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शादी के बाद मेरे पति ने गुंडे से मुझे चुदवाया

नाम नीलू हें और आज में आपको अपनी जिंदगी की बाते बता रही हूँ ,मेरी शादी अंकित जैन से हुई हें जो कोटा के रहने वाले हें
हाय लड़की के जो सपने होते हें वो मेरे भी थे,हालाँकि शादी से पहले मेने किसी के साथ सेक्स तो नहीं किया था पर ये जरुर जानती थी की हर मर्द के पास लोडा नाम का एक ओजार होता हें जो ओरत की चूत में घुसता हें और उस ओरत की चूत और उसको मस्त कर देता हेंजानदार मर्द का लोडा ९”इंच तक होता हें और साधारण आदमियों का लोडा बित्तीभर का होता हें
सुहागरात के दिन मेने अपने पति का लोडा देखा तो मेरा दिल धक् सा रह गया ४”इंच का मुरझाया सा लोडा,हें महावीर स्वामी क्या मेरी तक़दीर में इस जनखे का लोडा ही लिखा था,चलो मेने सोचा साइज़ से क्या होता हें अगर इस लोडे को भी अगर इस भाडू ने सही इस्तेमाल कर लिया तो में काम चला लुंगी पर ये क्या मेरा पति बड़ी मुश्किल से तो अपना लोडा खड़ा कर पाया जब तक में गरम होती ,तब तक तो उनका veerya पात भी हो गया और में और मेरी चूत दोनों ही प्यासी रह गयी
मेने सोचा शायद पहली बार जल्दबाजी में ये जल्दी हो गया होगा और दूसरी चोट में कसर निकल जाएगी पर ये क्या उन्होंने तो अपना जांघिया चडाया करवट बदली और सो गए ,मेने अगले दिन का इंतजार किया पर अगले दिन तो उन्होंने अपना लोडा बहार ही नहीं निकाला,मुझे बाद में पता चला इन्हें ये ग़लतफ़हमी हें की वीर्य बड़ी मुश्किल से बनता हें और ओरत को हफ्ते में १ बार ही ा चाहिए ,मेरे तो सारे सपने टूट गए,हफ्ते में १ बार चुदाई और वो भी इस लोड़ीअब ४”इंच लोडे को तो लोड़ी ही कहेंगेसे मेरा क्या होगा
मेरी तो हालत बिलकुल ख़राब हो गयी,में और मेरी चूत दोनों हर दिन अपनी तक़दीर को कोसते थे,शादी से पहले इसलिए किसी से नहीं चुदवाया की शादी के बाद अपने पति को अपने कोम्मार्य का तोहफा दूंगी लेकिन ये पता नहीं था की तोहफे की एसी माँ चुदेगीशादी के २ साल बाद तक एसा ही चलाहफ्ते में एक दिन कंजूसी वाली चुदाई,रात भर फिर मेरा तरपना ,पति को मन ही मन गालीया बकना
आखिर मेने सोचा अब कोई रास्ता ही निकलना होगा ,मेरी तक़दीर से अंकित को नेतागिरी का शोक हो गया और उन्होंने पार्षद का चुनाव लड़ने की ठानली,नेतागिरी में आते ही उन्हें पिने का चस्का भी लग गया,अब वो रोजाना ही शराब पीकर घर आने लगे,मेने सुना था की शराबी आदमी की सेक्स पावर bad जाती हें और उसे नशे में जो कहो वो उस बात को मान लेता हें मेने भी अंकित के शराब पिने की आदत का फायदा उठाने की सोची
अब जब भी वो शराब पीकर आते मुझे गलिया भी बकने लगते मुझे बड़ा ही अच्छा लगता की ये भाडू कुछ तो सीखाअपनी लोड़ी को खड़ा कर वो मेरे उप्पर आते तो गालियों से शुरू हो जाते में तो गुस्से में होती थी सो में भी उन्हें जमकर गलिया देतीएक बार वो मेरी चुदाई करते समय गलिया देने लगे “ले खा भोसड़ी की, मेरा लौड़ा खा जा, साली कुतिया तुझे तो एक दिन अपने
के साथ मिल कर चोदूंगा, भेन की लौड़ी, तुझे तो तेरी माँ के सामने चोद चोद कर तेरी चूत का भोंसड़ा बना दूँगा, तेरी मां दी फ़ुद्दी… हाय क्या गाण्ड है तेरी तो साली, तुझे तो कॉल गर्ल होना चाहिये था छिनाल !”
मेने भी उनका जोश बड़ाने के लिए कहाहाय और मारो राजा, मेरे चोदू छैला, जोर से मारो मेरी गाण्ड, हाय रे तेरा मस्त लौड़ा, मैं तो हारामजादे रण्डी बन गई, हाय अंकित मुझे गालियाँ दे ! भेनचोद, रण्डी, चुदैल, छिनाल बुला मुझे साले ! तेरी मां की चूत !”
मेरे गलिया बकते ही अंकित को जोश आ गया और वो तेजी से धक्के लगाने लगा मेने उसका जोश बड़ाने के लिए कहा “गाण्डू, साले मुझे मेरी मां के सामने चोदेगा तो मम्मी भी नंगी हो कर तेरे नीचे लेट जायेगी, तेरे लण्ड को देख कर वो भी रण्डी बन कर तेरा लौड़ा खायेगी, मादरचोद साले चोद मुझे पटक पटक कर, रन्डी बना कर चोद सजना, आज हलाल कर दे मुझे, जैसे कसाई बकरे को हलाल करता है, तड़पने दे मुझे, तेरी तो भेन की चूत ! तेरी बहन चुदवा दूंगी तेरे लौड़े से
अंकित को पहली बार सेक्स में और वो भी नशे में ये सुन कर जोश आ गया और वो अपना लोडा मेरी गांड में डालने की कोशिश करने लगा में उत्तेजना में कहने लगी
मेरे सरताज़, बस अब लगा दो पूरा जोर, मुझे कुतिया बना कर चोद दो और कुत्ते की तरह लण्ड गाण्ड में फ़ंसा दो, बरबाद कर दो मुझे, रण्डी से भी गई गुजरी कर दो हाय रे, मेरे चोदू रण्डवे, ऐसा ा कि गाण्ड और चूत में कोई फ़रक करना मुश्किल हो जाये !”
असल में ये मेरे दिल की भड़ास थी जो में अंकित के सामने निकलती,मेने मोका देखकर कहा भोसड़ी वाले बारबारअपने की धमकी देता हें किसी को लाकर तो मेरी चूत फ़दवा मेरी गांड का बाजा बजवा ,अंकित कहने लगा बोलमादर ी बोल किसका लोडा खाएगी उसी को बुला कर तेरी चूत का पानी निकलवा दू
मेने कहा मुझे क्या पता की तेरा कोनसा दोस्त मर्द हें तू ही किसी को कह दे पर धयान रखना वो तेरी तरह जनखा नहीं हो
में अपनी बाते सुन कर ही बहुत गरम हो चली थी में अपने चूतड जोर जोर से हिला रही थी और अपने पति की लोड़ी को अपनी चूत में टिकने की कोशिश कर रही थी ,लेकिन थोड़ी देर में ही अंकित ढेर हो गया और में प्यासी की प्यासी रह गयी
अब मेरी नजर अंकित के पर टिक गयी की में किसको अपनी चूत फाड़ने का मोका दू ,असल में नशे में तो अंकित सब बाते कर लेता लेकिन होश में तो वो मेरे मुंह से सेक्स की बात सुनकर ही बोखला जातामेने अब नशे में ही अंकित का फायदा उठाने की सोचीअंकित अब जब भी पीकर आता में उसे मेरे शरीर से खेलने का पूरा मोका देती,वो भोसड़ी का मुझे चोद तो नहीं पाता
था लेकिन गरम जरुर कर देता था
एक दिन जब वो नशे में ता मेने कहा तुम्हारा कोई दोस्त तो होगा जो मेरे पर मरता होगा जो कहता होगा की तेरी बीबी को चोदुंगा ,अंकित ने नशे में कहा कोई दोस्त तो नहीं कहता लेकिन कालोनी का एक गुंडा मुन्ना रोजाना मुझसे कहता हें तेरी बीबी की चूत मर्वाले,में मुन्ना का नाम सुनकर सन्न रह गयी,मेने कोलोनी की कई औरतो से सुना था की इस हरामी ने मोहल्ले की कई औरतो को निबटाया हें इसका लोडा घोड़े जेसा हें जो औरत इसका लोडा खा लेती ही वो इसके गुण गाती रहती हेंमेने मुन्ना को आज से पाहिले इस नजर से नहीं देखा था लेकिन अंकित ने जब उसका नाम लिया तो मेने ठान ली की में इस मुन्ना को टेस्ट जरुर करुँगी
अब अंकित जब भी नशे में मेरी चुदाई करते में मुन्ना का नाम जरुर लेती उसका नाम सुनते ही अंकित को जोश चढ़ जाता और वो मेरे बोबो को मसलते हुए कहता मादर ी मुन्ना की याद आ रही हें ,बुलवाऊ उसको फद्वाएगी अपनी चूत मरवाएगी अपनी गांड खाएगी उसका लोडामें भी कहती बुला तो सही भाडू फिर देखना तेरी बीबी कितनी बड़ी चुदाऊ हें
अब मेने रस्ते में आते जाते मुन्ना को देखना शुरू किया ,था तो वो लम्बा पूरा ,मेने मन ही मन उसके लोडे की कल्पना भी कर ली ,पर एक मन ये भी कहता की ये हरामी अगर चुदाई करने पर आया तो फाड़ के रख देगा ,लेकिन दूसरा मन ये भी कहता तू २ साल से लोड़ी खा रही हें अब लोडा खाने का दिन आया हें तो तेरी फट क्यों रही हें
अब मुझे मुन्ना से प्लानिंग से चुदवाना था,चूत भी चुद जाये और अंकित को पाता भी नहीं चले,अब मुझे उस मोके का इंतजार था जब अंकित नशे में हो में उसी से मुन्ना को बुल्वों चुदाई करू और इस भाडू को अंदाजा भी नहीं होरविवार के दिन मेने अंकित से कहा तुम हमेशा बहार से पीकर आते हो आज तुम घर पर ही पियो में तुम्हारे सलाद का इंतजाम करती हु अंकित को तो मोका चाहिए था वो शुरू हो गया जब वो हाफ सेज्यादा रम पि चूका और नशा उसके सर चड़कर बोलने लगा ,तो मेने कहा राजा एसे तो रोज कहते हो की तुझे लोडा खिलाऊंगा आज खिलाओ तो मानू,अंकित नशे में तो था ही उसने कहा में अभी मुन्ना को बुलाता हूँ और उसने तुरंत मुन्ना को फोने लगा दिया और उसे घर पर बुला लिया
मेरी चूत ने तो मुन्ना का नाम सुनते ही पानी छोड दिया में तुरंत कमरे में चली गयी मेने नयी ब्रा पहनी नयी पेंटी पहनी और नया सलवार सूट पहन लिया में आज मुन्ना को एसा रिझाना चाहती थी की हमेशा मेरी चूत का दीवाना हो जाये
थोड़ी देर में काल्ल्बेल्ल बजी में समझ गयी की मुन्ना आ गया ,में कमरे में रही में साँस रोक कर इंतजार करती रही की अंकित कब मुझे बुलाते हें और मुन्ना को केसे मुझे े के लिया कहते हें थोड़ी देर में अंकित ने आवाज लगाई,में बहार निकली मुन्ना अंकित के सामने बेठा था ,अंकित ने मुझे आँख मारतेहुए कहा तुम कमर में दर्द बता रही थी न,ये मालिश कर सारा दर्द दूर कर देते हें
मेने मुन्ना को देखा उसकी आँखों में वासना के लाल लाल डोरे साफ दिख रहे थे,असल में अंकित ने उसे ये कहा था की वो अपनी बीबी को उस से चुदवाना चाहता हें लेकिन उसकी बीबी तेयार नहीं होगी इसलिए वो कमर दर्द दूर करने के बहाने उसे भेजेगायानि हम तीनो जानते थे की होगा क्या लेकिन तीनो अपना नाटक कर रहे थे
मुन्ने ने मुझे दीवान पर लेटने को कहा में पेट के बक लेट गयी, मुन्ना ने मेरी कमर पर हाथ रख दिया और होले होले उसे दबाने लगा मेरी तो जान ही निकल गयी में तो चाहती थी ये भाडू कमर क्या दबा रहा हें ये तो मेरी गांड सहलाये जेसे मुन्ना ने मेरे दिल की बात भाप ली उसके हाथ अब मेरी कमर से हट गए और वो मेरे चुत्डो को दबाने लगा ,हाय पहली बार कोई मर्द मेरे चुत्डो को दबा रहा था में तो उतेजना में मरी जा रही थी
मेने सोचा इसे तो काफी समय ख़राब हो जायेगा ,मेने अंकित से कहा मुझे तुम्हारा सामने शर्म आ रही हें में अंदर बेडरूम में जाकर अपनी कमर दबवा लेती हूँ अंकित तो नशे में था उसने हाँ भर दी में मुन्ना को लेकर बेडरूम में चली गयी और अंदर जाकर कुण्डी लगा ली में अंदर जाते ही मुन्ना से चिपट गयी मुन्ना मेरी भावना समझ गया उसने मुझे बांहों में भर लिया और मुझे चूमने लगा उसके होठ मेरे होठो पर थे उसके हाथ मेरी गांड सहला रहे थे उसका लंड कपड़ो में ही खड़ा होकर मेरी चूत का दरवाजा खटखटा रहा था
कुछ देर हम दोनों एक दूसरे को देखते रहे, फिर मैंने अपने होंट उसके होंटों से मिला दिए और चूसने लगी । करीब दस मिनट तक उसने भी मेरा साथ दिया। चूसते-चूसते उसका एक हाथमेरी चूचियों को और दूसरा हाथमेरी गांड को सहलाने लगा।उसका लंड पैंट के अंदर तूफान मचा रहा था, ऐसा लग रहा था कि पैंट फाड़ कर बाहर निकल आएगा।