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साली की कुंवारी चूत का काम तमाम

… : अनिल … , में आप सभी डॉट कॉम के चाहने वालों के लिए अपनी एक और नई सच्ची सेक्स घटना को लेकर आप तक पहुंचा हूँ जिसमें मैंने अपनी हॉट सेक्सी साली को चोदकर अपने लंड को और उसकी चूत को भी शांत किया और अब में उस कहानी को सुनाना शुरू करता हूँ। मुझे उम्मीद है कि मेरी यह कहानी सभी पढ़ने वालों को जरुर पसंद आएगी। मेरी शादी को पूरे सात साल हो गए है और मेरी अच्छी किस्मत से मुझे पत्नी भी बहुत अच्छी गोरी, सुंदर मिली है मेरी पत्नी का व्यहवार बहुत अच्छा है। उसके साथ मेरी बहुत अच्छी बनती है और हम दोनों का वो समय बहुत अच्छे से निकल रहा था। मुझे उसकी तरफ से ना तो घर के किसी कामो की और ना ही सेक्स जैसी किसी बात की चिंता नहीं थी। में जब भी मेरी इच्छा करती उसके साथ बहुत जमकर चुदाई के मज़े लेता और वो मेरा हमेशा बहुत साथ देती, क्योंकि उसको भी मेरे साथ अपनी चुदाई में बड़ा मस्त मज़ा आता। मुझे शुरू से ही सेक्स का बहुत शौक रहा है इसलिए में उसकी हमेशा जमकर चुदाई करता, जिसकी वजह से हम दोनों बहुत ख़ुशी अपना जीवन बिता रहे थे। अभी कुछ समय से में मेरी पत्नी की चचेरी बहन को लेकर बहुत उत्साहित रहता हूँ। वो एक अच्छे प्राइवेट कॉलेज से मेडिकल के आखरी साल की पढ़ाई कर रही थी और वो दिखने में बड़ी ही सुंदर उसका दूध जैसा गोरा रंग, सुराही जैसी गर्दन, नरम गुलाबी रसभरे होंठ, हॉट सेक्सी बदन, उस पर बड़े आकार के एकदम गोलमटोल उभरे हुए बूब्स, पतली कमर उसके नीचे उसके वो बड़े बड़े कूल्हे, उसकी लम्बाई करीब 5.5 इंच। उसको एक बार देखने वाले भी गश खाकर नीचे गिर जाए या यह कहे कि बुड्ढे का लंड भी उसको एक बार देखकर तनकर खड़ा हो जाए, क्योंकि उसके वो बूब्स बड़े आकार के होने की वजह से हमेशा उसके बड़े गले के कपड़ो से बाहर उभरे हुए नजर आते और वो बाहर आने को हमेशा तैयार रहते और उसके वो कूल्हे बड़ा ही कहर बरसाते थे। मेरी और उसकी एक दूसरे से बहुत बनती थी। पहले पहले हम दोनों के बीच दो मतलब के और सेक्सी चुटकले से इन सभी की शुरुआत हुई और अब तो हमारे बीच की वो बात इतना आगे तक पहुंच गई है कि में उसके मेरे घर पर आने का इंतज़ार हमेशा करता रहता हूँ।उसका नाम गुड़िया है। गुड़िया और में एक दूसरे से बहुत सी बातें हँसी मजाक भी किया करते और हम दोनों हर कभी अपनी कुछ प्राइवेट बातें भी एक दूसरे से किया करते थे और वो हमेशा मुझे यह बात जानने की कोशिश किया करती थी कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं? और में हमेशा उससे उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछता था और थोड़े दिन ऐसे ही निकल गये। फिर मैंने गुड़िया में अब पहले से ज्यादा बदलाव देखा था, क्योंकि वो और में अब एक बहुत अच्छे दोस्त बन गये थे। मेरे मन में तो पहले से ही गुड़िया के बारे में बड़े हॉट सेक्सी विचार थे और मेरे मन में हमेशा उसकी मस्त मजेदार चुदाई के विचार आते थे, लेकिन वो मेरी पत्नी की बहन है यह बात में मन ही मन में सोचकर अपने आपको हमेशा रोक लिया करता था, लेकिन जब कभी शाम या रात को हम दोनों घर में अकेले होते थे तब मेरा लंड उसकी चुदाई के इरादे से ही तनकर खड़ा हो जाता था और में अपने लंड को अपने हाथों से हिलाकर अपनी आग को शांत किया करता था।फिर उस दिन भी गुड़िया अपने होस्टल से हमारे घर पर आई हुई थी और मेरी अच्छी किस्मत से उस दिन घर पर मेरे अलावा और कोई भी नहीं था, में पूरे घर में एकदम अकेला था। तो उसका गोरा रंग और वो आकर्षक बूब्स मुझे देखकर बिल्कुल बेचैन कर रहा था और में बस अब उसकी तरफ से हाँ का इंतज़ार कर रहा था, लेकिन वो एकदम शांत हर दिन की तरह थी, उसको भी अब शायद ही मेरे मचलते इरादों का अहसास हो रहा था और में वो बातें सोच सोचकर बड़ा ही गरम हो रहा था, क्योंकि गुड़िया अब मेरे इतना करीब थी, लेकिन फिर भी में अपने आप को किसी तरह काबू में किए हुए था।अब मेरा मन तो कर रहा था कि में उसको उसी समय अपनी गोद में बैठाकर उसकी एक मस्त पप्पी ले लूँ और उसके कपड़ो को उठाकर उसकी चूत को चूस लूँ अपनी जीभ से उसकी चुदाई कर दूँ और आज उसने सलवार कमीज पहन रखी थी और काले रंग के नीचे गहरे लाल रंग सलवार पहनी हुई थी। सलवार के अंदर से उसकी पेंटी और सब कुछ मुझे साफ साफ दिख रहा था और वो बड़ी ही मस्त गजब की सुंदर लग रही थी। उसका वो गोल गोरा चेहरा और चमकीली चिकनी त्वचा, पतली कमर और उसके बूब्स का आकार करीब 34-26-36 होगा, उसके उभरे हुए गोरे सेक्सी बूब्स को देखकर मेरी लार टपकने लगी थी और में अब तक गुड़िया के उस आकर्षक गरम जिस्म को देखकर बड़ा मस्त हो चुका था और अब में मन ही मन उसके उस सेक्सी बदन के साथ खेलने और उस मौके का पूरा पूरा फायदा उठाना चाहता था। फिर में थोड़ी सी हिम्मत करके आगे बढ़ गया और मैंने उसको उसी समय अपनी बाहों में लेकर बोला कि आज तो में तुम्हे बहुत ज़्यादा मस्त मज़ा दूँगा और उससे इतना कहकर मैंने उसके नरम गुलाबी होंठो पर अपने होंठ रख दिए और उस समय उसके वो दोनों बूब्स मेरी छाती से दबकर मुझे महसूस हो रहे थे, लेकिन उसके बाद मेरे साथ वो हुआ जिसके बारे में मुझे बिल्कुल भी विश्वास नहीं था। में उसके मुहं से वो बातें उसका जवाब सुनकर बड़ा आश्चर्यचकित हुआ और अब आप भी सुनिए उसने मुझे क्या कहा? वो बोली कि जीजाजी तो इतने दिनों से आप मुझे इतना क्यों तड़पा रहे थे, मुझे क्या पता था कि यह आग हम दोनों में बराबर लगी हुई है। उसके मुहं से यह जवाब वो शब्द सुनकर मैंने उसके होंठो को ज़ोर ज़ोर से चूस लिया और वो अब मेरे साथ वो मज़ा लेकर बड़ी मस्त हुई जा रही थी, जिसकी वजह से कुछ देर बाद हम दोनों पूरी तरह से गरम होकर जोश में आ गए। तो मैंने उसको अपनी गोद में उठाकर अपने कमरे में ले जाकर बेड पर एकदम सीधा लेटा दिया मेरे ऐसा करने से गुड़िया थोड़ा सा सकपका गयी और वो अपने मुहं से कुछ बोल नहीं सकी और फिर मैंने दोबारा उसके होंठो को अपने होंठो से बंद जो कर दिए थे, में उसके होंठो का रस चूसकर मज़े लेने लगा था और कुछ देर बाद जैसे ही मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर से हटाए तो वो मुझसे कहने लगी कि जीजू आप बहुत अच्छे हो, लेकिन मुझे अब बहुत डर लग रहा है कि अचानक से कोई आ गया तो क्या होगा हम क्या करेंगे? अब मैंने उससे कहा कि तुम इन बातों को सोचकर हम दोनों का बिल्कुल भी समय बर्बाद मत करो, क्योंकि तुम्हारी दीदी को यह बहुत अच्छी तरह से पता है कि तुम आज यहाँ पर आने वाली हो तभी वो मुझे यहाँ पर छोड़कर दोनों बच्चो के साथ बाज़ार गई है और अब वो दो तीन घंटे से पहले नहीं आने वाली इसलिए तुम बस मेरे साथ मज़े लो, मेरे ऊपर उसके जिस्म का नशा धीरे धीरे चढ़ता ही जा रहा था और मेरे साथ साथ वो भी उस मस्ती में मस्त हुई जा रही थी। अब मैंने उसको अपनी गोद में किसी छोटे बच्चे की तरह ले लिया था और में अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स के साथ खेल रहा था, वो बड़ा अच्छा अनुभव था।फिर मैंने उसकी ब्रा के बाहर से उसके टाइट बूब्स पर अपने हाथ को गोल गोल घुमाना शुरू कर दिया तब मुझे महसूस हुआ कि उसके बूब्स गोलमटोल होने के साथ साथ बड़े ही मुलायम भी थे और कुछ देर बाद ही मैंने उसकी ब्रा के बाहर से उसके एक बूब्स के निप्पल को पकड़कर मरोड़ दिया, जिसकी वजह से तो गुड़िया के मुहं से दर्द की वजह से वो चीख निकल पड़ी, वो मुझसे कहने लगी आईईईईइ जीजू आप यह क्या करते हो? ज़रा प्यार से करो और वो मस्ती से अपने सर को पटकने लगी थी। फिर उसके बाद में अपने एक हाथ से उसकी गोरी कमर पर गुदगुदी करने लगा था, जिसकी वजह से उसकी मस्ती और जोश दोनों ही बढ़ गए थे और वो मेरी गोद में ही अपने हाथ पैर मारते हुए मस्ती में छटपटाकर मचलने लगी थी। में उसको वैसे ही लगातार गुदगुदी करता रहा और तभी मैंने अपना एक हाथ सही मौका देखकर उसकी पेंटी के अंदर डाल दिया और अब में उसकी चूत पर अपने हाथ को फेरने लगा था। मुझे उसकी चूत के आस पास हाथ फेरना, चूत की मसाज करना और वहां पर गुदगुदी करना कुछ देर जारी रखा, तो अब गुड़िया के जोश में आने की वजह से उसके मुहं से सिसकियाँ निकालने लगी थी और वो बिल्कुल पागल हो चुकी थी, उसके मुहं से उम्म्म्ममम आह्ह्हह्ह्ह आईईईई प्लीज चोद दो जीजू अब आप मेरी इस कामुक चूत को और इसको शांत कर दो ऊफ्फफ्फ्फ्फ़ मुझसे अब ज्यादा रुका नहीं जाता इसने मुझे बड़ा परेशान किया है।फिर मैंने गुड़िया को कहा कि मेरी रानी में आज तुम्हारा सारा काम पूरा कर दूंगा चलो अब तुम पहले अपने जीजू के लंड के साथ खेलो और इसके मज़े लेकर देखो और मेरे मुहं से यह शब्द सुनकर उसने तुरंत ही मेरा लंड अपने हाथ में थाम लिया और वो उसको हिलाने लगी थी। उसके मुलायम हाथ मेरे लंड पर ऊपर नीचे हो रहे थे और मेरे बदन में तो वैसे ही आग लगी हुई थी। वो लगातार मेरा लंड हिला रही थी और लंड को हिलाते हिलाते उसने अपनी जीभ को मेरे पेट के ऊपर रख दिया और वो हल्के से चाटने लगी थी। फिर कुछ देर बाद उसने मेरे लंड को अपने दोनों बूब्स के बीच में पकड़ा और वो उसको हिलाने लगी थी। में भी उसके साथ साथ अपने लंड को ऊपर नीचे करता रहा, जिसकी वजह से हम दोनों को ही बहुत मस्त मज़ा आ रहा था और मेरा लंड उसके दोनों बूब्स के बीच में दबकर मुझे वो मज़ा दे रहा था, जिसको में किसी भी शब्दों में लिखकर आप सभी को नहीं बता सकता कि में उस समय क्या महसूस कर रहा था? और अब उसके वो रेशमी मुलायम बाल मेरे पेट के ऊपर थे और वो हिल रहे थे, जिसकी वजह से मुझे गुदगुदी हो रही थी और मेरे मुहं से अब उम्म्म आह्ह्हह्ह निकल रही थी। उसके साथ साथ में भी पूरे जोश में था।…फिर उसने मेरे लंड को अपने मुहं में भर लिया था आहह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ गुड़िया अब मस्ती में आकर मेरे लंड को पागलों की तरह चाटने और चूसने लगी थी उम्ममम्म वो मेरे लंड को अपने मुहं में हिला रही थी और साथ में वो लंड को चाट भी रही थी, बड़े मज़े से चूस भी रही थी और वो पूरी तरह से पागल हो चुकी थी आहहह्ह्ह वाह वो क्या मस्त हसीन अनुभव था उम्म्म और अब ज्यादा ज़ोर से उसकी चूत की खुजली भी बढ़ने लगी थी। वो मेरे साथ से अपने जोश की वजह ज़्यादा देर तक तक बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने पूरी मस्ती में आकर अपनी पेंटी को अपने आप ही उतार दिया था। तब मैंने देखा और में उसको अपनी चकित आखों से देखता ही रह गया, क्योंकि उसकी चूत बड़ी ही मस्त उभरी हुई थी और वो एकदम गुलाबी, गोरी, चिकनी चमकीली और कामुक थी। उसको देखकर मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि वहाँ पर पहले कभी कोई बाल था ही नहीं, वैसे ही उसके पूरे बदन की त्वचा भी बड़ी ही चिकनी और गोरी थी और उसके जो कुछ थोड़े बहुत झांट के बाल भी थे, वो भी बिल्कुल भूरे रंग के थे और उसकी उस चूत को देखकर तो उसकी उम्र भी मुझे 15-18 साल की सी लग रही थी। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब मैंने गुड़िया के दोनों बूब्स को सहलाना शुरू किया, जिसकी वजह से उसके दोनों निप्पल तनकर खड़े हो गए और में अपने हाथ को गोल गोल घुमाकर अच्छे से मसाज करने लगा था। उसके बाद मैंने उसके गोरे मुलायम पेट पर हाथ फेरना शुरु किया और उसकी गहरी नाभि में अपनी ऊँगली को डालकर दो चार बार अंदर बाहर किया जिसकी वजह से वो सिसकियाँ लेने लगी थी और मेरे साथ साथ वो भी बहुत जोश में थी। अब मैंने वो सब काम छोड़कर उसके दोनों पैरों को पूरा फैला दिया और नीचे आते हुए उसकी चूत में अपनी जीभ से पहले चूत के आसपास चूमना शुरू किया। उसके बाद मैंने चूत को अपने एक हाथ से खोलकर उसमे अपनी जीभ को डाल दिया था और अब में उसको अपनी जीभ से चाटने के साथ साथ चूसने भी लगा था। वाह क्या मस्त मज़ा मुझे उसके साथ यह सब करने में आ रहा था। में अपनी जीभ से उसकी चूत के दाने को टटोलने लगा था और उसकी चूत का वाह क्या मस्त मजेदार नमकीन स्वाद था और वैसे भी उसकी चूत अब बहुत गीली हो चुकी थी, इसलिए मुझे चाटने में और भी ज्यादा मज़ा आ रहा था।अब गुड़िया तो बिल्कुल पागल हो चुकी थी और उसके मुहं से अब आह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ हाँ और चाटो मेरी चूत को आफ्फ्फ्फ़ हाँ पी जाओ इसका आज सारा रस आईईईईइ जीजू मेरी जान में इसकी वजह से लगता है कि पागल ही हो जाउंगी आईईईई। उसके साथ ऐसा इसलिए हो रहा था, क्योंकि आज पहली बार किसी मर्द ने उसकी चूत को ऐसे चाटा था। वो ऊऊईईईई आऊऊऊ जीजू उम्म्म कर रही थी और में उसकी चूत को भी और ज़ोर से चाटने लगा उम्म्म आह्ह्ह, अब में ऊपर आ गया और फिर में उसकी चूत में अपनी उंगली को डालकर आगे पीछे करने लगा था, जिसकी वजह से तो वो पागल हो गयी। अब वो मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर उसको चाट और चूस रही थी और उसने लंड को अपने मुहं में पूरा अंदर ले लिया था, अब हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गए थे और वो मेरे लंड को लोलीपोप की तरह चूस रही थी और में उसकी चूत को चाट रहा था, जिसकी वजह से वो अब पूरी तरह से पागल हो चुकी थी आहह्ह्ह वाह क्या मस्त अनुभव था उम्म्म वो और भी ज़ोर से मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर चूसने लगी थी।फिर मैंने उससे बोला कि गुड़िया अब तुम मेरे इस लंड को अपने मुहं से बाहर निकाल दो, क्योंकि मेरा लंड अब झड़ने वाला है, लेकिन उसने तो उसको और भी ज़ोर से लंड को अपने मुहं में दबा लिया था। वो और भी ज़ोर से आगे पीछे करके चूसने लगी थी अहह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ और तभी उसी समय मेरा लंड उसके मुहं में ही झड़ गया, जिसकी वजह से मेरे लंड का पूरा वीर्य उसके मुहं में भर गया और थोड़ा सा बाहर निकलकर उसके होंठो पर और गालों पर बिखर गया था, उसकी उस हालत को देखकर बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि वो पहली बार अपनी चुदाई करवा रही है। फिर मैंने अब उससे पूछा कि तुमने यह सभी काम इतनी अच्छी तरह से करना कहाँ से सीखा, तुम्हे इसका बहुत अच्छा अनुभव है? तब वो कहने लगी कि में अपने होस्टल में जब भी मन करता है सेक्सी फिल्म देखने लगती हूँ और वहीं से मुझे इतना सब सीखने और करने का अच्छा अनुभव मिला है। फिर इतना कहकर वो करीब दस मिनट तक वैसे ही मेरे लंड को चूसती रही जिसकी वजह से मेरे लंड में एक बार फिर से जान आ गई और इसलिए मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा होकर फनफनाने लगा था और अब मैंने उसको नीचे एकदम सीधा लेटा दिया और उसके दोनों पैरों को पूरा फैला दिया था।फिर वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज जीजू धीरे धीरे करना, क्योंकि तुम्हारा लंड बहुत मोटा है और आज में पहली बार किसी का लंड अपनी चूत में ले रही हूँ मुझे इसका इतना अच्छा अनुभव नहीं है यह सब आपके ऊपर टिका हुआ है और आप ही मेरे दर्द का ध्यान रखकर मुझे वो मज़े देना। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है मेरी रानी, तुम इसकी बिल्कुल भी चिंता मत करो, में हूँ ना तुम्हारे साथ मुझे चुदाई करने का बहुत अच्छा अनुभव है, देखो तुम्हारी दीदी मेरी चुदाई से कैसी खुश होकर मेरे साथ रहती है और उससे इतना कहकर उसकी चूत की गुलाबी पंखुड़ियों को अपने एक हाथ से फैला दिया था और फिर मेरा मोटा 6 इंच का लंड मैंने उसकी चूत के मुहं पर रख दिया और एक धीरे से झटका दे दिया, जिसकी वजह से उसको हल्का सा दर्द हुआ और वो एकदम धीरे से चीखी आह्ह्हह्ह ऊउईईईइ। अब मेरे लंड का टोपा उसकी चूत के होंठो को खोलता हुआ अंदर जा चुका था और अब मैंने उसके मुहं पर अपना एक हाथ रख दिया और फिर मैंने दूसरी बार इतना ज़ोर से झटका मारा कि अब मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और वो बहुत ज़ोर से चीखने का प्रयास कर रही थी, लेकिन मेरा हाथ उसके मुहं पर था, इसलिए उसकी आवाज़ मुहं के अंदर ही दब गयी और वो अब दर्द से छटपटा रही थी, इसलिए में उसका दर्द देखकर कुछ देर वैसे ही रहा और अब मैंने देखा कि उसकी चूत में मेरा पूरा लंड जा चुका था और में उसको धीरे धीरे धक्के देकर े लगा था, लेकिन कुछ देर बाद अब उसको भी मज़ा आ रहा था, इसलिए गुड़िया बोली कि मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने उसको अभी तक नहीं बताया था कि उसकी चूत से खून भी अब बाहर आ रहा था और मुझे इस बात की बहुत ख़ुशी थी कि आज मैंने उसकी कुंवारी चूत को पहली बार चोदकर अपने लंड को उसकी सील को तोड़ने का मौका दिया था।फिर वो मुझसे कहने लगी आईईई आज में पहली बार तुम्हारा यह लंड ले रही हूँ प्लीज मेरा ध्यान रखना इतना कहकर उसने धीरे धीरे झटके लगाने शुरू किए और वो अब जोश में आ रही थी। उसको बड़ा मज़ा आ रहा था आहह्ह्ह उम्म्म्म अब चोदो मुझे फाड़ डालो आज तुम मेरी चूत को आह्ह्ह अनिल जीजू मेरे राजा आईईईई आहह्ह्ह आज आप फाड़ दो मेरी इस चूत को ऊऊईईईईईई चोद डालो अपनी इस साली को, फाड़ डालो उसकी चूत को उम्मम् आहह्ह्ह। फिर उसकी वो बातें सुनकर मेरा जोश पहले से ज्यादा बढ़ रहा था और में अब उसको अपनी तरफ से ज़ोर ज़ोर से झटके देने लगा रहा था और वो मुझसे वैसे ही ताबड़तोड़ धक्के लगाने के लिए कह रही थी। में धक्के लगाता रहा और अब वो मुझसे कहने लगी हाँ जीजू आप ऐसे ही ज़ोर से धक्का लगाओ ना आअहह तेज और ज़ोर से धक्का दो इससे आज मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है मुझे अपने दर्द की बिल्कुल भी चिंता नहीं है, आप ऐसा ही धक्का दोबारा लगाओ, जल्दी से जीजू प्लीज तेज़ी से धक्के लगाओ एम्म्म आआहह हाँ और ज़ोर से हाँ और भी तेज़ म्‍म्म्मम वाह मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है। अब में अपने लंड को और भी ज़ोर से उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा था और वो भी अब अपने कूल्हों को उठा उठाकर अपनी चूत को मेरे लंड से रगड़वा रही थी।अब में उसके बूब्स को दबाता हुआ और निप्पल को भी मसलता जा रहा था और कभी कभी तो जोश में आकर मैंने उसके दोनों बूब्स को अपनी पूरी ताक़त से दबाकर मसल देता, लेकिन उसके बूब्स जोश में इतने टाइट हो गये थे कि वो अब एकदम पत्थर से लगने लगे थे, लेकिन मैंने भी उनको ऐसा मसला कि मेरी उस साली की हालत खराब हो गयी। एक तो उसकी चूत वैसे ही मेरे लंड के धक्को से फट रही थी और ऊपर से में उसके निप्पल को भी अपने पूरे दम से मसल रहा था, जिससे उसकी अब मस्ती के साथ दर्द की वजह से इतनी ज़ोर से एक चीख निकली कि में उसको सुनकर डर सा गया कि कहीं पड़ोस में किसी को पता ना चल जाए, हम दोनों के अलावा अगर कोई और भी वहाँ पर होता तो वो भी उसकी चीखे सुनकर तुरंत समझ गया होता कि आज उसकी जबरदस्त मज़ेदार ठुकाई चल रही है। अब में गुड़िया के दोनों कूल्हों को पकड़कर अपने लंड को उसकी चूत के अंदर पूरा डालकर उसको तेज धक्के देकर चोद रहा था करीब दस मिनट के बाद मैंने महसूस किया कि वो अब झड़ चुकी थी क्योंकि मुझे उसकी चूत में कुछ गीला सा महसूस होने लगा था, जिसकी वजह से अब वो धीरे धीरे शांत होने लगी थी, लेकिन उसको मेरा वैसे ही झटके लगाना अब भी चालू ही था और करीब 10 मिनट के बाद वो फिर से जोश में आ गई। अब वो मुझे धक्को में अपना साथ देने लगी थी और में उसको चोद रहा था करीब दस मिनट के धक्को के बाद अब मेरा लंड भी झड़ने को था। मैंने उससे यह कहकर पूछा कि इसको में कहाँ निकालूं? तो वो मुझसे बोली कि आप मेरी चूत में ही अपने लंड का पानी निकाल दो में उसको अपने अंदर महसूस करना चाहती हूँ।फिर मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी चूत की गहराइयों में अपने धक्को के साथ छोड़ दिया आहहहह वाह मुझे भी ऐसा करने में बहुत मज़ा आया और गुड़िया भी उसके चेहरे से मुझे बहुत खुश नज़र आ रही थी, क्योंकि हम दोनों वो चुदाई का खेल पूरा खत्म कर चुके थे, जिसकी वजह से उसको बहुत आनंद आ रहा था। फिर हम दोनों अलग होकर एक एक करके बाथरूम में चले गए और उसके बाद हमने अपने अपने कपड़े पहन लिए और कुछ देर बाद मेरी पत्नी बच्चे भी आ गए, मैंने देखा कि दूसरे दिन भी वो बहुत खुश नज़र आ रही थी, क्योंकि मैंने उसकी बहुत जामकर चुदाई कि जिससे में भी खुश था। यह था मेरा वो सच्चा सेक्स अनुभव मेरी साली के साथ ।।धन्यवाद ……