाने लग रहे थे ये मेरे
और मेरे जिस्म के भी हाय
मैं कितनी खुश हो रही थी की मजा आ गया
और साथ ही सोचने लगी की अब ये क्या करेंगे अभी तो सफर लम्बा है
सोचते सोचते इनकी बाहों में मेरी आँख लग गयी और वैसे ही नंगे बदन एक दूसरे से चिपके लेटे लेटे हम दोनों जाने कब सो गए
लंच भी नहीं किया बस सोते ही रहे बहुत देर तक
इसके बाद जब उठे तो फिर फ्रेश होके खाया पिया रात मैं फिर…………………..

शेष अगली बार बहुत जल्द……….