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सुहागन गर्लफ्रेंड ने चूत का दरवाजा दिखाया

… : बबलू … , मेरा नाम बबलू है और में आगरा का रहने वाला हूँ। आप लोगों की तरह में भी डॉट कॉम का पिछले कुछ सालों से लगातार कहानियों को पढ़कर मज़े लेता आ रहा हूँ और ऐसा करने में मुझे बहुत मज़ा आता है और आज में अपना भी एक सच्चा सेक्स अनुभव आप सभी को बताने आया हूँ जिसके बाद मेरा पूरा जीवन बिल्कुल बदल गया। यह घटना मेरी गर्लफ्रेंड के साथ हुई उसकी चुदाई के ऊपर आधारित है और अब में अपनी उस कहानी को शुरू करता हूँ। यह बात आज से कुछ साल पहले की है जब में मार्केट में कुछ खरीद रहा था, तभी किसी ने मुझे पीछे से आवाज दी, जिसको सुनकर अचानक से में वहीं रुक गया और जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वहाँ नेहा खड़ी हुई थी। वो बहुत सुंदर लग रही थी और उसने अपने हाथों में बहुत सारी चूड़ियाँ पहनी हुई थी, गले में उसके मंगलसूत्र और मांग में सिंदूर भी उसके लगाया हुआ था, जिसको देखकर साफ पता चलता था कि वो एक शादीशुदा है। में अपनी आज की इस कहानी को शुरू करने से पहले नेहा के बारे में बता दूँ, नेहा मेरी गर्लफ्रेंड थी और अभी करीब 6 महीने पहले ही हमारा ब्रेकअप हुआ था। ब्रेकअप क्या? उसने कहीं और शादी कर ली थी, जिसके बारे में मुझे भी बाद में पता चला और यह काम इतना जल्दी हुआ कि मुझे कुछ भी सोचने समझने का मौका ही नहीं मिला, इसलिए में अपनी गर्लफ्रेंड के इस बिना बताए कदम की वजह से बहुत दुखी था और में करता भी क्या? उसको अपना नया घर मिल चुका था, लेकिन में अब अकेला रह गया था। नेहा एक सुंदर और बोल्ड 24 साल की सेक्सी लड़की थी और उसके साथ मेरा करीब एक साल तक अफेयर चला और इस बीच किस करना तो एक आम सी बात हो गयी थी और हम दोनों घंटो पास वाले पार्क में बैठे एक दूसरे को चूमते रहते और में उसकी शर्ट में हाथ डालकर उसके बूब्स को दबाता रहता और वो मेरी पेंट की चेन को खोलकर मेरे लंड से खेलती रहती और हम लोग कभी पिक्चर भी देखने जाते तो हमारे बीच बस यही सब होता था और एकदम आखरी की सीट पर वो मुझसे बिल्कुल सटकर बैठ जाती और में उसके गले से हाथ डालता हुआ उसकी शर्ट के अंदर डालकर पूरे तीन घंटे उसके बूब्स को मसलता रहता और वो मेरी जेकेट को मेरी गोद में रखकर उसके नीचे से हाथ डालकर मेरी पेंट की चेन को खोलकर मेरे लंड को बाहर निकाल लेती और पूरे तीन घंटे वो उससे खेलती रहती। फिल्म तो हम नहीं देख पाते थे, लेकिन इस ओरल सेक्स का हम बहुत मस्त मज़ा लेते थे और में उसके बूब्स को सहलाता और मसलता, जिसकी वजह से उसको बहुत मज़ा आता था और में तो कई बार उसके हाथ में ही झड़ जाया करता था। फिर हमारे ब्रेकअप तक हम दोनों ने सिर्फ़ ओरल सेक्स ही किया था, चुदाई नहीं, क्योंकि हमें चुदाई करने का कोई अच्छा मौका नहीं मिला और अचानक मुझे एक दिन पता चला कि उसने कहीं और शादी कर ली है और उसकी शादी हो जाने की वजह से वो मुझे अकेला छोड़कर चली गई। बस वो उसके बाद मुझे कभी दोबारा नहीं मिली। तो यह थी हमारी एक छोटी सी कहानी जो सरकारी मकान में शुरू हुई थी। हम लोग नीचे की मंजिल पर और वो पहली मंजिल पर अपनी बुआ के यहाँ रहती थी। उस दिन नेहा को अपने सामने देखकर एक बार को तो मुझे बड़ा गुस्सा आया और मेरा मन किया कि में उसके साथ बहुत जमकर लड़ाई करूं और उससे पूछूँ कि उसने मेरे साथ ऐसा क्यों किया, लेकिन फिर मैंने अपने पर कंट्रोल रखते हुए उससे उसका हाल चाल पूछा और उसने मेरा हाल पूछना शुरू किया। फिर बातों ही बातों में मुझे पता चला कि शादी के बाद वो यहीं पास में कहीं नौकरी कर रही है और उसने मुझे अपना फोन नंबर भी दे दिया और मेरा नंबर भी ले लिया। फिर कुछ देर बातें करने के बाद हम दोनों वापस अपने अपने रास्ते पर चल पड़े। फिर दो दिन के बाद सोमवार के दिन मुझे नेहा की तरफ से एक मैसेज आया, जिसमें लिखा हुआ था कि बबलू क्या तुम मुझे आज मिल सकते हो? तो मैंने भी तुरंत अपनी तरफ से एक मैसेज लिखकर उसको हाँ कह दिया और फिर 11 बजे हम लोग एक रेस्टोरेंट में जाकर मिले। फिर उसने मुझे बताया कि वैसे तो उसकी सोमवार के दिन छुट्टी होती है, लेकिन आज वो अपने घर पर झूठ बोलकर सिर्फ़ मुझसे मिलने यहाँ पर आई है। अब मैंने उससे पूछा क्यों ऐसी क्या ज़रूरी बात है? तो उसने कहा कि यहाँ बहुत शोर है में तुमसे कहीं अकेले में आराम से बैठकर बात करना चाहती हूँ, तो मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है हम उसी पार्क में अपनी पुरानी जगह पर चलकर बैठते है।फिर वो बोली कि नहीं, वहाँ कोई भी मुझे देखकर पहचान सकता है, तुम मुझे अपने घर ले चलो और फिर वहाँ से हम दोनों मेरे घर आ गए और घर का ताला खोलकर हम अंदर आए और उसके बाद मैंने दरवाजा वापस बंद कर लिया। फिर वो सर्दियों के दिन थे, इसलिए मैंने रूम हीटर चला दिया और हम मोटरसाइकिल पर घर आए थे, इसलिए अब उसको ठंड लग रही थी और उस रूम हीटर से उसको कुछ गरमाहट सी आ गई और अब वो अपनी शॉल को उतारकर बिल्कुल आराम से बैठ गयी, बहुत देर तक हम दोनों के बीच खामोशी रही और में तो सिर्फ़ उसको देखे ही जा रहा था। वो उस पंजाबी सूट में बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने ही खामोशी तोड़ी और में उससे पूछने लगा हाँ बोलो क्या बात करनी है तुम्हे मुझसे? वो अचानक से उठी और मेरे गले से लगकर रोने लगी और वो मुझसे कहने लगी कि बबलू तुम मुझे माफ़ कर दो, मैंने हम दोनों का जीवन खराब कर दिया, पता नहीं मुझे उस समय क्या हो गया था। मुझे ऐसा नहीं करना था, यह सब मेरी गलती है? करीब 15 मिनट तक बहुत रोने के बाद मैंने उसको पानी पिलाया तब जाकर वो थोड़ा सा शांत सी हुई, लेकिन इस बीच वो मुझसे लिपटी रही और बहुत दिनों के बाद उसका स्पर्श पाकर मुझे भी अच्छा लग रहा था। फिर वो मुझसे बोली कि बबलू मेरे एक ग़लत निर्णय की वजह से तुमने बहुत कुछ सहा होगा, में आज उसका हर्जाना भरना चाहती हूँ और में तुम्हे कुछ देना चाहती हूँ। ये कहानी आप डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब मैंने उससे कहा कि मुझे कुछ नहीं चाहिए और उसी समय वो अपना शॉल उठाकर वॉशरूम में चली गयी और जब वो बाहर आई तो मैंने देखा कि उसने शॉल को अपने शरीर पर लपेटा हुआ था। उसने रूम में आकर लाइट को बंद कर दिया। वैसे तो वो दिन का समय था, इसलिए मुझे थोड़ा थोड़ा सा नज़र तो आ ही रहा था, मैंने उससे पूछा क्या हुआ? तो उसने मेरे पास आकर अपने उस शॉल को हटा दिया और में यह देखकर बिल्कुल दंग रह गया कि उसने पहले से ही अपने सारे कपड़े उतार दिए थे और वो अपने बदन पर सिर्फ़ शॉल को लपेटकर आई थी। उस शॉल को पूरी तरह से अपने शरीर से हटाकर वो एक बार फिर से मुझसे लिपल गयी। आप सभी लोग उस समय मेरी क्या हालत होगी, उसका अंदाज़ा लगा सकते होंगे कि एक पूरी नंगी लड़की मेरी बाहों में है, तब मेरी क्या हालत रही होगी? उस वक़्त मेरे कुछ भी दिमाग़ में नहीं आ रहा था कि सही या ग़लत क्या होता है? क्योंकि इस तरह से तो वो उन दिनों में भी मुझसे नहीं लिपटी थी, जब हमारे बीच प्यार चल रहा था। अब वो पूरी नंगी होकर मुझसे लिपटी हुई थी। फिर कुछ देर बाद उसने अपना चेहरा थोड़ा सा ऊपर उठाया और मेरे चेहरे के पास आकर धीमी आवाज में बोली बबलू में आज पूरी तरह होश में होकर तुम्हारे साथ वो सब करना चाहती हूँ जो कभी हमारे बीच अभी तक नहीं हुआ था, में तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हूँ और में चाहती हूँ कि तुम मुझे चोदकर गर्भवती कर दो और में तुम्हारे बच्चे को इस दुनियां में जन्म दूँ बस यही मेरा हर्जाना होगा और तभी मुझे भी शांति मिल पाएगी बाकी सब कुछ में संभाल लूँगी, बस तुम मुझे आज चोद दो।… वो पूरी तरह से मुझसे लिपटी हुई थी और उस समय मुझे कुछ भी नहीं सूझ रहा था कि में क्या करूं? और फिर उसने मुझे किस करना शुरू किया तो मैंने महसूस किया कि अभी भी उसके होंठ पहले की तरह एकदम वैसे ही मुलायम थे और उसका वो अंदाज़ तो मेरे लिए वैसा ही पुराना ही था। मुझे अच्छी तरह से पता था कि उसको क्या पसंद है? मैंने भी अपना मन बना लिया कि जब उसको कोई आपत्ति नहीं है तो मुझे क्यों हो? में उसका साथ देने लगा और किस करते करते उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए, जिसकी वजह से अब हम दोनों पूरे नंगे हो गये थे और पहली बार हम एक दूसरे को इस हालत में पूरा नंगा देख रहे थे। अब वो मेरा हाथ पकड़कर मुझे बेड की तरफ ले गयी और उसके बाद वो बेड पर लेट गयी और मुझे उसने अपने ऊपर लेटा लिया। फिर करीब दस मिनट तक हम किस करते रहे और में साथ में उसके बूब्स को भी दबाता रहा, जिसकी वजह से वो पूरी तरह से गरम हो गयी थी।फिर उसने मुझे अपने ऊपर से हटा दिया और बेड के साथ पीठ लगाकर बैठने को कहा, जब मैंने पूछा तो उसने मुझसे कहा कि यह सब तो हम पहले भी कर चुके है, में आज तुम्हारे साथ वो करना चाहती हूँ जो पहले कभी हमने नहीं किया। फिर में बैठ गया और वो मेरे दोनों पैरों के बीच में आकर पेट के बल उल्टी लेट गयी और अब वो मेरे लंड को सहलाने लगी और मेरा लंड उसके सहलाने की वजह से तनकर तंबू की तरह हो चुका था और फिर थोड़ी देर लंड को सहलाने के बाद उसने मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया, वाह कसम से क्या मस्त मज़ा मुझे आ रहा था, क्योंकि आज पहली बार किसी ने मेरे लंड को अपने मुहं में लिया था, इसलिए में तो ज़न्नत के मज़े ले रहा था और में मन ही मन बहुत खुश था। पहले तो उसने मेरा लंड बहुत देर तक चूसा लोलीपोप की तरह अपने मुहं से अंदर बाहर करने लगी, जिसकी वजह से जोश में आकर मेरे मुहं से सेक्सी आवाज़े निकल रही थी आह्ह्हह् ऊफफ्फ्फ्फ़ नेहा मज़ा दिला दिया तुमने तो आज कसम से, यह सब तुमने कहाँ से सीखा हाँ और करो ऊउह्ह्ह्ह मज़ा आ गया और कुछ देर बाद में उसके मुहं में ही झड़ गया।अब उसने अपनी जीभ से ही चाटकर चूसकर मेरा पूरा लंड साफ किया और उसके बाद वो मुझसे बोली कि सेक्स तो मेरा पति भी रोज़ ही करता है, लेकिन वो यह सब काम नहीं करता जो में चाहती हूँ क्योंकि मुझे लंड चूसना बहुत अच्छा लगता है और आज पहली बार मुझे तुम्हारा मोटा लंड चूसकर बड़ी शांति मिली है, तुम मुझसे वादा करो कि जब जब मेरा मन करेगा तुम मुझे अपना लंड चूसने दोगे प्लीज। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है, वो मेरे मुहं से हाँ सुनकर हंसती हुई बोली कि मुझे एक और चीज़ पसंद है और वो इतना कहकर बेड पर अपनी पीठ के बल लेट गयी और मुझे उसने अपने दोनों पैरों के बीच आने को कहा। मेरे वहाँ आते ही उसने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को थोड़ा सा फैला दिया और वो यह करने के बाद मुझसे बोली कि बबलू अगर तुम्हे सेक्स का असली मज़ा लेने है तो तुम इसको चाटो। अब में भी उसके कहने पर शुरू हो गया और मैंने अपनी जीभ से बहुत अच्छी तरह उसकी चूत की चटाई करना शुरू किया। कुछ ही देर में वो तो सातवें आसमान में उड़ रही थी और अपने मुहं से सिसकियों की आवाज़े निकाल रही थी आहह्ह्ह्ह ऊफ्फ्फ्फ़ बबलू मुझे तुम अब चोद दो फाड़ डालो तुम मेरी चूत को प्लीज मुझे गर्भवती बना दो, में तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ प्लीज ऊह्ह्ह्ह चोदो मुझे, करीब बीस मिनट अच्छी तरह उसकी चूत को चाटने के बाद मैंने महसूस किया कि वो झड़ चुकी थी।फिर उसके बाद हम दोनों ने करीब पांच मिनट का आराम किया और उसके बाद उसने मुझे अपने नीचे लेटा दिया और अब वो चुदने के लिए मेरे ऊपर आ गयी। मैंने उससे कहा कि नेहा तुम नीचे आओ में तुम्हे अच्छी तरह से चोदूंगा। फिर वो बोली कि नहीं नीचे से तो में रोज़ ही चुदाई करवाती हूँ आज में ऊपर से ा चाहती हूँ, प्लीज तुम मुझे तुम्हारे ऊपर सवारी करने दो, प्लीज यार यह सपना भी तुम मुझे आज पूरा करने दो। उसकी वो सभी बातें सुनकर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है जो आज तुम्हारा मन करे तुम वैसा ही करो और अब वो मेरे लंड के ठीक ऊपर आ गई और मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी। फिर जब मेरा लंड एक बार फिर से सरिये की तरह तन गया तो उसने अपने ही हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत का दरवाजा दिखा दिया और जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के दरवाजे से टकराया तो वो झटके से पूरी लंड के ऊपर बैठ गई और मैंने भी नीचे से एक धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से एक ही झटके से मेरा लंड पूरा का पूरा उसकी चूत में जा घुसा। वो थोड़ी देर शांति से बैठ गयी। अब मैंने उससे पूछा तो वो कहने लगी कि हर दिन मेरा पति मुझे बस एक ही तरीके से चोदता है, तो इसलिए अब मुझे उतना मज़ा नहीं आता, लेकिन आज मुझे पहली बार तुम्हारे साथ असली मज़ा आया है। फिर जब कुछ देर बाद उसका दर्द थोड़ा सा कम हुआ तो उसने मेरे ऊपर घुड़सवारी करना शुरू किया, वाह कसम से क्या मस्त द्रश्य था, मुझे ज़न्नत का मज़ा आ रहा था और वो मेरे लंड पर ज़ोर ज़ोर से ऊपर नीचे होकर सवारी कर रही थी और में उसके हिलते हुए दोनों बूब्स को पकड़े हुए था। फिर वो अपनी दोनों आखों को बंद किए मस्ती से चुदवा रही थी, करीब बीस मिनट े के बाद उसकी स्पीड अचानक ही पहले से तेज हो गई और वो मुझसे कह रही थी आह्ह्ह्ह ऊउफ़्फ़्फ़ बबलू में अब झड़ने वाली हूँ उईईई माँ। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ में भी अब झड़ने वाला हूँ, तभी उसने मुझसे कहा कि बबलू तुम मेरे अंदर ही झड़ना लंड को बाहर मत निकलना प्लीज में तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ। जोश की वजह से हम दोनों की रफ़्तार शताब्दी एक्सप्रेस की तरह बढ़ती ही जा रही थी। फिर हम दोनों ने कुछ देर बाद एक दूसरे को कसकर पकड़ लिया और दोनों एक साथ ही झड़ गये, कसम से वाह क्या आनंद था? मेरा यह अहसास हर कोई े वाला और चुदवाने वाली बहुत आराम से समझ सकती है, क्योंकि उस अहसास में एक अज़ीब सी मस्ती होती है। फिर में उसके अंदर ही झड़ गया और अपने लंड को उसकी चूत में ही डाले करीब 15 मिनट तक हम दोनों लंबी लंबी साँसे लेते रहे, कहने को तो वो सर्दियों का दिन था, लेकिन हम दोनों ही उस काम को करने की वजह से पसीने पसीने हो गये थे और जब नेहा मुझे पहली बार बाजार में मिली थी, तब वो मुझे कुछ परेशान नजर आ रही थी, लेकिन अब उसका चेहरा एकदम खिला हुआ शांत था। उसके चेहरे पर एक तरह की संतुष्टि थी और वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी। फिर कुछ देर मेरे ऊपर लेटे रहने के बाद वो मुझसे बोली कि बबलू मैंने तुम्हारे साथ वो किया है जो में अपने पति के साथ नहीं कर सकती, बस तुम आज मुझे एक यह वादा करो कि तुम हमेशा ऐसे ही मेरी ज़रूरत को पूरी करते रहोगे। फिर मैंने उससे हाँ करते हुए वादा किया और उसके बाद वो मुझसे कहने लगी कि बबलू में तुम्हारे साथ आज बिल्कुल नंगी होकर नहाना भी चाहती हूँ। फिर मैंने उससे कहा कि मुझे इस काम में कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि तुम मेरी जान हो तुम्हारे लिए में कुछ भी कर सकता हूँ और तुमने भी तो मेरे लिए आज इतना सब किया है और फिर हम दोनों खुश होते हुए बेड से उठकर सीधा बाथरूम में चले गए और हम नहाने लगे और कुछ देर नहाने के बाद मैंने उसको अपनी गोद में उठाकर वापस कमरे में लाने के बाद उसको दो बार और चोदा। एक बार मैंने उनको कुतिया वाली स्टाइल में और एक बार उसको अपने सामने सीधा खड़ा करके ही अपने लंड को उसकी चूत में डालकर तेज धक्के देकर चुदाई का असली मज़ा लिया, जिसकी वजह से वो बड़ी खुश थी, क्योंकि हर बार मैंने उसको जमकर चोदा और अपने वीर्य को मैंने उसकी चूत की गहराईयों में डाला, जिसको अपने अंदर महसूस करके उसका चेहरा ख़ुशी से खिल उठा। वो दिन क्या मस्त निकला था मेरे जीवन का मुझे मस्त मज़ा आ गया, मैंने उसको जमकर चोदा जिसमें हर बार उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया और उसको खुश देखकर में भी बहुत प्रसन्न था क्योंकि शुरू से ही में उसकी ख़ुशी में अपनी ख़ुशी को ढूंढता था। फिर वो कुछ देर बाद मुझसे सभी तरह की बहुत सारी बातें हंसी मजाक करके अपने घर चली गयी मुझे उसके जाने का जितना दुःख था, उतनी ही उसकी पहली बार चुदाई की ख़ुशी भी थी, क्योंकि मुझे आज पता चल चुका था कि वो मुझसे सच्चा प्यार करती है और आज वो मेरी हो चुकी थी। मैंने उसको पा लिया था और एक महीने बाद उसने मुझे यह खबर देने के लिए एक मैसेज किया कि वो अब गर्भवती हो चुकी है और यह बच्चा मेरी ही है जो हमारी पहली चुदाई के बाद ही इस दुनिया में आने वाला है और उसका असली बाप में था। तब उसने मुझे उस चुदाई के लिए धन्यवाद कहा और कहा कि वो बहुत ही जल्दी एक बार फिर से चुदाई का एक नया जोश लेकर मिलेगी। यही थी मेरी सच्ची चुदाई की वो घटना। आज हमारा वो बच्चा 2 साल का है और उसके पति को इस बारे में कुछ भी पता नहीं है उसको लगता है कि वो उसी का बच्चा है और नेहा आज भी कई बार मुझसे अपनी चुदाई करवाने के लिए मुझसे आकर मिलती है, क्योंकि उसको अपने पति से ज़्यादा मेरे साथ सेक्स करने में मज़ा आता है और मुझे भी उसकी चुदाई करके सुख मिलता है ।।धन्यवाद ……