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रिया की चुदाई का भरपूर आनंद

… : रोहित … , मेरा नाम रोहित है, में दिल्ली का रहने वाला हूँ। मैंने रिया को चोदा और उसके बाद 15 दिन तक रिया का कोई फोन नहीं आया और में उसे एक हसीन घटना समझकर भूल गया था। फिर उसने मुझे 15 दिन के बाद फोन किया कि उसकी माँ अब ठीक है और फिर वो मुझसे मिलने आई और उसने मुझे 5000 रूपए वापस कर दिए। तब मैंने कहा कि इन्हें रख लो, लेकिन उसने नहीं लिए और कहा कि आई जस्ट लव यू और में तुमसे मरते दम तक चुदवाना चाहती हूँ, तुम्हें नहीं पता में 15 दिन तुम्हारे बिना कैसे रही हूँ? और फिर वो मुझे लिपट गई और वो आज लोंग स्कर्ट पहनकर आई थी।अब वो मुझसे लिपटकर मुझे चूमने लगी थी और मेरा हाथ धीरे-धीरे उसकी स्कर्ट के ऊपर से उसकी गांड को सहलाने लगा था। अब मेरा दबाव उसकी गांड पर बढ़ने लगा था और में उसकी गांड को मसलने लगा था। अब में यह सोचकर खुश हो रहा था कि आज जीन्स के बजाए रिया कि स्कर्ट और पेंटी को उतारकर उसको ा कितना आसान होगा? और फिर में धीरे-धीरे उसकी स्कर्ट को ऊपर उठाने लगा और फिर उसकी पेंटी में अपना एक हाथ घुसा दिया। अब मेरे हाथ उसकी पेंटी के अंदर उसकी नंगी गांड को सहला रहे थे, ओह गॉड। उसकी वो नंगी गांड मुलायम मखमल की तरह जिसे छूते ही मारने और फाड़ने का मन करे, में बता नहीं सकता हूँ कि मुझे उसकी पेंटी के अंदर उसकी गांड मसलने में कितना मज़ा आ रहा था?अब रिया मुझे चूमते-चूमते मेरी टी-शर्ट से लेकर अंडरवियर तक उतार चुकी थी और मेरा लंड बाहर आकर उसको सलामी दे रहा था। अब वो मेरे लंड को देखते ही पागल हो उठी थी और बोली कि क्यों अंडरवियर पहनते हो? नंगे रहा करो, में 24 घंटे तुम्हारा लंड देखना चाहती हूँ, उससे खेलना चाहती हूँ और उसको अपनी चूत में घुसाकर चुदवाना चाहती हूँ। अब उसकी यह बातें सुनकर मेरे अंदर का जानवर जाग गया था और फिर मैंने उसकी स्कर्ट और ब्रा उतारकर फेंक दी और उसकी पेंटी को पीछे से पकड़कर अपनी तरफ खींचा। इस बार उसकी पेंटी फटने की बजाए खुल गई और लास्ट टाईम मैंने रिया की पेंटी फाड़ दी थी, इसलिए इस बार वो नाड़े वाली पेंटी पहनकर आई थी, जो खुल गई थी और फटने से बच गई थी। अब यह देखकर वो हँसी और फिर मैंने उसे पकड़कर कहा कि पेंटी बच गई, लेकिन तुम्हारी चूत फटने से नहीं बचेगी। फिर वो मुझसे लिपटकर बोली कि यही तो में चाहती हूँ कि मेरे राजा कि तुम पेंटी की बजाए मेरी चूत फाड़ो। अब उसके इतना कहते ही मैंने उसे धक्का देकर दीवार के सहारे खड़ा कर दिया था और उसके होंठ चूसने के साथ उसकी चूचीयों को मसलकर दबाने लगा था, जैसे में उसे मसल डालना चाहता हूँ। फिर मेरे होंठ उसके निपल्स को चूसने लगे और में धीरे-धीरे नीचे जाने लगा और अब में अपने घुटनों के बल बैठ गया था। अब मेरे होंठ ठीक उसकी गुलाबी गदराई हुई चूत के सामने थे। फिर मैंने उसकी एक टांग उठाकर कुर्सी पर रख दी, जिससे उसकी चूत फैल गई थी और उसकी चूत की फांके बिल्कुल खुल गई थी। फिर मैंने अपने होंठ उसकी चूत पर रख दिए और उसकी चूत को चूसने लगा था और उसकी फैली चूत को अपने होंठो में दबा लिया था।…फिर मैंने अपनी उंगलियों से उसकी चूत को और फैलाया और अपनी जीभ लंबी करके उसकी चूत की गहराई में उतार दी, तो वो सिहर उठी और एकदम मस्त हो गई थी। अब उसकी चूत इतनी फैल चुकी थी की उसकी चूत का सब माल बाहर दिखाई दे रहा था और में अपनी जीभ से उसे चाटे जा रहा था और पिए जा रहा रहा था। फिर मैंने उसको दीवार के सहारे खड़ा करके उसकी चूत को आधे घंटे तक खूब चाटा और इतना चाटा की उसकी चूत बह निकली और ऐसा लगा कि जैसे उसकी चूत में बाढ़ आ गई हो। अब तक रिया इतनी मस्त हो गई थी कि बिना रुके बोले जा रही थी, चूस लो मेरी चूत को, चाट जाओ, मेरी कसम छोड़ना मत, चाट-चाटकर पी जाओ, खा जाओ मेरी चूत को, चाटो प्लीज चूस लो, अपने दातों से काट डालो।अब तक मेरा लंड रोड की तरह तन चुका था और ऐसा लग रहा था कि आज रिया की चूत को फाड़ने के बाद भी नहीं बैठने वाला है। फिर में कुर्सी पर बैठ गया और उससे पूछा कि लंड की सवारी करोगी और मेरा इतना कहना था कि उसने मेरे लंड को पकड़कर अपनी गदराई हुई फैली चूत में डाला और मेरे ऊपर बैठ गई। उसके वजन से मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया था। अब वो मेरे लंड पर बैठी हुई थी और मेरा 7 इंच का लंड उसकी चूत में पूरा अंदर तक घुसा पड़ा था। अब ऐसा लग रहा था जैसे मेरे लंड ने उसकी चूत को अंदर तक फाड़ डाला हो और वो और गहरी हो गई हो। फिर मैंने कहा कि अब महारानी की तरह बैठी क्या है? नौकरानी की तरह उठक बैठक कर और यह कहकर मैंने उसकी चूचीयाँ कसकर मसल दी। तब वो चीखी और उसके बाद मेरे लंड की सवारी करने लगी थी। अब उसकी गांड मेरी जांघो से टकराने लगी थी और अब वो मेरे लंड पर ऊपर नीचे होने लगी थी और उसकी उछलती हुई चूचीयों को में अपने दोनों हाथों में दबाकर मसलने लगा था और उससे कहा कि आज तुझसे रातभर उठक बैठक करवाऊंगा।फिर तब वो बोली कि ओह रोहित, मुझको चोदते चले जाओ, मुझे चोद डालो, तुम्हारे लंड पर तो में ज़िंदगीभर उठक बैठक कर सकती हूँ, मेरी जान बस चोदते रहो मुझे, मुझसे दूर जाने की कोशिश मत करना वरना तुम्हारा लंड काटकर हमेशा के लिए अपनी चूत में घुसा लूंगी, तुम्हारे लंड से चुदवाते-चुदवाते मर जाऊंगी इसलिए जब तक यह जीवन है तब तक मुझे ा, ा और चोदते ही रहना, आह प्लीज चोदो मुझे मेरी जान और अंदर घुसाकर चोदो, मुझे अपनी कुत्तिया बनाकर चोदो। अब में उसके ऊपर चढ़कर उसको े के मूड में था। फिर मैंने उसे उठाया और बेड पर लेटाकर उसके ऊपर चढ़ गया और अपना लंड उसकी चूत पर रखकर रगड़ दिया और उसकी गीली चूत में घुसेड़ डाला था। अब में उसकी चूत को फाड़ने के लिए तैयार हो चुका था और फिर में अपना लंड उसकी चूत में अंदर बाहर घुसाने लगा। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब में इतनी ज़ोर से उसे चोद-चोदकर शॉट लगा रहा था कि मेरे हर शॉट पर वो ऊपर सरक जाती थी और फिर थोड़ी देर में उसे नीचे करना पड़ता था। फिर थोड़ी देर में वो भी मस्त हो गई और चिल्ला उठी चोद मुझे प्लीज, चोदो मुझे, फाड़ो मेरी चूत को, तुझे कसम है रिया की चोद-चोदकर फाड़ना मेरी चूत को और अब में पागलों की तरह रिया को े लगा था और अब मेरा लंड रॉकेट की तरह उसकी चूत में अंदर बाहर जाने लगा था और वो चुदा-चुदाकर एकदम मस्त हो गई थी और चिल्लाने लगी थी आह में चुद गई, मेरे रोहित ने मुझे चोद दिया, फाड़ डालो मेरी चूत को, ओह गॉड, रोहित चोदो मुझे, चोद प्लीज, चोदो, मसल डालो और यह कहते-कहते वो झड़ गई और निढाल हो गई थी। फिर हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे और फिर कुछ देर के बाद उठकर नहाया और फिर उसने बाथरूम में 2 घंटे तक सीट पर बैठकर अपनी गांड मरवाई और फिर हम दोनों डिनर करने चले गये। फिर हम दोनों को जब कभी भी कोई मौका मिला तो हम दोनों ने चुदाई का भरपूर आनंद लिया और खूब मजा किया ।।धन्यवाद ……